@deep-yadav
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2021-12-03 07:44:38

    ज्ञांड की बाते

    1. ये भोसड़ा धर्म नहीं देखता साहब इसको तो ठोक ठोक कर जो सुजा देता है ये उसी का कायल हो जाता है।

    2.शादी के बाद पतिव्रता बनने का ख्याल दिमाग से निकाल दे वरना 20-25 साल की जवानी है वो भी एक ही लंड से निकालनी पड़ जाएगी,पति को भी नई नई औरतों का भोग करवाए ओर उसके साथ खुद भी अपनी भोसड़ी में नया नया माल डलवाए।वरना उम्र निकल जाएगी ओर बुढ़ापे में फुद्दी पकड़ के इसको कोसोगी की 2-4 का लेके ही जिंदगी निकल गई

    3.समाज की बातो पर ज्यादा ध्यान ना दे वो सिर्फ आपका दिमाग चोद सकती है आपकी चूत नहीं,उसे चोदने के लिए तो लौड़े ही चाहिए होगे।समाज आपको नेचर से जज करता है ना कि चूत में मीटर लगा के की ये कितनो से ठुकी है।

    तो यही फंडा रखो समाज को अपनी मा चुदाने दो तुम तो समाज से छुप कर मस्त अपनी बुर खुदवाओ।

    याद रखो हम सब से मिलकर ही समाज बना है,जो खोदेगा रात में तुमको, वो ना करेगा बदनाम दिन में तुमको

    4.घर को संभाले पर उसके साथ भोसड़े की भी सम्भाल रखे।ये खुश रहेगा तो दिल दिमाग खुश रहेगा ओर दिल दिमाग खुश तो घर में वैसे ही खुशी रहेगी।

    5.कोई किसी की खुदाई की चुगली करें तो उसको भी समझाएं,क्या लेके आई हो क्या लेके जाओगी, चुद लो जितना चुद सको फिर बूढ़ी हो के पछताओगी

    6.कभी किसी की चुदाई का पता चले तो हीन नजरो से नहीं मदद की नजरों से देखो

    हो सकता है वो जिससे चुदवा रही है उसका लंड उनसे भी बड़ा हो जो तुम्हे पेल रहे है

    7.पैसे जोड़िए,सही है काम आयेगे।पर गिनती इसकी भी कीजिए की कितनो ने तुमको खोदा है,शरीर के साथ फटा भोसड़ा ओर दिमाग में वो हसीन ठुकाई की यादे ही जाएगी।

    8.घरवालों का भी ख्याल करे

    ऐसा बिल्कुल ना करे बाहर सबको बाटो घर में कोई मांगे तो डाटो

    रिश्ते नाते समाज के बनाए हुए है लंड चूत के नहीं ,चूत मना नहीं करती किसी भी लंड को अंदर घुसने में,सिर्फ आपका दिमाग रोकता है

    ओर जब तक दिमाग से चुदोगी तो चुदाई के मज़े ना ले पाओगी

    9.पहले घर में बाटिए,फिर बाहर को जाए

    फिर भी कोई बचा रहे तो उससे भी चुद जाए

    10.शादी को बन्धन ना समझे,ये तो खुलापन है किसी से भी अपना बेंड बजवाने का

    कोई रोक टोक नहीं बस हमसफ़र को अपने मुताबिक बनाए और जीवन की सच्चाई से अवगत कराए

    छुप छुप खेतो गड्ढों में चुदती थी,अब खुल कर बिस्तर पर बजोगी।

    कोई ऐसी चूत नहीं है जो एक लौड़े से संतुष्ट हो जाए,ओर जो ये दावा करती है वो दिखावा करती है, डरती है खुद से समाज से।पर उनके इस दावे से घाटा उन्हीं का है किसी ओर का नहीं।बगल वाली झेल चुकी हो कईयों को,ओर तुम झेलो रोज एक को।

    किससे डरती हो

    कितने आए कितने गए कितनो के तुम्हें नाम याद है

    किसी को याद है अपनी पीढ़ी के सातवें दादा दादी का नाम

    किसी को याद है अपने दादा दादी ने कितनो को पेला कितनो से  ठुकाया

    किसी को याद है अपने पड़ोसियों के पूर्वज

    खुद के याद नहीं रहते पड़ोसियों के तो दूर है

    खुल कर वहीं जी पाएगी जो जवानी में बुर जी  खोल कर ठुकवाएगी

    हर काम उम्र के पड़ाव के हिसाब से होता है चुदने की उम्र में नहीं चूदोगी तो क्या बुढ़ापे में झटके खाओगी

    जवानी मिली है चुदने के लिए बुढ़ापा मिला है धर्म कर्म के लिए

    चुदाई के प्रति नजरिया बदलें,रोज एक के नीचे लेटकर झटके खाने को चुदाई नहीं कहते।

    उस बिचारे से पूछो शादी से पहले वो क्या क्या अपेक्षा लगाए बैठा था अपनी होने वाली बीवी से,

    शादी के बाद अपने साथी को धोका देकर यहां वहां गांड ना मरवाए,उस बेचारे को समझाओ जिंदगी का रस जिसमें है।फिर खुद भी उसके सामने ठुको ओर उसको भी दूसरे की गदराई घोड़ी की सवारी कराओ

    एक बार थोड़ा खुल कर तो देखो,हम औरत क्या नहीं कर सकती।धीरे धीरे सब बदल रहा है बस देरी है तो कुछ सोई हुई, घबराई हुई, डरी हुई पत्नियों की।

    पति बदलकर चुदने वाली औरतों को हीन भावना से देखने के बजाय उनसे सीखो वो कितना अच्छे से जीवन आनंद ले रही है।उनसे सीखो जिंदगी का असली रस क्या है।

    कोई याद रखने वाला नहीं है

    क्यों डरती हो इतना ?

    जिन्दगी का सार जिन्दगी का सुख सिर्फ और सिर्फ चुदाई चुदो और चुदवाओ आज का सम्पूर्ण ज्ञान गुरु   चोददन दास