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    भाभी और माँ की चुदाई का मजा लिया (भाग दो)

    फिर मैंने उनको नीचे लेटा दिया और लंड को एक ही धक्के के साथ चूत के अंदर डाल दिया तो वो बहुत ज़ोर से चिल्ला पड़ी अहह उईईई माँ मरी.. धीरे करो। तो मैंने कहा कि क्या हुआ? क्या ज्यादा दर्द हो रहा है? तो वो कहने लगी कि हाँ तुम्हारा लंड बड़ा है ना.. तुम एक काम करो थोड़ा मक्खन लगा लो.. तो मैंने अपने लंड पर मक्खन लगाया और लंड को एकदम ज़ोर से धक्का देकर अंदर डाल दिया।

    वो उफफफफ्फ़ अहह माँ मर गई और फिर उसने मेरी कमर में अपने दोनों पैर फसा िए और मुझे गंदे तरीके से चूमने लगी। फिर में नीचे से पूरा दम लगाकर धक्के मारता रहा और फिर वो भी अपने चूतड़ उछाल कर मरवाने लगी और कहने लगी कि अब तुम थक गए होंगे में तुम्हारे ऊपर आती हूँ और फिर वो मेरे ऊपर आकर चूतड़ो को घुमाने लगी और बूब्स मेरे मुहं में डाल दिया।

    फिर मैंने उसे कुतिया बनाया.. वो कुतिया बनी हुई क्या लग रही थी? पेरों में पायल और हाथों में चूड़ियाँ और बूब्स पर लटकता हुआ मंगलसुत्र.. बस मैंने और तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और फिर कहने लगी कि में झड़ गयी हूँ और फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ने लगा तो उन्होंने मेरा सारा वीर्य अंदर ही गिरा दिया और कहने लगी कि तुमने आज मुझे बहुत खुश कर दिया और फिर मेक्सी को नीचे किया और फिर हम किस करने लगे।

    फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर हम एक हफ्ते तक लगातार ऐसे ही चुदाई करते रहे। फिर कुछ दिनों के बाद मुझे मम्मी ने घर बुला लिया.. तो मेरे जाते वक्त भाभी रोने लगी और में भी रोने लगा। तो मैंने कहा कि में तुम्हारे बिना कैसे रहूँगा और अब में घर में अकेला क्या करूँगा.

    मुझे आपकी बहुत याद आएगी और कहा कि आपके पास तो आपके पति का लंड है और में किसकी चूत से मजे लूँगा और मेरी तो अभी शादी भी नहीं हुई है.. पापा, मम्मी को चोदते है.. में उन्हें देख देख कर भी थक चुका हूँ और माँ के अलावा घर पर कोई औरत नहीं है में क्या करूं?

    कैसे अपने लंड को शांत करूं और मम्मी को नंगी देखकर तो मुझे आपकी और याद आएगी और में उन्हे रोज़ नंगी नहाते हुए देखता हूँ। फिर भाभी बोली कि तुम अपनी माँ को पटा लो और हर रोज़ तुम्हे मज़े आ जाएगे और तुम्हारा लंड भी शांत हो जाएगा।

    तो मैंने कहा कि माँ नहीं मानेगी और वो बोली कि तुम्हारा लंड देखकर तो हर औरत मान जाएगी और वो भी लंड की बहुत भूखी है और साड़ी के नीचे बिल्कुल नंगी रहती है.. वो साली तुम्हारे पापा से चुदने के अलावा और किसी से अभी तक नहीं चुदी है.. लेकिन में तुम्हारी मदद करूँगी और फिर वो मान जाएगी और फिर तुम माँ को बहुत खुश रखना।

    फिर भाभी ने कहा कि तुम बाथरूम से नहाकर बाहर निकलना और अपना तोलिया उसके सामने गिरा देना और उसे अपना लंड दिखा देना। फिर में घर आ गया और मैंने ऐसा ही किया.. नहाते हुए बिल्कुल नंगा हो कर नहाने लगा और जानबूझ कर तोलिया और अंडरवियर बाथरूम में नहीं लेकर आया. दोस्तों आप ये कहानी गुरु मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

    माँ को आवाज़ दी और मुहं पर साबुन लगा लिया और आंख बंद करके हाथ बाहर निकल कर तोलिया लेने लगा और दरवाजा ज्यादा खोल दिया और मेरी माँ तोलिया देते हुए और मेरे लंड को देखती रह गयी और चली गयी।

    मैंने भाभी को फोन पर सब कुछ बताया.. फिर उसने मुझे दूसरा प्लान बताया और वो कहने लगी अपनी चैन में अपना लंड फंसाना पड़ेगा और फिर चिल्लाना पड़ेगा। तो मैंने कहा कि भाभी में माँ के लिए कुछ भी करूंगा और मैंने ऐसा ही किया और हल्का सा पेंट की चैन में लंड फंसाकर चिल्लाया तो माँ मेरी आवाज सुनकर आ गई और बहुत डर गयी।

    फिर मेरे लंड की तरफ देखने लगी और हाथ लगाते हुए डरने लगी और एकदम से लंड पकड़कर चैन पर तेल डाला और लंड पेंट की चैन से निकल गया और मेरा लंड एकदम से माँ के मुहं की तरफ खड़ा हो गया। तो माँ उसके सुपाड़े की खाल उतारकर देखने लगी और कहने लगी कि अंडरवियर क्यों नहीं पहनते हो?

    मैंने कहा कि माँ तुम भी तो नहीं पहनती हो। तो वो कहने लगी कि हमारी बात कुछ और है.. तो मैंने कहा कि क्या बात है? वो कहने लगी कि हमारा इतना मोटा केले जैसा नहीं होता है तो मैंने कहा कि माँ फिर कैसा होता है? माँ ने कहा कि बस थोड़ा छोटा सा छेद होता है।

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    भाभी और ननद की अठखेलियाँ 

    सबसे पहले मैं आप सबको बता देती हूँ कि मेरा नाम सीमा है. मेरी उम्र 30 साल की है. फिगर बड़ा मस्त है.. एकदम सांचे में ढला हुआ, ये 32-36-38 का कटाव लिए हुए है. ख़ास बात ये कि मैं एकदम दूध सी गोरी और मक्खन सी कोमल हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 3 इंच है, मैरिड हूँ. मेरे पति का जॉब विदेश में होने के कारण वे मुझसे अलग बाहर ही रहते हैं. मैं यहां अपने बेटे के साथ रहती हूँ.. लेकिन लास्ट ईयर से बेटा पढ़ाई के कारण हॉस्टिल में रहने लगा है, सो अभी मैं अकेली ही रहती हूँ.

    अब जब दस साल से पति बाहर हैं, कभी कभार आते हैं तो तो मेरी सेक्स की इच्छा अधूरी ही है और वैसे भी मेरे पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, मुझे अभी सिर्फ़ साल में 2-3 बार ही सेक्स का सुख मिल पाता है, जिससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूँ.

    अब चूंकि जब से अकेली रहने लगी हूँ, तब से मेरे मन में सेक्स की इच्छा पूरी करने के लिए किसी और के साथ सम्बन्ध बनाने को लेकर बहुत सोचती हूँ, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है, सो हिम्मत नहीं कर पाती हूँ.

    मुझे नवरात्रों में डांडिया खेलने का बड़ा शौक है, मैं नवरात्रि में गरबा करने घाघरा चोली पहन कर हमारे काम्प्लेक्स के नज़दीक में, जहां गरबा होता है, वहां चली जाती हूँ

    एक दिन वहां मुझे एक मेरे से छोटी उम्र की महिला मिली. उसका नाम रीना था, वो मेरे पास वाले फ्लैट की है. उस लेडी से मेरी दोस्ती हुई. वो भी मेरी तरह शौकीन मिजाज की थी.

    अब हम दोनों का नवरात्रि के बाद भी एक दूसरे के घर आना जाना, बात करना शुरू हो गया था. हम दोनों एक सी विचारधारा की थी तो अपनी पर्सनल बातें भी करने लगी थी. वो मुझे कई बार बोलती थी कि आप इतने साल से बिना सेक्स किए कैसे रहती हो.. मुझे तो मेरा पति रोज एक बार तो चोदता ही है, फिर भी मैं संतुष्ट नहीं हो पाती हूँ, सो मैं दूसरे के पास भी चली जाती हूँ.

    इस तरह से उसने मुझे उसके लव अफेयर के बारे में भी बताया उअर मुझसे पूछा- आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है? तो मैंने ना बोला.

    एक दिन उसने मुझसे बोला- आज सिनेमा देखने का मूड है, चलो सीमा, चलते हैं. मैं भी बोर हो रही थी, मैंने हां बोल दिया. हम सिनेमा के लिए हमारी सोसायटी से थोड़े दूर ही निकले थे कि एक फ़ौरचूनर कार आई. उसने मुझसे बोला- चलो सीमा, गाड़ी में बैठो. मैं तो कुछ समझ ही नहीं पायी. कार में आगे की सीट पर ड्राइवर और एक गन वाला आदमी था.

    बीच की सीट में एक उम्रदराज आदमी बैठे थे, समझो करीब 60 साल के ऊपर के रहे होंगे. वो आदमी एकदम हट्टा कट्टा, थोड़ा काला, मुँह में पान चबाए हुए था. वो कुर्ता और लुंगी पहने हुए एक मुस्लिम था. उसकी दाढ़ी भी एकदम सफ़ेद थी. रीना उसके पास बैठी और मैं रीना के पास बैठ गई. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो रीना के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.. ये सब मैं देखती थी.

    फिर आधी फिल्म खत्म हुई, तो हम निकल आए. वो अपनी कार को सिटी से दूर एक फार्महाउस पर ले गए, वहां मुझे एक हॉल में बिठा कर वो दोनों करीब दो घंटे तक एक रूम में जाकर एंजाय करते रहे.. फिर उसने हम दोनों को घर छोड़ा.

    मैंने रीना से पूछा तो उसने बताया कि मैंने तुम्हें बोला था ना, मेरा लवर है. मैंने बोला- इतनी उम्र का? तो वो बोली- उम्र से क्या होता, वो कितना पैसा मेरे लिए खर्च करता है और जितना सेक्स का मजा देता है, ऐसा तो कोई 25 साल का लड़का भी नहीं देगा. मैं उसकी बात सुनकर हतप्रभ थी.

    ऐसे ही मैं उसके साथ 3-4 बार गई और वो दोनों एंजाय करते थे.

    एक दिन रीना मेरे घर आई थी. उसने मुझे बोला- सीमा तुम्हारे लिए एक ऑफर है.. बताऊं? मैंने बोला- हां, बोला ना?

    उसने बोला कि मुझे उन्होंने मतलब उसके लवर ने बोला है कि उनका एक दोस्त हैदराबाद से अगले वीक दो नाइट के लिए आने वाला है, यदि तुम उनको खुश करो तो..! मैंने तो एकदम मना कर दिया- तुम क्या बोलती हो रीना! फिर उसने बोला- जल्दी मत करो सीमा.. आराम से सोचना.. फिर बोलना, एकदम से मत बोलो. देखो तुम वैसे भी बिना सेक्स तड़पती हो, ये मैं जानती हूँ. तुम कैसे अपनी रातें काटती होगी, यहां तुम्हें सेक्स का सुख भी मिलेगा और सेफ्टी भी, ऊपर से वो तुम्हें 2 नाइट के लिए 1 लाख रूपया भी देंगे.

    मैं उसकी बात सुनकर चुप रही. फिर उसने अपने फोन से उसके लवर को कॉल किया और बोला- मैंने सीमा से आने को बोला है. लेकिन वो मना करती है.

    फोन स्पीकर पर था, तो सामने से उन्होंने बोला- देखो कोई बात नहीं.. ये तो मैंने सोचा कि तुम्हारी सहेली है, इसलिए.. वरना मेरे पास 10 औरतों का बायोडाटा फोटो के साथ है. वो तो मेरे दोस्त को एकदम घरेलू जैसी ही चाहिए थी, सो मैंने बोला, बाकी जैसी उसकी मर्ज़ी, लेकिन जो भी है, मुझे कल बताना. फिर जिसको सिलेक्ट करूँगा, उसके लिए कपड़े वगैरह भी सब बनाना है.

    इतनी बात के बाद उसने कॉल कट कर दिया. रीना भी मुझे सोचने का समय देकर चली गई.

    उस दिन पूरी रात मुझे नींद नहीं आई. मैं सोचती रही. मेरे मन में सेक्स की तो इच्छा थी ही, रात में सेक्स के बारे में सोचते सोचते मेरी चूत से दो बार पानी निकल गया, पूरी पेंटी गीली हो गई.

    सुबह में रीना का मैसेज आया- क्या सोचा? मैंने बोला- तू पहले घर आ … फिर देखती हूँ. फिर वो आई, मैंने बोला- रीना मैंने आज तक कभी ऐसा नहीं किया, सो डर लगता है, सोसाइटी में किसी को पता चलेगा तो? रीना ने बोला- इस सबकी तुम बिल्कुल चिंता मत करो.. मैं हूँ ना.. और वैसे भी तुम्हें मालूम है, मेरे लव का, वो अपने एरिया के कॉरपोरेटर हैं और यहां के डॉन हैं. कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा.

    मैं चुप हो गई.. तो उसने सीधा फोन लगाया और उनको बोला कि सीमा तैयार हो गई है, अब और किसी को मत बोलना. मैं तो देखती ही रह गई थी और उसने सीधा हां बोल दिया था. खैर.. मैंने भी मन बनाने को सोचा कि जो होगा देखा जाएगा. फोन अभी चालू था और स्पीकर पर था.

    उधर से उन्होंने बोला- ठीक है तो 3 बजे तुम दोनों बाहर आजो, मैं तुम्हें शॉपिंग के लिए ले जाऊंगा.. अभी 5 दिन बाकी हैं.

    हम 3 बजे बाहर गए, उनकी कार आ कर हम दोनों को एक बहुत महंगे टेलर के पास ले गई. जहां कपड़ा भी उनके पास ही था, सिर्फ़ हमें कलर और फेब्रिक पसंद करना था.

    मैंने और रीना ने कपड़े पसंद किये. मेरे लिए एक चोली घाघरा का कपड़ा पसंद किया. सिर्फ वो कपड़ा ही 25 हजार का था, उसकी सिलाई 15 हजार थी. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया. उन्होंने उस दिन मेरे लिए 75 हजार से भी ज़्यादा खर्चा किया.. ये सब तो सिर्फ़ मुझे सजाने के लिए खर्च किया गया था.

    रीना मुझे शनिवार की सुबह में ही लेके निकल गई थी. वो बोली थी कि ब्यूटीपार्लर जाना है. जब मैं वहां आ गई तो मेरी बगलों के बाल, मेरी चूत के बाल, लेग वगैरह सब जगह वॅक्स करके एकदम मुझे चिकनी बंदी बना दिया गया.

    इसके बाद मुझे वो करीब 4 बजे फार्म हाउस लेकर गई. मैंने देखा पूरे फार्महाउस पे सजावट हो रही थी. इतने आदमी काम कर रहे थे कि मुझे लगा कि कोई जलसा है. मैंने बोला- इतना क्या है रीना यहां? उसने बोला- वो जो उनके दोस्त आने वाले है, उनके लिए पार्टी अरेंज की है, ये सब उसी की तैयारी हो रही है. रात में पार्टी होगी, करीबन 150 लोग होंगे. पार्टी में सब मर्द उनके, जो बिजनेस रिलेटेड हैं, वे सब शिरकत करेंगे.

    ये देख कर मैं शर्मा रही थी.

    उसने बोला- अब चिंता मत करो.. चलो ऊपर चलते हैं. आज का तुम्हारा रूम दिखाती हूँ, जिधर तुमको संतुष्टि मिलेगी.

    जब उसने ऊपर जाकर रूम खोला, तो मैं हैरान थी. बाप रे.. मैं देख कर दंग रह गई. पूरा बड़ा हॉल जैसा रूम था, जिसमें 10×10 का एक बेड लगा हुआ था, उस बेड को ताजे फूलों से खूबसूरत तरीके से सजाया जा रहा था. अभी काम चालू था. एक तरफ सोफा था, एक डाइनिंग टेबल भी थी. मैं तो पागल जैसे रह गई थी.

    रीना बोली- सीमा, आज तुम्हारी सच में सुहागरात होगी. यह कह कर वो हंसने लगी. मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दी.

    मुझे फिर उसने तैयार किया, चोली घाघरा पहनाया. मेरे लिए सोने का नैकलेस, रिंग, कंगन आदि सब लाया गया था. वो सब पहन कर दुल्हन की तरह सज गई. फिर रीना बोली- देखो अब वो 8 बजे आएँगे, तुम्हें उनका वेलकम करने जाना है ओके.. सिर्फ़ तुम अकेली होगी, तब मैं नहीं आऊंगी. तुमको उन्हें गुलदस्ता देकर गेट से पार्टी में लेकर आना होगा. फिर बारी बारी सब लोग उनको वेलकम करने आएँगे, फिर पार्टी शुरू होगी, तो वो तुम्हें लेकर ऊपर आएँगे.

    अब रीना धीरे से बोली- सीमा देखो. वो बहुत पैसे वाले हैं.. हां उम्रदराज हैं.. लेकिन अगर तुम उनको खुश करोगी, तो वो तुम्हें मालामाल कर देंगे. मैं चुप रही.

    फिर उसने बोला कि तुम्हारे बेड पे एक वाइट सिल्क का पेटीकोट रखा है, जब आप दोनों चुदाई शुरू करो, तुम अपने नीचे उसे रख लेना क्योंकि आज तुम्हारी रियल सुहागरात होगी, ब्लीडिंग हुई तो वो बेडशीट खराब ना हो और तुम्हें अपने सुहागरात की निशानी भी तो रखनी है ना.

    इतना कह कर मुस्कुरा दी.

    सब सैट हो गया था. अब मुझे भी चुदाई का इन्तजार था. ठीक 8 बजे वो आए, मुझे रीना का लवर लेकर गया- चलो सीमा, बॉस आ गए हैं. मैं गई, उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जब मैंने उनको देखा.. बाप रे कम से कम 6.5 फिट की हाईट, बहुत मोटा सा आदमी एकदम काला भुजंग, करीब 65 साल की उम्र दिखती थी.. दाढ़ी एकदम सफ़ेद थी. वो कुर्ता पजामा में था.

    जब मैंने गुलदस्ता दिया, उन्होंने जानबूझ कर मेरे हाथ को भी छू लिया था. वे मेरे बदन को पूरा निहार रहे थे. उनका वजन कम से कम 125 किलो का होगा. मैं एकदम घबरा गई थी लेकिन अब मेरे पास कोई रास्ता भी तो नहीं था. वो स्टेज पे मुझे अपने साथ लिए खड़े रहे, जैसे उनकी मैं बीवी होऊं. वो मुझे लेकर खड़े रहे.. बारी बारी सब लोग आकर उनको विश करते थे.

    ठीक 9 बजने को आया, सब लोगों का मिलना पूरा हुआ तो रीना के लवर ने बोला कि बॉस अब आप भी ऊपर जाके खाना खाइए, आपकी पसंद का गुजराती भोजन तैयार है. यह कह कर वो थोड़ा मुस्कुराया.

    हम तीनों ऊपर चले गए. नीचे पार्टी चालू थी. हम रूम में आए, रीना के लवर ने बोला- बॉस प्लीज़ अन्दर जाइए, आज की नाइट के लिए बेस्ट ऑफ लक.. सीमा तुम्हें भी बेस्ट ऑफ लक.

    जैसे ही उनके साथ मैं रूम में गई, वो भी अन्दर आ गए और उन्होंने दरवाजा लॉक कर दिया. मैंने देखा कि डायनिंग टेबल पर हर तरह के स्वीट, जूस, फ्रूट आदि सजे थे. एक से एक डिश सजी थीं.. पानी की बॉटल रखी थीं.

    उन्होंने मुझसे बोला- सीमा, मुझे मालूम है तुम्हें रात में सिर्फ़ जूस एंड फ्रूट लेने की आदत है.. सो मैंने खाने के लिए सिर्फ़ वो ही तैयार करवाया है, लेकिन आज हमारी पहली मुलाकात है, सो स्वीट तो चलना ही चाहिए. इसलिए थोड़ी स्वीट भी रखी है. चलो बैठो, हम खाना खाते हैं.

    हम दोनों बैठ गए, फिर उन्होंने मुझे एक गुलाब जामुन मेरे मुँह में डाला. मैंने आधा खाया और आधा उनके मुँह में डाल कर खिलाया. फिर हम दोनों ने 2-3 तरह के जूस पिए. एक-दूसरे का झूठा खाया. बिल्कुल पति पत्नी जैसी फीलिंग आ रही थी.

    अब उन्होंने बोला- बस मेरा हो गया. फिर हम दोनों साथ में जाकर हाथ धोकर आए. उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया. मैं तो सोच नहीं सकती थी कि इस उम्र में एकदम इतना पावर होगा. उन्होंने एक झटके में मुझे उठाया और बेड पे लेकर गए.

    मैंने उनको बोला- लाइट ऑफ कीजिए ना. तो वो बोले- अरे जानेमन.. जिस जिस्म को देखने हम पिछले एक वीक से तड़प रहे थे, बिना लाइट के उस हुस्न को कैसे देखेंगे. जब से तुम्हारी फोटो देखी है, हम तो तुम्हारे दीवाने हो गए थे जान. उनकी बात सुनकर मैं शर्मा गई.

    फिर उन्होंने धीरे से मुझे बांहों में लेकर किस करना शुरू किया. धीरे से मेरी पीठ पर मेरी ब्लाउज में हाथ डालकर ऊपर से सहलाना शुरू किया. जब उनका हाथ मेरे बदन पे पड़ा, लाइफ पे पहली बार मुझे लगा कि कोई मर्द का हाथ है. उनके हाथों का स्पर्श एकदम मजबूत और सख्त था. अब मैंने भी धीरे से उनको बांहों में लेकर क़िस करना शुरू किया. मुझे तो ये सब करते ही एकदम पहली बार पानी छूट गया था.

    अब उन्होंने मेरा ब्लाउज खोला और ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मों को दबाने लगे.. चूचियों को सहलाने लगे. अब उन्होंने मेरा घाघरा भी निकाल दिया. मैं सिर्फ़ ब्रा पेंटी में रह गई थी. वो मेरे बदन को सहलाते निहारते रहे और मैं उनके बदन की सख्ती को स्पर्श करती रही.

    जैसे ही उन्होंने मेरी ब्रा का हुक खोला, मेरे चूचे एकदम से बाहर उछल आए. वो अपने हाथ से मेरे मम्मों को मसलने लगे. मैंने धीरे से उनके सिर को मेरी एक चूची पे लगाकर एक निप्पल उनके मुँह में डाल दिया. मैं अपने हाथ से अपने चूचे दबाकर उनको चुसवाने लगी.

    बारी बारी से वो मेरे दोनों अंगूर चूसते रहे. वे मेरे दोनों चूचुकों को बहुत हार्ड सक कर रहे थे. मैंने बोला- आह.. धीरे जी.. काटना मत प्लीज़.

    उन्होंने मुझे उनके कपड़े निकालने को बोला. मैंने पहले उनका कुर्ता निकाला. जब मैंने उनका पज़ामा देखा, मैं एकदम बेहाल हो गई. उनके पजामे का आगे का भाग इतना उभरा हुआ था कि मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था.

    फिर मैंने पजामा निकाला तो अंडरवियर के ऊपर से देखा कि उनका लंड बहुत मोटा था. मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है.. मैं इसे नहीं ले पाऊंगी. उन्होंने मुझे बांहों में लेकर बोला- सीमा डरो मत… कुछ नहीं होगा. हां फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द होगा, वो तो वैसे भी तुम्हारी रियल सुहागरात है, तो दर्द तो होगा ही.

    यह कह कर वो मुस्कुराने लगे. फिर मैंने उनका अंडरवियर निकाला, एकदम काला कम से कम दस इंच लंबा और मेरी कलाई से भी मोटा लंड था उनका.. बिना स्किन का सुपारा था, एकदम चिकना और काला चुकन्दर जैसा दिख रहा था.

    अब धीरे से उन्होंने मुझसे बोला- सीमा तुम इसे मुँह में लो.

    मैं धीरे से नीचे जाके उनके पैरों के बीच में बैठ गई और उनका सुपारे पर किस करके धीरे धीरे मुँह में लंड लेना शुरू किया. उस सुपारे से कुछ मस्त कर देने वाली महक आ रही थी. कुछ ही पलों में मुझे लंड चूसना अच्छा लगने लगा. मैंने कम से कम 20 मिनट उनका लंड पूरा चूसा.

    अब उनका मूसल सा लंड एकदम हार्ड हो गया था.. मेरी लार से.. और उनके रस से, उनका पूरा लंड चिकना हुआ पड़ा चमक रहा था. इस समय वो मेरी चूत में उंगली डालकर सहला रहे थे, मेरी चूत भी एकदम गीली हो गई थी. मैं एकदम गरम हो गई थी.

    फिर उन्होंने मुझसे बोला- अब लेट जाओ सीमा रानी.. मैं लंड अन्दर डालता हूँ. मैं अपने पैर खोल कर चित हो गई. फिर वो मेरे ऊपर आकर बोले- सीमा मेरा वजन झेल लोगी ना? मैंने बोला- हां..

    जैसे उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा, मैंने अपने हाथ से उसे थोड़ा सा अपनी चूत पे घिसते हुए लंड को चुत के होल के ऊपर रखा और उनको धीरे से बोला- हां अब डालो. उन्होंने लंड को अन्दर डालने की जैसे ही कोशिश की, मेरे मुँह से ज़ोर से चीख निकल गई- बाप रे ईई.. मर गईईई.. कोई बचाओ.. फिर भी उन्होंने एक ज़ोर से झटका मार दिया. मेरी चूत तो जैसे फटी जा रही थी. ऐसा लग रहा था कि आज किसी ने गरम सरिया मेरी चूत में पेल दिया हो.

    मैं लगभग बेहोश हो गई थी. फिर वो थोड़ी देर रुके, फिर एक ज़ोर से झटका मारा. मैंने मरी सी आवाज में बोला- अभी कितना गया? उन्होंने बोला- आधा गया है.. अब एक ही झटके में पूरा घुस जाएगा सीमा. यह कहते ही उन्होंने एक ज़ोर से झटका दे मारा, मेरी आँख से आँसू निकल गए. उनका पूरा मूसल लंड मेरी चूत के अन्दर चीरता हुआ चला गया.

    मैं दर्द से कलप उठी. करीब 5 मिनट वो ऐसे ही पड़े रहे. फिर धीरे धीरे उन्होंने मेरी चूत में लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया. कुछ देर के दर्द के बाद अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था. हां मेरी चूत के अन्दर बहुत जलन हो रही थी, दर्द भी बहुत ज्यादा था, अब खूब मज़ा भी आने लगा था.

    वो मेरे ऊपर ही चढ़े हुए मुझे ज़ोर ज़ोर से चोद रहे थे.. साथ में मेरे बूब्स को भी दबा रहे थे. मैं उनकी पीठ सहलाती जा रही थी. मेरे मुँह से मस्त कामुक आवाजें निकल रही थीं- उहह.. अहह..

    कुछ देर की मस्त चुदाई से हम दोनों के बदन एकदम पसीने से भीग गए थे. वे मुझे पेलते हुए बोले- सीमा तुम मेरी लाइफ में 22 वीं औरत हो, जिसे मैं चोद रहा हूँ.. लेकिन तुम जैसी इतनी कमाल कोई नहीं देखी.. आह.. क्या मस्त चूत है, साली लंड को छोड़ती ही नहीं है.. एकदम अन्दर पकड़ के रखा है.

    उनकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी और उनको चूम लिया. उन्होंने मुझे कम से कम 45 मिनट तक चोदा.. इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी. वे अब भी मुझे चोदने में लगे थे.

    वो तभी एकदम तेज हुए और बोले- अब मेरा निकलेगा.. आज पहली बार है सो चूत में ही निकालूँगा. तभी एक ज़ोर से गरम पिचकारी मेरी चूत में मुझे फील हुई और मेरी चूत पूरी भर गई. वो मेरे ऊपर ही छा गए. दस मिनट तक लंड को चुत में डालकर पड़े रहे. नीचे मेरी चूत से रस बह रहा था.

    फिर वो मेरे ऊपर से उतरे, देखा नीचे मेरे वाइट पेटीकोट पर बहुत खून निकला हुआ था.. उनका वीर्य भी था. वो खुश होकर बोले- देखो, ये सच्ची सुहागरात हुई.

    उन्होंने अपने दोस्त को कॉल किया कि रीना को भेजो, मेरी सीमा उसको ये पेटीकोट, उसकी सुहागरात की निशानी देना चाहती है. वे मुझे चूमते हुए बोले- जाओ थोड़ा दरवाजा खोलकर तुम ये रीना को देकर आओ.

    मैं जरा लंगड़ाते नंगी ही गई, थोड़ा दरवाजा खोला तो बाहर से रीना बोली- बधाई हो सीमा.. उसने मेरे हाथ से पेटीकोट लिया और चली गई. वो जाते हुए बोली- पूरी रात के लिए बेस्ट ऑफ लक.

    उस रात उन्होंने मुझे पूरी रात में 5 बार चोदा. मैं सुबह उठ ही नहीं पा रही थी, इतना दर्द हो रहा था.

    वैसे ही दूसरे दिन भी उन्होंने मुझे 5 बार चोदा.

    इसके बाद मुझे विदाई मिली, बहुत सारे जेवर, रुपए और सबसे बड़ी बात मेरी चूत को संतुष्टि मिली.

    सिमरन गुप्ता की कहानी उसी की जुबानी 

    बात इसी रविवार की है, एक बडा मजेदार वाकया हुअा। मेरी अाफिस की छुट्टी थी शाम काे तकरीबन 6 बजे हमारा यूं ही धूमने का मूड हुअा, मैं अाैर सिमरन महानगर की तरफ निकल पडे लगभग 7- 7:30 का समय रहा हाेगा कि हमारी नजर एक अंडरगारमेंट की दुकान पर पडी, मैने सिमरन से कहां कि चलाे कुछ अंडरगारमेंट खरीद लेते हैं, मैं अाैर सिमरन दुकान पर पहुंच गये, दुकान का फ्रंट शीशे से लाक था डाेर खाेलकर हम अंदर दाखिल हुए, दुकान में एक खुबसूरत लडका मुश्किल से 26-27 साल का काउन्टर पर बैठा था, दुकान पर वही अकेला था। मैने उससे अपने लिए दाे अंडरवियर खरीदे, मैने एक चीज नाेटिस की कि उसकी नजर बार बार सिमरन के बदन काे धूर रही थी, फिर मैने उससे पूछा कि क्या फैंसी फिमेल अंडर गारमेंट भी मिल जाएंगे क्या, उसने पूछा सर किसके लिए, ताे मैने सिमरन की तरफ इशारा करके कहां कि माेहतरमा के लिए, उसने 3-4 फिमेल अंडर गारमेंट सामने रख दिया, लेकिन मैने उससे मुस्कुरा कहां कि मुझे कुछ मार्डन टाइप चाहिए, उसने मुस्कुराकर कहा सर ट्रासपैरेंट टाइप.. मैने कहा हां, फिर क्या बंदा झट से काउंटर के नीचे की तरफ से 5-6 डिब्बे निकाल लाया, अाैर एक से बढकर एक ब्रा पैंटी दिखाने लगा, मैने अाैर सिमरन ने दाे ब्रा पैंटी सलेक्ट किया, फिर मैने सिमरन से कहा कि यार इसका साइज चेक कर लाे, सिमरन भी मस्ती के मूड में थी झटपट ब्रा पैंटी लेकर चेंज रूम में चली गयी, लगभग 4-5 मिनट बाद सिमरन ने चेज रूम से अावाज लगार्इ, ताे मैं वहा पहुंच गया, ब्रा पैंटी में सिमरन मस्त मस्त लग रही थी, तभी मैने दुकान वाले लडके से बाेला यार किया जरा वाे दाेना पीस भी पकडा दाे जाे काउन्टर पर पडा है, वाे ब्रा पैंटी लेकर चेज रूम के पास अा गया, सिमरन काे ब्रा पैंटी में देखकर उसकी अांखे चाैडी हाे गर्इ मैने यह नाेटिस किया, सिमरन भी मेरी तरफ देखकर हल्का मुस्कुरार्इ, मैने लडके से मजाक में पूछा कि मैडम इस पीस में कैसी लग रही हैं, उसने बहुत ही अदब से जवाब दिया कि सर बहुत अच्छी लग रही हैं, हमने नाेटिस किया कि उसका सामान पैंट के अंदर हिलाेर मार रहा था, खैर मैंने सिमरन से कहा कि तुम दूसरे पीस चेक कराे मैं जरा एक सिगरेट पी लेता हूं, मैं सिगरेट पीने दुकान के बाहर अा गया, उधर सिमरन ने दुकान वाले का अावाज लगाकर रिक्वेस्ट किया कि वाे उसकी ब्रा की डाेर बांध दे क्याेंकि सिमरन का हाथ पीछ नही पहुंच रहा था, सिमरन भी शरारत के मूड में थी, बेचारा सीधा साधा लडका कांपते हाथाें से सिमरन की ब्रा की डाेर बांध रहा था, सिमरन जान बूझ कर अपना बदन उससे रगड रही थी, एक दाे बार सिमरन से अपना बैक लडके के पैंट के पास ले जाकर रगड दिया, लडके की हालत खराब हाे रही थी, खैर तब तक मैं सिगरेट पीकर मैं अंदर अा गया था, मैने उस लडके से पूछा मैंडम पर सबसे अच्छा पीस काैन सा लग रहा है, उसने कहा सर सभी अच्छे लग रहे हैं, मैंने कहा यार शरमाअाे नही किसमें मैडम सबसे सेक्सी लग रही हैं साफ साफ बताअाे वही खरीद लेता हूं, उसने परपल पीस वाले पर हाथ रखा, मैने सिमरन से कहा कि यार ये वाला उतार कर फिर से परपल वाला पहनकर दिखाअाे, सिमरन ने हम दाेनाे के सामने ही ब्लू वाली ब्रा उतारकर परपल वाली पहन ली, दुकान वाले की हवा निकली जा रही थी, जैसे ही सिमरन पैंटी उतारने लगी उसने मुंह काउंटर कि तरफ मुंह धुमा लिया, सिमरन ने मुझे देखकर अांख मारी, मैं भी मुस्कुरा कर रहा गया, खैर सिमरन ने परपल वाला पीस पहन लिया ताे मैने भी उस लडके काे काम्लीमेंट दिया, वाह यार क्या सही पीस सलेक्ट किया है तुमने अाज रात मैडम यही पीस पहनेंगी ताे मजा अा जाएगा, वाे बेचारा मुस्कुरा कर रह गया, वह समझ नही पा रहा था कि हम बेशर्माें के सामने क्या करें। सिमरन ने धीरे से माैका पाकर उसके पैंट पर हाथ फेर दिया अाैर उसका सामान दबा दिया, लडका समझ नही पा रहा था कि वह कैसे रिएक्ट करें, एसी में उसके पसीने छूट रहे थे, तभी मैने बाेला यार मैं जरा एक अाैर सिगरेट पीकर अाता हूं, बस फिर क्या लडका माैका पाकर सिमरन के उपर टूट पडा चेंज रूम में ही वह सिमरन की चूचियां दबाने लगा, चूसने लगा अाैर पैंटी में हाथ डाल डालकर रगडने लगा, सिमरन भी गरम हाे गर्इ थी, उसने भी उसका सामान पैंट से बाहर निकालकर रगडना शुरू कर दिया, करीब 3-4 मिनट तक यही दाैर चलता रहा, मेरे दुकान में एंट्री करते ही लडका अपना कपडा ठीक करके काउंटर पर अा गया जैसे मुझे कुछ पता ही ना हाे, सिमरन भी अपने कपडे पहनकर काउंटर पर अा गर्इ, मैने पूछा भार्इ कितने पैसे हुए ताे उसने कहा सर मैंडम ने पेमेंट कर दिया है, मैने साेचा यार मैडम ताे चेंज रूम में थी पेमेंट कब किया, खैर हम चलने काे हुए ताे उसने एक खुबसूरत नार्इटी गिफ्ट करते हुए कहा कि सर अाप लाेग पहली बार मेरी दुकान पर अाए है साे मेरी तरफ से फ्री गिफ्ट, उसने कहा अाप लाेग फिर कब अायेंगे मैने कहा जल्द ही...अाैर फिर हम अपने घर की तरफ वापस निकल पडे। रास्ते भर सिमरन उसके किस्से सुना सुना कर हंसती रही। अगर अाप लाेग भी दुकान या अाफिस में अकेले रहते हैं ताे मुझे बताइये, हम अापकी जगह पर अचानक पहुंच कर अापकाे इसी तरह हैरान परेशान कर देंगे।

    उसे चुत चुदाई से ज्यादा अपनेपन की जरूरत थी (किसी और की जुबानी)

    दोस्तो, मेरी ये कहानी बहुत रोमांचक है कि कैसे मैंने एक बिज़नेस वुमन की चूत और गांड का मजा लिया। मेरी सभी कहानियां सच पर आधारित होती हैं, सिर्फ पार्टनर का नाम काल्पनिक होता है।

    सुबह के सात बजे थे एक अनजान नंबर से मेरे मोबाइल पर कॉल आया। में थोड़ी देर और सोना चाहता था इसलिए मैंने फ़ोन साइलेंट कर दिया।

    नौ बजे जब मैं सो कर उठा तो उसी अनजान नंबर से पूरे पांच मिस कॉल थे। मैंने लेटे हुए ही फ़ोन लगाया एक ही घंटी में वहां से फ़ोन उठ गया और सुबह सुबह एक मिश्री जैसी मीठी आवाज मेरे कानों में गूंजी- हेलो… मैं सोनाली बोल रही हूँ नोएडा से, मुझे आपका नंबर मेरी फ्रेंड ने दिया है। मैं कल से तीन दिन के सेमिनार में ग्वालियर जा रही हूँ और चाहती हूं कि आप मुझे अपनी कंपनी दें।

    Advertisement Scroll Up मैंने उसकी फ्रेंड के बारे में थोड़ी जानकारी करी और जब मैं संतुष्ट हो गया कि मैं उसकी फ्रेंड को जानता हूँ तो बात शुरू की। मैंने हँस कर पूछा- ठीक है, पर यह बताओ कि सिर्फ कंपनी चाहिए या सर्विस भी चाहिए। वो खिलखिला कर हँस दी और कहा- कंपनी और सर्विस दोनों चाहिए, फीस की चिंता मत करिए। मैंने भी कहा- आपको भी जो चाहिए वही मिलेगा।

    तय हुआ कि वो काल सुबह जल्दी नोएडा से अपनी कार से निकलेगी और मुझे सिटी सेन्टर मेट्रो स्टेशन से पिक कर लेगी।

    अगले दिन सुबह 5:30 पर वो अपनी होंडा सिटी कार से मेट्रो स्टेशन पहुँच गयी; मैं पांच मिनट लेट था; गाड़ी नंबर मेरे पास था इसलिए मैं गाड़ी तक पहुँचा, उसने मुझे गाड़ी के अंदर आने का इशारा किया। मैंने गाड़ी का दरवाजा खोल कर उसे हेलो कहा और उससे हाथ मिलाया। मेरे बैठते ही उसने गाड़ी आगे बढ़ा दी।

    सोनाली की उम्र लगभग 35 के आसपास थी। बॉडी शेप पतला था उसका लेकिन बूब्स का साइज लगभग 34 था। बहुत कड़क माल थी सोनाली। उसने ब्राउन कलर का ट्रॉउजर, व्हाइट कलर की शर्ट और ब्राउन कलर का ही शार्ट कोट पहना हुआ था। उसके नैन नक्श बहुत आकर्षक थे। पूरी गाड़ी उसके बदन की खुशबू से महक रही थी।

    उसने बताया कि वो पहले सेमिनार में जाएगी और वहां एक घंटा रुक कर फिर मेरे साथ ही रहेगी। सोनाली की गाड़ी अब एक्सप्रेस वे पर पहुँच चुकी थी।

    उसने बताया कि उसकी फैमिली में वो ओर उसके हस्बैंड ही हैं। उनका गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का बिज़नेस है। फैक्ट्री के काम के लिए उसके हस्बैंड कोलकाता गए हैं। इसलिए सेमिनार में उसी को जाना पड़ रहा है।

    हमारे देश में सेक्स सबसे ज्यादा सोचे जाने वाला विषय है लेकिन आज भी हम सेक्स के बारे में बात करने से हिचकते हैं। लेकिन इसके उलट सोनाली ने मुझसे खुल कर सेक्स के बारे में बात शुरू कर दी- सुनो प्रियम, मैं अपनी रूटीन लाइफ से बोर हो चुकी हूं। मुझे लाइफ में थोड़ा फन चाहिए लेकिन हमारे बीच जो भी होगा वो हमेशा सीक्रेट ही रहेगा। अगर मेरे हस्बैंड मुझे सेक्सुअली सन्तुष्ट रख पाते तो मैं तुम्हें कभी कॉल नहीं करती। महीने में मुश्किल से एक या दो बार ही हम सेक्स करते हैं, उसमें भी उनका बहुत जल्दी हो जाता है और मैं पूरी रात सुलगती रहती हूं। मेरा आज तक मेरे पति के अलावा कभी भी किसी के साथ शारीरिक सम्बन्ध नहीं रहा। लेकिन जैसे पेट की आग के लिए खाना जरूरी है वैसे ही शरीर की आग शरीर से ही बुझती है। बस कैसे भी मेरी शरीर की आग शांत कर दो प्रियम।

    मैंने कहा- सोनाली, मैं पूरी कोशिश करूंगा कि तुम्हें भरपूर सेक्स का मजा दूँ।

    बात करते हुए पहला टोल आ चुका था। अब मैं ड्राइविंग सीट पर था और कनिका मेरे बगल वाली सीट पर। प्रियम मुझे तुम्हारा लण्ड देखना है। मैंने कहा- अगले तीन दिन यह मेरा नहीं, तुम्हारा लण्ड है, तुम्हें जो करना है करो।

    इतना सुनते ही वो थोड़ा सा करीब आयी और मेरी पैंट की चेन खोल दी। अंडरवियर के अंदर मेरा लण्ड खड़ा हुआ था। सोनाली लण्ड को अंडरवियर के ऊपर से ही दबाने लगी। एक्सप्रेस वे पर हमें किसी के देखे जाने का बिल्कुल डर नहीं था।

    सोनाली के हाथ के स्पर्श से मेरा लण्ड बाहर आने को मचल रहा था तो मैंने एक हाथ से अपनी पैंट के हुक खोल दिये। सोनाली को पैंट के अंदर हाथ डालने की जगह मिलते ही उसने अपना हाथ अंदर घुसा दिया। अब मेरा लण्ड सोनाली के हाथ में था। मेरे लण्ड की लंबाई ओर गरमाहट महसूस करते ही सोनाली कामोत्तेजित हो गयी, बोली- बहुत तगड़ा माल है तुम्हारा तो! मैं उसकी बात सुनकर सिर्फ मुस्कुरा दिया।

    “प्रियम, मुझे तुम्हारा लण्ड चूसना है अभी!” “तुम्हें जो करना है कर सकती हो।”

    ऐसा सुनकर सोनाली ने मेरा लण्ड बाहर निकाला और नीचे झुककर एक प्यारी सी किस लण्ड पर करी। मैंने अपना शरीर थोड़ा सा ढीला छोड़ दिया पर मेरा पूरा ध्यान ड्राइविंग पर था।

    सोनाली ने अब मेरे लण्ड को अपने मुख में लेकर ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया। चलती गाड़ी में सकिंग करवाना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। सोनाली पूरा लण्ड अपने मुंह में ले रही थी जिससे कभी कभी उसके गले से गूं गूं की आवाज निकल जाती थी।

    चलती गाड़ी में जितना भी हो सकता था उससे ज्यादा वो करने की कोशिश कर रही थी। अब उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी थी। मेरा लण्ड उसने चूस कर लाल कर दिया था। अब उसने मेरे लण्ड को सिर्फ अपने होठों से चूसना शुरू किया। मेरा लण्ड सिर्फ उसके होठों से छूकर उसके मुँह के अंदर जा रहा था। मतलब कि उसकी जीभ मेरे लण्ड से बिल्कुल भी टच नहीं हो रही थी। जैसे ही सोनाली के होंठ मेरे लण्ड पर नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे जाते एक अजीब सी सिरहन मेरे शरीर में दौड़ जाती। किसी अनुभवी खिलाड़ी की तरह वो मेरे लण्ड से खेल रही थी। बीच बीच में वो मुझे देखकर मुस्करा भी जाती थी।

    अगला टोल आने वाला था, मैंने पूछा- क्या मैं लण्ड का पानी तुम्हारे मुँह में निकाल दूँ? तो उसने अपने हाथ के इशारे से मुझे मना कर दिया।

    थोड़ी देर और चूसने के बाद वो सीधी होकर बैठ गयी और लंबी लंबी सांसें लेने लगी। उत्तेजना की वजह से उसका बुरा हाल था। मैंने उसे पानी की बोतल दी। हम दोनों ने गाड़ी साइड में रोककर अपने कपड़े ठीक किये और चल दिये।

    अब सोनाली ने मेरे करीब आकर मेरे गालों पर एक किस किया और मुझे थैंक्स बोला- प्रियम, मुझे बहुत अच्छा लगता अगर मैं तुम्हारे लण्ड का पानी पी पाती… लेकिन मुझे पहले सेमिनार में जाना है और मैं नहीं चाहती कि मेरे कपड़े खराब हो जाएं। और कपड़ों से ज्यादा मुझे अपने मूड की चिंता है कि अगर ये खराब हो गया तो फिर सिर्फ होटल का रूम दिखाई देगा। मैं उसकी बात सुनकर हँस दिया।

    “प्रियम, तुम्हारा लण्ड वाकई बहुत तगड़ा है। बस अब मुझे इतना चोदना कि मेरा दम निकल जाए। मैं कितना भी मना करूँ लेकिन तुम मुझे चोदना बंद मत करना।” मैंने कहा- ठीक है, ये मेरा वादा है कि ये ट्रिप आपके जीवन की सबसे यादगार ट्रिप होगी। मेरे लण्ड की जी भर के सवारी कर लेना।

    उसने मुझे एक किस ओर दी और अपने बैग से लिपस्टिक निकाल कर अपने होठों पर लगाने लगी। उसकी सारी लिपस्टिक मेरा लण्ड पहले ही खा चुका था।

    जिस होटल में सोनाली का सेमिनार था उसी होटल में उसका एक रूम पहले से ही बुक था। सोनाली ने मेरे लिए भी अलग से एक रूम बुक करा दिया था। प्लान था कि वो मेरे रूम में मेरे साथ रहेगी जबकि उसका रूम खाली ही रहेगा।

    रास्ते में खाते पीते और बातचीत करते हुए हम ग्वालियर पहुँच गए। गाड़ी पार्किंग में लगाकर हमने रिसेप्शन पर अलग अलग चेक इन किया। सोनाली का रूम सेकंड फ्लोर पर था और मेरा रूम थर्ड फ्लोर का। सोनाली ने अपने रूम से मुझे फ़ोन किया कि वो लंच टाइम में सेमिनार खत्म करके मेरे पास आ जायेगी। तब तक मैं आराम करूँ।

    मैं फ्रेश होकर आराम करने लगा और सोनाली के बारे में सोचने लगा; कैसी फुद्दी होगी कैसे मुम्मे होंगे… सोचते सोचते मेरा लण्ड खड़ा हो गया। मैंने अपने लण्ड को समझाया कि रुक जा बेटा थोड़ी देर इंतज़ार कर… अभी तुझे थोड़ी देर में खुराक मिल जाएगी।

    एक बजे सोनाली का फोन आया कि वो एक घंटे में फ्री होकर आ रही है, उसके आने से पहले में खाना रूम में मँगा लूं। मैंने डेढ़ बजे बियर और खाने का आर्डर कर दिया।

    सोनाली जब रूम में आयी तो खाना आ चुका था। सोनाली एक छोटा बैग लेकर मेरे रूम में आयी थी। आते ही मैंने उसे बिस्तर पर गिरा दिया और अपने होंठ उसके होठों से लगा दिए। सोनाली भी मेरा साथ देने लगी। मेरे हाथ उसकी शर्ट के ऊपर से ही उसके मुम्मे दबा रहे थे उसने पैडेड ब्रा पहनी हुई थी। सोनाली भी मेरा लण्ड मेरे लोअर के ऊपर से मसल रही थी। मैंने सोनाली के शर्ट के बटन खोल दिये और ब्रा को उतार दिया। उसके मुम्मे 32 साइज के थे जो पैडेड ब्रा की वजह से 34 के लग रहे थे। मुम्मों के ऊपर ब्राउन निप्पल बहुत छोटी थीं शायद उसके पति ने ठीक से कभी उसके मुम्मे न दबाये थे न उनका रसपान किया था।

    मैंने उसके बाएं मुम्मे को अपने मुँह में पूरा भर लिया, उसकी सिसकारी निकल गयी। उसने अपना हाथ मेरे लोअर के अंदर डाल दिया और मेरे लण्ड को कसकर दबाने लगी। मैं उसके दोनों मुम्मे बारी बारी से पी रहा था। उसके भूरे चूचुकों को मैंने जैसे ही अपने दांतों से काटा, उसने उत्तेजना के मारे अपनी जीभ मेरी जीभ से उलझा दी। बहुत देर तक हम एक दूसरे को किस करते रहे।

    मैंने कहा- सोनाली, पहले खाना खा लेते हैं, उसके बाद में तुम्हारी चूत चाटूंगा। बड़ी मुश्किल से मैंने उसे खुद से अलग किया।

    सोनाली टॉपलेस थी, उसी पोजीशन में हम दोनों ने साथ में बियर पी और फिर खाना खाया। अब मेरे दिल में भी तमन्ना थी कि इसकी चूत देखूँ।

    हम दोनों बेड पर आ गए। हमने एक कंबल ओढा और एक दूसरे से चिपक गए। हम दोनों के हाथ एक दूसरे के कपड़े उतारने में लग गए। मैंने सोनाली का ट्राउज़र और पैंटी एक साथ उतार दी। उसने भी मेरा लोअर अपने पैरों से खींच कर उतार दिया।

    कम्बल के अंदर हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। मैंने एक हाथ सोनाली की चूत पर रखा और उसे सहलाने लगा। सोनाली की चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे। मैं अपनी उंगली इसकी चूत की खांप में फिराने लगा। सोनाली ने भी मेरा लण्ड अपने हाथ से पकड़ा और मेरा मुट्ठ मारने लगी।

    “सोनाली, तुम्हें अच्छा तो लग रहा है ना?” “बहुत अच्छा लग रहा है प्रियम!” यह कहकर वो घूमकर मेरे ऊपर 69 की पोजीशन में आ गयी। उसकी चूत की खुशबू मुझे आनंदित कर रही थी।

    उसकी चूत का दाना फड़क रहा था, मैं उसके दाने को अपने दोनों होठों से चूसने लगा। अचानक से उसे कुछ याद आया, वो उठी और उसने अपने बैग से एक चॉकलेट निकाला। चॉकलेट बैग में रखे होने की वजह से पिघल गया था। उसने पिघली चॉकलेट को अपनी चूत और मेरे लण्ड पर लगाया और फिर से 69 पोजीशन में आ गयी। अब हम दोनों एक दूसरे के यौन अंगों को स्वाद लेकर चाटने लगे।

    मैंने सोनाली की चूत चाट चाट कर पूरी चॉकलेट साफ कर दी थी। सोनाली को अपनी चूत चटवाने में बहुत मजा आ रहा था। वो अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चूत मेरे मुँह में घुसाए जा रही थी। मैंने भी अब अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर तक घुसा दी। अब मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदने लग गया।

    सोनाली भी मेरा लण्ड पागलों की तरह चाटे जा रही थी। अब उसका शरीर अकड़ने लगा और उसकी चूत का दबाव मेरे मुँह पर बढ़ गया; उसका पानी छूटने ही वाला था। मैंने भी अब उसकी चूत में अपनी जीभ की स्पीड बढ़ा दी। दो मिनट बाद सोनाली झड़ गयी। मैंने भी तुरंत अपना पानी उसके मुँह में छोड़ दिया। अब हम एक दूसरे के प्रेम रस को पीने लगे।

    सोनाली ने मेरे लण्ड के आस पास का पूरा हिस्सा चाट कर गीला कर दिया था। अब वो उठ कर मेरी छाती पर बैठ गयी और अपनी उंगलियों मेरे बालों में फिराने लगी। उसकी गुलाबी चूत मेरी आँखों के सामने थी। उसकी चूत बिल्कुल कसी हुई लग रही थी। लगता नहीं था कि उसको कभी कोई तगड़ा लण्ड मिला भी होगा।

    “प्रियम, तुमने तो अभी से मेरी हालत खराब कर दी यार… शरीर की एक एक नस खोल दी है तुमने! काश मेरा पति भी तुम जैसे होता!” यह कहते हुए उसकी आंखें गीली हो गईं। मैंने उसे अपने ऊपर लिटाया और समझाया- नसीब में जो होता है वही मिलता है।

    उसने मुझे कस कर अपनी बाहों में कैद कर लिया- अब चोदो मुझे… इतना चोदो कि मेरी चूत से खून निकलने लगे। “रानी, मेरा भी लण्ड मचल रहा है तुम्हारी चूत में जाने के लिए।”

    मैंने सोनाली को लिटाकर उसकी दोनों टांगें अपने कंधे पर रख लीं। ऐसा करने से उसकी चूत थोड़ी और उभर गयी। मैंने अपना लण्ड उसके छेद पर सेट किया और हल्का सा झटका मारा; सिर्फ टोपा ही मुश्किल से अंदर जा पाया और दर्द की वजह से उसने भी अपने होठों को भींच लिया।

    मैंने बहुत धीरे धीरे लण्ड को अंदर पेलना शुरू किया; थोड़ी कोशिश के बाद मेरा लोहे जैसा लण्ड सोनाली की चूत में पूरा घुस गया था। सोनाली की चूत किसी कुंवारी लड़की की चूत की तरह ही टाइट थी। उसकी हालत भी खराब थी।

    थोड़ी देर मैं उसकी चूत में लण्ड को डाले बैठा रहा। जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने लण्ड को अंदर बाहर करना शुरू किया। सोनाली अपने दोनों हाथों से अपने मुम्मे दबाये जा रही थी- आह… आह.. प्रियम आह… उम्म.. ओ… आह… चोदो मुझे… जोर से चोदो मुझे… सोनाली की कामुक आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था।

    मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी थी, सोनाली भी मेरे हर धक्के का जवाब अपनी गांड उठा कर दे रही थी। उसकी चूत अब थोड़ी गीली हो गयी थी, मेरा लण्ड आसानी से अंदर जा रहा था। अब मैंने उसकी एक टांग को नीचे किया और थोड़ा टेढ़ा होकर लण्ड को अंदर पेलने लगा। इससे उसकी चूत की दीवारों में लण्ड का घर्षण बढ़ गया।

    साथ ही मैं एक उंगली धीरे धीरे उसकी गांड में घुसाने लगा। मैं सोनाली को ये संकेत दे रहा था कि अब तेरी गांड की ही बारी है। काफी देर की लगातार चुदाई के बाद उसका बदन अकड़ने लगा, सोनाली ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होठों को चूमने लगी। वो अब किसी भी वक़्त स्खलित हो सकती थी।

    मैंने भी उसके ऊपर लेटे लेटे झटकों की स्पीड और बढ़ा दी। पांच मिनट बाद दोनों एक साथ बह निकले। उसने अपनी टाँगे कैंची की तरह मेरी टाँगों में फंसा दी। पानी छूटने के बाद भी हम दोनों आधे घंटे तक एक दूसरे से चिपके रहे। “प्रियम यू आर अमेजिंग… (प्रियम तुम अदभुत हो) इतना लंबा सेक्स मेरे पति ने कभी भी नहीं किया है। तुमने मेरा दिल जीत लिया है। थैंक्स प्रियम, मुझे यह दिन हमेशा याद रहेगा। मुझे खुशी है कि मैंने सही इंसान चुना।”

    सोनाली ने मुझे भी भरपूर मजे दिए थे इसलिए मैंने भी उसे थैंक्स कहा।

    मैंने अगले तीन दिन तक उसकी जबरदस्त चुदाई करी। चूत के साथ उसने अपनी गांड का भी मुझे मजा दिया। सोनाली लण्ड के लिए बहुत प्यासी थी और मैंने उसकी उम्मीद से भी ज्यादा प्यास बुझा दी थी। सेमिनार उसने सिर्फ पहले और आखिरी दिन अटेंड किया। उसके बाद उसने मुझे नोएडा छोड़ दिया।

    आज भी सोनाली मेरी रेगुलर क्लाइंट है। जब भी उसे मेरी जरूरत होती है वो मिलने का प्लान बना लेती है।

    बॉडी मसाज से चूत चुदाई तक का सफ़र (किसी और की जुबानी)

    मेरा नाम राहूल है और मै चंडीगढ में रहता हूँ. मेरी उम्र 25 साल है. मैं आपको मेरी वो कहानी बताऊंगा, जो कुछ समय पहले ही घटी है. ऊपर वाले ने मेरे साथ क्या खेल खेला, ये आपको भी जानने का हक है.

    घर की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने काम करने का फैसला लिया. परंतु बहुत ढूंढने के बाद भी कुछ नहीं हुआ.

    इसी बीच मैं एक बार दाढ़ी बनवाने के लिए सैलून गया, वहां पर एक पोस्टर लगा था, जिसमें लिखा था कि बॉडी मसाज के लिए 22+ युवकों की आवश्यकता है. यहां पर आपको पहले ट्रेनिंग दी जाएगी. इस सब डिटेल के बाद नीचे नम्बर दिया हुआ था.

    मैं नौकरी का मारा, मैंने तुरन्त उस नम्बर पर कॉल किया और पोस्टर में बताई गई जगह पर पहुंच गया. मैंने वहां जाते ही मैनेजर से बात की, सेल्फ आइडेंटिफिकेशन के लिए आधार व अन्य कुछ दस्तावेज दिए और उसी दिन से मेरी ट्रेनिंग चालू हो गई.

    लगभग एक महीने में मैंने बॉडी मसाज का पूरा कोर्स कम्पलीट कर लिया. उसके बाद मैनेजर ने मुझे वेतन देना चालू कर दिया. फिर 2-3 महीने तक में केवल सैलून में ही आने वाले लोगों को बॉडी मसाज देने लगा. लेकिन मैं संतुष्ट नहीं था. क्योंकि मुझे वेतन बहुत कम मिलता था. मैं अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाता था.

    तब मैंने मैनेजर से कहा- सर मैं अब सैलून छोड़ना चाहता हूँ. मैनेजर ने कहा- हमारे सैलून में तुमसे अच्छा बॉडी मसाज कोई नहीं कर पाता, तुम छोड़ दोगे तो बहुत नुकसान हो जाएगा. मैंने कहा- जी जानता हूँ, फिर भी मैं मजबूर हूँ. मैनेजर ने कहा- ठीक है जैसी तुम्हारी इच्छा.

    मैंने वो जॉब छोड़ दी. इस नौकरी के बाद इन दिनों मैं बेरोजगार घूम रहा था. फिर एक दोस्त ने मुझे सलाह दी कि फेसबुक पर एक एकाउंट बनाओ, जिसमें डिटेल्स के रूप में तेरी बॉडी मसाज से जुड़ी जानकारी डाल देना.

    मैंने ऐसा ही किया, उसी दिन रात को मैंने एफबी पर एक एकाउंट बनाया, जिसमें सारी जानकारी डाल दी. कुछ देर तक फेसबुक चलाने के बाद मैं सो गया.

    अगले दिन कुछ 4-5 लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, मैंने एक्सेप्ट की और मैसेज भी कर दिए ताकि अगर उन्हें जरूरत हो तो वो मुझे सेवा का मौका दे दें.

    ऐसे ही लगभग 15 दिन तक मैं रोज उस एकाउंट पर एक्टिव रहता, इसी इंतजार में कि कोई मसाज के लिए मुझे बुक करे. लेकिन मैं हताश होता जा रहा था, कोई वापस मैसेज ही नहीं कर रहा था. बहुत लोगों को मैंने फ्रैंड लिस्ट में ऐड किया.

    फिर लगभग 1 महीने बाद एक औरत का मैसेज आया, जिसका नाम प्रेरणा (बदला हुआ) था, मैंने तुरंत उसे रिक्वेस्ट सेंड की, परंतु बहुत देर तक उसने एक्सेप्ट नहीं की. तब मैंने उसके मैसेज का रिप्लाई हैलो बोलकर किया.

    उसका तुरंत मैसेज आया कि आप बॉडी मसाजर हो? मैंने कहा- जी हां. प्रेरणा- मुझे कब का अपॉइंटमेंट दे सकते हो. मैंने- जब आप बोल दें तब.. प्रेरणा- जी.. मसाज देने का आपका चार्ज क्या है? मैंने- जी 1500 मात्र.

    प्रेरणा- ठीक है, वैसे आप कहाँ आ सकते हैं? मैंने- आपको जिधर उचित लगे, आप बता दें. प्रेरणा- ठीक है, आप मेरे घर ही आ जाना. मैंने- जी ठीक है, जैसा आप कहें. प्रेरणा- आप कल सुबह 10 बजे आ जाइयेगा.. मेरे एड्रेस पर आ जाएं और मुझे कॉल कर दें. ये मेरा कॉन्टेक्ट नम्बर है. मैंने- जी ठीक है, मैं पहुंच जाऊंगा.

    मैं उस दिन मैं बहुत खुश था.. क्योंकि बहुत दिनों बाद कोई काम मिला या. उस दिन मुझे सुकून की नींद आई.

    अलगे दिन मैं अपना सारा सामान लेकर बताई हुई जगह पर ठीक 10 बजे पहुँच गया. मैंने प्रेरणा जी को कॉल किया.

    मैंने- जी मैं अंकित.. मैं आपकी बताई जगह पर पहुंच गया हूँ. प्रेरणा- आप वहीं 5 मिनट रुकिए, मेरा ड्राइवर कार लेकर आता ही होगा, आप उसमें बैठ जाना, वो आपको ले आएगा. मैंने- जी ठीक है.

    फिर 5 मिनट बाद एक कार आई और ड्राइवर ने मुझे बैठने को कहा. मैं बैठ गया और वो मुझे एक आलीशान बंगले पर ले गया. उसने कार रोक कर कहा- आप पहुंच गए हैं.. मैडम अन्दर आपका इंतजार कर रही हैं.

    मैं गाड़ी से उतरा और दरवाजे पर जाकर बेल बजाई. जब दरवाजा खुला तब मैंने देखा कि एक साधारण से कपड़ों में एक महिला खड़ी थी. मैंने पूछा- आप ही प्रेरणा जी हैं? उसने कहा- नहीं मालकिन अन्दर हैं, आप आइये.

    मैं अन्दर गया और बंगले को बड़ी गौर से निहार रहा था, तभी अन्दर से एक महिला आ रही थी. वो दुल्हन जैसी लाल साड़ी पहने हुए थी और ऐसी लग रही थी मानो अभी मेरे पास आकर मुझे वरमाला पहना देगी. ये सब सोच ही रहा था कि वह मेरे पास आई और बोली- क्या हुआ इतनी गौर से क्या देख रहे हो आप.. आइये बैठिये.

    फिर मैंने अपना बैग सोफे पे रखा और बैठ गया. वो भी मेरे सामने सोफे पे बैठ गई. फिर उसने उसकी नौकरानी से पानी लाने के लिए कहा. तब मैं बोला- आप ही प्रेरणा जी हैं? उसने कहा- जी हां.

    तभी उसकी नौकरानी पानी लेकर आई, मैंने पानी पिया. फिर उसने कहना शुरू किया- आप मॉडलिंग या एक्टिंग भी करते हो क्या? मैं एकदम से शॉक हो गया कि ये ऐसा क्यों बोल रही है? तब मैंने पूछा- जी आप ऐसा क्यों पूछ रही हैं? प्रेरणा- आपकी बॉडी और पर्सनालिटी देखकर लगता है. मैंने- जी नहीं, केवल मैं एक बॉडी मसाजर हूँ. प्रेरणा- आप इतने स्मार्ट हो, पर्सनालिटी भी कमाल की है, आपको मॉडलिंग करनी चाहिए. मैंने- इसके लिए पैसे भी बहुत लगते हैं और वैसे भी मैं बॉडी मसाज करके ही खुश हूँ.

    फिर टॉपिक चेंज करते हुए मैंने कहा- चलिए अपना काम शुरू करते हैं. तब प्रेरणा अचानक बोली- मुझे एक्स्ट्रा सर्विस लगेगी, आपको एनर्जी ड्रिंक की जरूरत पड़ सकती है.

    मुझे लगा एक्सट्रा सर्विस का बोल रही है तो शायद ज्यादा देर तक मसाज करने का बोल रही है.

    तौ मैंने कहा- ठीक है. प्रेरणा ने अपनी नौकरानी को आवाज देते हुए कहा- फ्रीज से एक रेड बुल लेकर आना. फिर प्रेरणा ने मुझसे कहा- आज आपको मसाज का एक नया ही अनुभव मिलेगा. मैंने कहा- अच्छा है, मेरी सर्विस में भी और पूर्णता आएगी.

    इतने में नौकरानी रेड बुल लाई और मुझे दे दी, मैंने पी ली. प्रेरणा मुझे घूरे जा रही पी और साथ में कातिलाना स्माइल भी दे रही थी. मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि वो चाहती क्या है. तब मैंने कहा- अच्छा तो प्रोसेस स्टार्ट कहाँ करना है? प्रेरणा- बेडरूम में चलिए.

    वो बेडरूम की तरफ चल पड़ी, मैंने अपना बैग उठाया और मैं भी उसके पीछे पीछे चल पड़ा. हम दोनों सीढ़ियों से होते हुए बेडरूम में पहुंच गए. तब मैंने कहा- जमीन पे चटाई लगा दीजिये. उसने नौकरानी को आवाज लगाई, उससे चटाई बुलवाई और जमीन पर लगा दी.

    मैं वहीं चटाई पर बैठ कर अपना बैग खोलने लगा. तभी प्रेरणा ने कहा- मैं चेंज करके आती हूँ. मैंने- जी ठीक है.

    वह चेंजिंग रूम में चली गई. तब तक मैंने अपना मसाज का सारा सामान बैग से निकालकर जमा दिया. कुछ देर बाद वो चेंजिंग रूम से बदन पर टॉवेल लपेट कर बाहर आई.

    मैं तो उसे देखते ही रह गया. हालांकि ये मेरा पहली बार नहीं था, मैं सैलून में बहुत सी औरतों की मसाज कर चुका हूँ. किन्तु ऐसी खूबसूरत चीज आज तक नहीं देखी थी. हालांकि मेरे मन में कोई ऐसी गलत भावना नहीं थी, मैं केवल मसाज करता हूँ.

    आप यह कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं.

    वह करीब आई और बोली- अब क्या करूँ? मैंने कहा- यहां छाती के बल लेट जाइए. तब वह कहे अनुसार लेट गई.

    फिर मसाज के लिए मैंने उसका टॉवेल निकाल दिया, मुझे लगा कि इसने ब्रा, पेंटी तो पहनी ही होगी. किन्तु जब मैंने टॉवेल निकाला तो देखा कि अन्दर कुछ भी नहीं पहना है.

    तब मैंने कहा- ये क्या आपने अन्दर कुछ भी नहीं पहना है. प्रेरणा- कुछ पहनती तो पूरी बॉडी की मसाज कैसे होती. मैंने कहा- ये भी सही है.

    फिर मैं उसके पैरों से हल्के हाथ से मसाज करते हुए, कूल्हों से होते हुए गर्दन और पीठ तक पहुंचा. फिर मैंने तेल की शीशी उठाई और थोड़ा सा तेल पीठ और गर्दन पर डाल दिया और उसे हल्के हाथों से मसाज करने लगा. कुछ देर बाद मैं उसके कूल्हों पर बैठ गया और अच्छे से मसाज करने लगा. ऐसे करते हुए गर्दन से पैरों तक 20 मिनट लगे. पहले स्टेप में मैंने हल्की हल्की मसाज की.

    तब मैंने कहा- अब आप पीठ के बल लेट जाएं. वह पीठ के बल लेट गई. जैसे ही उसके बड़े-बड़े बोबे और एकदम क्लीन शेव चुत मेरे सामने आई, मैं तो जैसे पागल सा हो गया.

    मेरे मुँह से निकल गया- क्या कमाल की मेन्टेन करके रख है बॉडी को, आपको मसाज की कोई जरूरत ही नहीं है. प्रेरणा ने कहा- बॉडी मसाज ही नहीं, डीप मसाज भी करनी पड़ती है अंकित जी. मैंने कहा- क्या मतलब? प्रेरणा- कुछ नहीं अभी आप अपना काम करें.

    फिर मैं उसकी चूत के ऊपर बैठ गया और शीशी से तेल निकाल कर उसके बोबों पर डाल कर हल्की हल्की मसाज करने लगा, मेरे ऐसा करने से वो सिसकारियां ले रही थी और मुँह से ‘आआहह.. ओऊ..’ निकल रही थी.

    मैं जब भी किसी औरत की मसाज करता था, तब ये सब होता ही था, न जाने मेरे हाथों ये क्या जादू है. फिर मैं मसाज करते करते पेट से होते हुए चूत तक आया और चूत के आस-पास तेल लगाकर मसाज करने लगा. लगभग 5 मिनट तक चूत के आस पास मसाज करता रहा क्योंकि चूत के आस-पास मसाज करने से औरतों को बहुत सुकून मिलता है और उन्हें मजा भी आता है.

    प्रेरणा सिसकारियां ले रही थी और अचानक बोल पड़ी- डीप मसाज करो मेरी चूत की. तब मैंने कहा- क्या मतलब? मैं ये सब नहीं करता. प्रेरणा- आप बॉडी मसाज करते हैं तो पूरी बॉडी की करना पड़ेगा ना. अब मेरे पास कोई और ऑप्शन भी नहीं था, प्रेरणा ने बात ही ऐसी बोल दी थी. फिर मैंने कहा- ये भी सही है.

    वैसे मैं ऐसा पहली बार करने जा रहा था, थोड़ी घबराहट भी थी. फिर मैंने उसकी चूत को दो उंगलियों से चौड़ा किया.

    जैसे ही मैंने उसकी चूत को छुआ, वो उछल पड़ी और कहने लगी- आह.. जल्दी-जल्दी करो.. बहुत मजा आने वाला है. वो लंबी लंबी सांसें लेने लगी तथा कामुक सिसकारियां लेने लगी. मैंने उसकी चुत में जरा सा तेल डाल दिया और एक उंगली चूत के अन्दर डाली. कसम से दोस्तो मजा आ गया, क्या मखमली एहसास था. मैं उंगली को चुत के अन्दर बाहर करने लगा.

    मेरे ऐसा करने से वो तड़प रही थी और मुँह से आवाजें निकाल रही थी- आआह.. अम्ह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह…. येई.. आह.. ओह अंकित और तेज.. और तेज बस करते रहो..

    मैं भी जोश में जा गया और मैंने एक साथ अपनी तीन उंगलियां उसकी चूत में घुसेड़ दीं. वो एकदम से चिल्लाई और उसने मेरे होंठों से होंठ लगा कर किस करने लगी. मैं भी एक हाथ से उसकी चूत में उंगलियां कर रहा था और दूसरे हाथ से उसके सर को पकड़ कर जमकर किस कर रहा था. कभी वो अपनी जीभ मेरे मुँह में डालती, तो कभी मैं अपनी जीभ उसके मुँह में डाल देता. बीच बीच में वो मेरे होंठ को हल्के से काट भी लेती.

    करीब 8-10 मिनट तक हम दोनों किस करते रहे. फिर उसने मेरा मुँह पकड़ कर अपनी चूत पर लगा दिया और कहा- अब मेरी चूत को चाटकर चूत की मसाज करो. मैंने पहली बार चूत पर जुबान लगाई थी, क्या स्वाद था उसकी चूत का, नमकीन-नमकीन आहा.. मजा आ गया दोस्तो..

    जैसे ही मैंने जीभ को चूत के छेद में डाला वो एकदम से काँप गई और कहने लगी- आआहह.. उईई उहहह.. खा जा अंकित माय डार्लिंग.. मेरी चूत को खा जा कमीनी बहुत पानी छोड़ती है.. आज तो पी जा इसे.. खाली कर दे इसे… मैं इसी तरह उसकी चूत को 15-20 मिनट तक चाटता रहा.

    फिर प्रेरणा ने कहा- डार्लिंग अब रहा नहीं जाता यार.. डाल दे तेरे हथियार को इसके अन्दर. मैंने कहा- पहले हथियार की मसाज तो कर दो.

    इतना कहते ही उसने तुरंत मेरे पेंट की जिप खोली और लंड को तुरत खींचकर बाहर निकाला. उसकी जल्दबाजी से मुझे दर्द हुआ, पर इतना पता नहीं चला.

    फिर उसने लंड को देखकर कहा- ओह माय गॉड, इतना बड़ा.. अब क्या होगा मेरा.. ये तो मेरी फाड़ ही देगा.. ये तो 7-8 इंच लंबा है.. और लगता है 2.5-3 इंच मोटा भी है. मैंने कहा- मैंने इसे बहुत संभाल के हट्टा-कट्टा किया है.

    वो तुरंत लंड को मुँह में लेकर चाटने लगी. वाह दोस्तो क्या एहसास था.. लग रहा था मानो मैं हवा में उड़ रहा हूँ, मजा आ गया था.

    ऐसे ही 10-15 मिनट तक तो लंड को चूसती रही और मैंने लंड के पानी को उसके मुँह में ही झड़ा दिया. वो मेरा पूरा माल पी गई और बोली- वाह क्या नमकीन स्वाद है, अब से मैं यही पिया करूंगी, तुम्हारा रस बहुत टेस्टी है.

    वो खड़ी होकर बेड पर लेट गई और बोली- अब मुझसे रहा नहीं जाता.. मेरी चूत में अपना हथियार जल्दी डालो. मैं तुरंत खड़े होकर बेड पे गया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पे रख कर लंड को उसकी चुत पर सैट कर दिया. फिर कुछ पल लंड को ऊपर नीचे करके चूत को सहलाता रहा.. और अचानक एक जोर का झटका लगाया और लंड का टोपा उसकी चूत में पेल दिया.

    सुपारा घुसा तो वो चिल्ला उठी और कहने लगी- आह.. मार दिया.. मगर रुकना नहीं.. पूरा डालो अन्दर.. फाड़ दो इस हरामजादी को.. बहुत खुजली मचती है इसको, बहुत आग है कमीनी में, आज तो अपने लंड के अमृत से इसकी प्यास बुझा ही दो.

    अब मैं उसकी बातें सुनकर ख़तरनाक जोश में आ गया, मैंने पूरी ताकत के साथ एक और धक्का लगा दिया. इस बार मेरा आधा लंड प्रेरणा की चूत में समा गया. उसकी आंखों से आंसू आ गए, तब भी वो चोदने को कहे जा रही थी. उसकी हिम्मत की देखकर मैंने एक और जोर का धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में समा गया.

    उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी, फिर भी वो कह रही थी- आज चूत गांड एक कर दो, फाड़ दो सब कुछ.

    फिर मैं कुछ समय रुका और उसे किस करने लगा. दो मिनट किस करने के बाद में धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा. बस 4-5 मिनट तक यूं ही धीरे धीरे चोदता रहा. जब वो नीचे से चूतड़ उछालकर चुदवाने लगी, तब मैंने भी स्पीड बढ़ा दी. मैं धक्के पे धक्का, धक्के पे धक्का, जोर-जोर का धक्का लगाये जा रहा था.

    वो भी- आहहह.. येई.. ले ले मेरी आज, फाड़ दे, मिटा दे मेरी चुदक्कड़ चूत की प्यास.. अहहह.. ओओहह.. इन सब आवाजों से पूरा बेडरूम गूंज रहा था.

    करीब 10 मिनट तक ऐसी ही थका देने वाली चुदाई चलती रही. अब वो झड़ने वाली थी. उसने मुझे कसके पकड़ लिया, उसका पूरा शरीर अकड़ गया था. उसकी चूत ने मेरे लंड को चारों तरफ से जकड़ सा लिया. उसकी चूत मानो मेरे लंड को पकड़ के अपने अन्दर खींच रही थी. ऐसा एहसास मुझको कभी नहीं हुआ था, उस समय लगा जैसे यही जीवन का असली सुख है.

    तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया, उसका शरीर भी ढीला पड़ गया, उसका पानी चूत से होते हुए मेरे लंड के आस पास से निकल रहा था.

    परंतु मैं अभी तक झड़ा नहीं था, मैंने धक्के और तेज कर दिए. उसके झड़ने के 1-2 मिनट बाद में भी झड़ने वाला था, मैंने उसे इशारा किया कि मैं झड़ने वाला हूँ.. तो उसने कहा- मेरी चूत ही इस अमृत को पियेगी.

    उसके इतना कहते ही मैं उसकी चूत में ही झड़ गया, मेरा ढेर सारा माल उसकी चूत में ही समा गया और मैं निढाल होकर उसके ऊपर ही गिर गया.

    फिर 4-5 मिनट बाद हम दोनों उठे और वो मेरे लंड को चाटकर साफ करने लगी. इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. ये देखकर वो मुस्कुराई, फिर क्या था.. हो गया फिर से कार्यक्रम शुरू.

    उस दिन हमने 4 बार चुदाई की. फिर हम दोनों नहाये और फिर हमने साथ में उसके घर ही खाना खाया. अंत में उसने मुझे 3000 रूपए दिए.

    तब मैंने वापस देते हुए बोला- शायद आप भूल गई. मेरा चार्ज 1500 ही है. तब उसने बोला- आज तुमने मुझे बहुत खुश किया है, मैं अपनी खुशी से दे रही हूँ. मैंने कहा- ठीक है.

    उसकी कार में उसका ड्राइवर मुझे मेरे घर तक छोड़ने गया. उसके बाद बहुत बार प्रेरणा ने मसाज ले लिए बुलाया और मैंने प्रेरणा की बॉडी मसाज की और चुदाई भी की.

    अब इन्तजार है कि कोई और ग्राहक मिले और आशा करता हूँ कि कोई औरत ही मिले.

    एक कहानी, दोस्त की जुबानी 

    मैं पुणे के एक अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र हूँ. मैं बचपन में बहुत शर्मीला लड़का था. पिछले लगातार चार साल कसरत करने से अब मेरा जिस्म बिल्कुल एक मंजे हुए पहलवान की तरह गठीला हो गया है. ऊपर से मेरे घुंघराले बाल मेरा पुरुषार्थ ब्यान कर रहे थे. मेरा 5 फुट 8 इंच का कद है और सिक्स पैक्स भी है. बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में बहुत होशियार था.

    तो जैसा कि मैंने लिखा कि मेरी कहानी पर ढेर सारे ईमेल आए थे, उन्हीं ईमेल में से एक ईमेल एक महिला का भी था, वो भी पुणे से ही थीं. उनका नाम तो मैं नहीं बता सकता. ईमेल में उन्होंने मेरी कहानी में मौसी की चुदाई के बारे में कहा कि मौसी से बात कर लो, अच्छा फील करोगे और वो तुम्हें भी माफ कर देंगी.

    उनसे ऐसे ही कुछ बातें हुईं और मैं भी उनको रेस्पॉन्स देता गया. उसके बाद पता चला कि उनकी उम्र तीस साल थी और वो एक हाउसवाइफ थीं. उनका एक बच्चा भी था, वो 3 साल का था. उन्होंने बताया कि उनके घर वालों ने उनकी जल्दी ही कम उम्र में ही शादी करवा दी. उनके पति एक कंपनी में जॉब करते थे और पूरे दिन भर घर में वो अकेली रहती थीं. रात को भी उनके पति थक कर आते थे और जल्दी सो जाते थे.

    मैं समझ गया कि वो मुझसे क्या चाहती है. उसके बाद हमने फोन नंबर्स एक्सचेंज कर लिए और व्हाट्सएप्प पर बातें करने लगे. मैं उन्हें सेक्स की बातें करके हर बार गर्म कर देता था. अब उनकी भी चूत मचलने लगी थी.

    ऐसे ही बातें करके उन्होंने पूछ ही लिया कि मेरी प्यास बुझाने कब आओगे? पहले तो मैंने टोक दिया और कहा कि मैं कोई कॉलब्वॉय नहीं हूँ.

    फ़िर भी मुझे सामने चूत दिख रही थी तो कब तक मेरे जैसा जवान खुद को रोक सकता था. तो मैंने भी उनको हां कर दी.

    उन्होंने मुझे एक मॉल में आने को बोला तो मैं भी सज-धज के निकल पड़ा. जब मैं पहुंचा तो लगा कि शायद किसी ने मजाक कर दिया है. लगभग बीस मिनट के बाद वो आयी और मुझे कॉल करके पार्किंग एरिया में बुलाया.

    मैं उधर गया तो कोई दिखाई नहीं दे रहा था, तभी उनका कॉल आया और कहा कि पीछे मुड़कर काली कार में आ जाओ.

    मैंने देखा तो एक काली गाड़ी में से एक औरत हाथ हिला रही थी. तो मैं कार में जाकर उनके बगल में बैठ गया. वो तो बहुत ही सेक्सी और कामुक औरत थी दोस्तो. उनके बदन की खुशबू तो चार चांद लगा रही थी. मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे. उनको हैलो बोल कर मैंने उनको देखा तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया.

    उसके बाद हम उनके घर की ओर चल पड़े. सफर में मैं उनके एक हाथ और उनके बालों से ही खेल रहा था. उनको भी शायद अच्छा लग रहा था. गाड़ी में ऐसे ही कुछ नार्मल बातें हुईं.

    करीब 15 मिनट के बाद हम उनके आलीशान घर में पहुँच गए. वो मुझे अपना बड़ा सा घर दिखाने लगीं. मुझे पानी दे कर वो कॉफ़ी बनाने चली गईं. थोड़ी देर बाद वो कॉफ़ी लेकर आईं और बोलीं- मैं चेंज करके आती हूँ.

    कॉफी पीते पीते में उनके बारे में ही सोच रहा था कि वो आ गईं. अब तो वो और भी खूबसरत लगने लगी थीं. उन्होंने सेक्सी काली स्लीवलैस नाइटी पहनी थी जो कि उनके घुटनों तक ही आ रही थी. उनके गोरे बदन पे वो काली नाइटी बहुत जंच रही थी, जैसे कोई चैस बोर्ड दिख रहा हो, काली गोरी का मैच बड़ा सेक्सी लुक दे रहा था. उनकी फिगर लगभग 34-30-32 की होगी. उनकी ऊंचाई भी 5 फुट 3 इंच की थी. उनको देख के तो मैं खो ही गया था. मेरे साथ बिल्कुल किसी सपने में होता है वैसा हो रहा था.

    फिलहाल वो आईं और एक सेक्सी डांस का लुक देकर मेरे बगल में आकर बैठ गईं और मेरी और देख मुस्कराईं. मैं उनका इशारा समझ गया और उनको बांहों में ले कर उनके बेडरूम में ले गया. मैंने उनको चूमते हुए उनके बड़े से गोल आकार के बिस्तर पे पटक दिया.

    वो मुस्कुराईं और बोलीं कि इतनी कम उम्र के होकर भी बड़ी प्रोफेशनल फील देते हो.

    फिर मैंने अपनी जैकेट और टी-शर्ट उतार दी और उनकी उनके सामने ही नकल करने लगा तो वो हंस पड़ीं. उनके चलने का ढंग, उनके बातें करने का तरीका, उनकी हर अदाएं मैं बिल्कुल सही से कर रहा था.

    उसके बाद मैंने उनको उठाकर उनके साथ साल्सा डांस भी किया. थोड़ी देर बाद हम थक कर बिस्तर में लेट गए और मैंने उनको मेरी बांहों में ले लिया था और बातें करने लगा. वो बहुत खुश लग रही थीं. उस दिन मुझे इस बात का एहसास तो हुआ कि मैं किसी को कुछ किये बिना ही खुश रख सकता हूँ. उनसे बातें करते करते मैं उनके सर पर बार बार चूम रहा था. उनको भी इस बात की कोई आपत्ति नहीं थी.

    दोस्तो, किसी भी औरत को सेक्स से ज्यादा किसी अच्छे साथ की जरूरत होती है. उस दिन से मुझे पता चला कि शायद उनकी जिंदगी में ऐसा कोई नहीं था कि जो उनको वक़्त दे सके, उनसे हंसी मजाक कर सके और उनको खुश कर सके.

    करीब एक घण्टे बातें करने के बाद वो फिर से कॉफी बनाने जाने लगीं, तो मैंने उन्हें रोक लिया, मैंने कहा कि इस बार कॉफ़ी में बनाऊंगा. तो वो हंस दीं और बोलीं- ठीक है.

    मैं उनके किचन में जाकर कॉफी बनाने लगा, तो वो भी आ गईं और कहने लगी कि तुम्हारी होने वाली बीवी बहुत ही खुशनसीब होगी, जो उससे तुम्हारे जैसा पति मिलेगा. मैं तुम्हारी बीवी से बहुत जेलस फील करूँगी.

    इतना कह कर वो हंस पड़ीं. फिर मैंने उनको कॉफ़ी दी और हम कॉफ़ी पीने लगे.

    तब तक उनके बच्चे का स्कूल से आने के समय हो गया था. तो उन्होंने कहा कि तुम ऊपर वाले बेडरूम में टीवी देखना तब तक मैं बेटे को लेकर आती हूँ.

    फिर मैं ऊपर जाकर टीवी देखने लगा, पता नहीं मुझे नींद कब लग गई और मैं उसी बेड पे लेट गया. टीवी चालू ही था. काफी देर बाद में नींद से उठा. अब शाम हो गई थी. मैं सोच रहा था कि वो अब तक आई कैसे नहीं? फिर मैं नीचे जाके उनको देखने लगा तो वो किचन में सब्जी काट रही थीं. मैंने उन्हें पीछे से हग किया तो वो बहुत डर गईं, फिर हंस पड़ीं.

    मैंने उनसे वैसे ही पूछा कि आपने मुझे उठाया क्यों नहीं? तो उन्होंने कहा कि तुम सोते हुए बहुत मासूम लग रहे थे.

    मैंने उन्हें गाल पे किस किया तो वो कसमसा गईं. कुछ वक्त तो वो वैसे ही मेरी बांहों में बनी रहीं और मेरे आगोश में लिपटी हुई थीं. फिर उन्होंने कहा- अभी मस्ती बस.. तुम ऊपर के बेडरूम में जाके मेरा इंतज़ार करो.

    फिर लगभग एक घंटे बाद वो ऊपर आईं. वो साथ में खाना भी लेकर आईं और उनके बेटे को शक न हो इसीलिए तुरंत ही नीचे चली गईं. मैंने वो खाना खा लिया और टीवी देखने लगा. लगभग एक घंटा और बीत गया, वो फिर भी नहीं आईं तो मैं बेचैन होने लगा. मैंने उन्हें कॉल किया तो उन्होंने कहा कि बस बेटे को सुला कर आती हूँ.

    तकरीबन आधे घंटे बाद वो आ गईं. आते ही उन्होंने लाइट बन्द कर दी और मूनलाइट जला दी. वो मेरे पास आके लेट गईं. उन्होंने उस वक़्त पर्पल कलर की मैक्सी पहनी थी.

    हम ऐसे ही बातें करने लगे तो मैंने उनसे पूछा कि आपके पति कहां पे है? उन्होंने कहा कि वो उनके दोस्त के शादी में गए है. दो दिन बाद आएँगे. उसके बाद मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने मेरे जैसे किसी अनजान लड़के को मिलने घर क्यों बुलाया? उन्होंने कहा कि तुम्हारे बात करने के तरीके से तुम मुझे बहुत अच्छे लगे और मेरे साथ मेरे बेड पे सो रहे हो तो तुम अनजान कैसे?

    इस बात पर हम दोनों हंसने लगे.

    अब मैंने देर ना करते हुए उनकी चुचियां पकड़ लीं. एक को चूसने लगा.. और दूसरे हाथ से दबाने लगा. साथ में ही उनकी गर्दन चूम लेता, तो कभी उनकी चुत में उंगली डाल देता. अब धीरे धीरे वो भी फिर से गर्म होने लगीं.

    अब वो बोलने लगीं कि अब अपना लंड डाल भी दो.

    लेकिन मुझे उन्हें और थोड़ी देर तरसाना था. मैं उनकी चुत चाटने लगा. मैं ऐसे चुत चाट रहा था, जैसे कोई बच्चा आइसक्रीम चूस रहा हो. कुछ देर बाद मैं उनकी चुत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा तो वो चिहुँक उठीं. जैसे किसी प्यासे इंसान का पानी के बिना हाल होता है, वैसा ही उनका हो रहा था. फिर मैंने अपने लंड पर धीरे धीरे दबाव बनाते हुए उनकी चुत में डालने लगा. आधा लंड घुसने के बाद एक जोर के झटके के साथ मैंने पूरा लंड उनकी चुत में उतार दिया.

    उन्होंने मुँह से प्यार भरी ‘आह.. मर गई…’ की कराह निकाली.

    अब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना चालू कर दिए. उनकी चुत किसी गर्म भट्टी की तरह हो गई थी. मेरा लंड भी उनके गरमी की वजह से पूरा गर्मा गया था. अब वो बोलने लगीं- आह चोद दो जोर जोर से. मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा.

    हम मिशनरी अवस्था में थे तो आप कल्पना कर सकते हो कि हमें कितना मज़ा आ रहा था. उनका पूरा जिस्म मेरी मजबूत बांहों में था. धक्के लगाते हुए मैं उनकी गर्दन को भी चूमे जा रहा था. वो तो पूरी तरह से पागल हो कर कुछ भी बड़बड़ा रही थीं.

    एक अँधेरी रात में जैसे दो पंछी प्रेमविहार में डूबे हों, वैसा नजारा था.

    आज पहली बार दिल को सुकून मिल गया था. बाद में मैंने पोजीशन बदलने को चाहा और खुद एक कुर्सी पर बैठ कर उन्हें अपने लंड पर बिठा कर झटके मारने को बोला. वे वैसे ही हो गईं.

    अब मेरा लंड उनके चुत की कश्ती में झटके लगा रहा था. ऐसा लग रहा था यह पल बस यहीं थम जाए. बाद में मुझे मेरे लंड में कुछ गर्म एहसास हुआ, मैडम ने अपना लावा छोड़ दिया था. झड़ जाने के बाद उन्होंने अपना जिस्म पूरी तरह से मेरे हवाले कर दिया था.

    कुछ देर झटके लगने के बाद मैं भी उनकी चुत में झड़ गया. मैं उनको उठा कर बिस्तर पर ले आया. वो मेरी बांहों में वैसी ही लेटी रहीं और हम दोनों वैसे ही नंगे बिस्तर पर लेटे रहे. किसी कैदी को जैसे जेल से बाहर आने पर होता है, शायद वैसा ही हाल मेरा लंड को हुआ होगा. कब उनकी बांहों में नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

    फिर सुबह उठकर उन्होंने मुझे 5 हजार रूपए दिए और बोला कि मैं फिर से कॉल करूँगी.

    तो दोस्तो यह रही मेरी प्लेबॉय बनने की दास्तान.. कैसी लगी मुझे जरूर बता

    mrsfarhana

    Aaaahhhh

    faizyahem

    Wats d movie name pld tell me

    harddick21blog

    आह से अआहा तक 

    हर फिल्म का एक ही मकसद होता है चूत में लंड घुसवा देना. कहानी थोड़ी कभी कभी अच्छी बना देते हैं पर होता सभी में एक ही चीज है बस पात्र बदल जाते हैं. इस कहानी में काफी मजा  आया देख कर और जो इनके एक्सप्रेशन हैं वो काबिले तारीफ हैं. कहानी में हर कुछ आराम आराम से आगे बढे तो देखने में भी मजा आ जाता है. एक दम से सब कुछ हो जाए तो देखने में उतना मजा नहीं आता है.

    हमारा पहला ग्रुप सेक्स

    @samarchu << First Group sex in my words. 

    आज मैं अपने पहले ग्रुप सेक्स की कहानी आप सब के सामने रखूंगी और उन खूबसूरत लम्हें की यादों को फिर से ताजा करुँगी.

     हमारी स्विन्गिंग की पारी की शुरुवात में हमने चार पांच बार अलग अलग कपल के साथ स्वैप किआ और इस लाइफ स्टाइल में इस तरीके से हमारा आगाज हो गया. अलग अलग कपल के साथ स्वैप करने से हम लोग थोडा इस लाइफ स्टाइल से परिचित हो गए और थोड़े कम्फ़र्टेबल भी हो गए.

     जब हम लोग कपल के साथ थोडा कम्फ़र्टेबल हो गए तब सैम के दिमाग में कहीं से “ग्रुप फन” का आईडिया कुलबुलाने लगा और उन्होंने अपने इस आईडिया को मुझे बताया. मुझे एक बात पता है अगर सैम का कोई आईडिया होगा तो थोडा नॉटी होगा और बहुत मजेदार होगा इसलिए मैंने भी बिना एक पल को सोचे सैम को हाँ कर दिया. सैम का हर आईडिया मुझे ध्यान में रखकर बनता है जिसमें मेरी सुरक्षा और मजे का पूरा ध्यान रखा जाता है.

     अपने इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए हमने अपने सबसे पहले स्वैप पार्टनर को संपर्क किया जो दिल्ली में रहते हैं और उन्हें इस आईडिया से अवगत कराया. आईडिया सुनकर उन्हें भी बहुत ख़ुशी हुई, उन्होंने भी इस पर अपनी स्वीकृति दे दी और हमें दिल्ली आने का निमंत्रण दे दिया जिसे हमने भी सहर्ष स्वीकार कर लिया.

     हम लोग दिल्ली पहुंचे और उनके साथ उनके घर में स्वैप करने के बाद हम लोग निकल पड़े “सीकर” जहाँ हमने हमारा ग्रुप सेक्स प्लान किआ गया था. गाडी में हम लोगों ने अपने पार्टनर बदल लिए थे ताकि मजे को दुगुना किया जा सके. मैं उनके साथ आगे वाली सीट पर बैठ गई और सैम पीछे वाली सीट पर उनकी वाइफ के साथ बैठ गए. चार पांच बार की मुलाकात के बाद हम लोगों की आपस की शर्म ख़तम हो चुकी थी और हम लोग खुल कर एक दुसरे के साथ मौज मस्ती और छेड़ छाड़ कर पा रहे थे.

    इस तरह से हमारे मस्ती के कारवां की शुरुवात हो गई और हम सभी चल पड़े अपने मंजिल की ओर..जो आगे और भी सुहानी, मस्ती, चुदाई, चटाई और ठुकाई से लबरेज होने वाली थी. जैसा के मैंने बताया हम लोग आपस में काफी खुल चुके थे और और दुसरे से मस्ती करने में भी कोई परहेज नहीं कर रहे थे. रास्ते में हम लोग कभी एक दुसरे को चूमते तो कभी अपने पार्टनर का लंड निकाल कर उससे खेलते थे. हमारे पार्टनर्स भी बदले में कभी कभी हमारे संतरों को दबा कर अपने हाथ से उसका साइज़ और वजन नापने की कोशिश किया करते थे. इसके अलावा उन्होंने हमारे चूत में अपनी ऊँगली घुसा कर हमारी चूत का बुखार चेक किआ और इसी तरह हम लोग मौज मस्ती करते हुए सीकर के पास पहुँच गए.

     सीकर पहुँचने से पहले एक छोटा सा गाँव आता है, जहां हम लोगों ने एक ढाबे में चाय पिया और वहां के लोगों को हम दोनों लड़कियों ने बिना ब्रा पेंटी के थोडा अपने हुस्न का जलवा दिखाया….हम दोनों ने इस साहस और जोखिम से भरे हुए काम को करने के लिए एक दुसरे को बधाई दिया और आँखों ही आँखों में हमने ये तय कर लिया के आगे के रस्ते में हम और भी ज्यादा करने वाले हैं. थोडा आगे जाने पर हम दोनों लडकियां नंगी होकर फोटोग्राफी करवाने के इरादे से बीच सड़क पर उतर आये..और दोनों मर्दों को हमारी नंगी फोटो अलग अलग मादक और सेक्सी पोज में खींचने को कहा. हम लोगों ने सड़क पर और जंगल में भी कुछ शानदार फोटो खिचवाये. हम लोग इतने उत्साहित थे के हमें खुद नहीं पता था हम क्या कर रहे थे. हम लोग हर उस चीज को करना चाहते जो हमने कभी अपने सपने में सोच रखा था इसलिए हमें जो भी लगा हमें करना चाहिए हम उस चीज को बेझिझक होकर करते चले गए.

     सुबह हम सीकर पहुँच कर अपने कपल दोस्त के यहाँ गए और नाश्ता करने के बाद अपने रूम में थोडा आराम करने चले गए. रात भर के सफ़र से हम लोग काफी थक चुके थे और ऐसे में मस्ती करना अपनी मस्ती को बर्बाद करने के जैसा था इसलिए सभी ने पहले आराम करने का सोचा और बाद में फ्रेश होकर मस्ती करने का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने ख़ुशी से स्वीकार भी कर लिया.

     लंच के लिए सभी फ्रेश होकर दोपहर में मिले और रात के मजे के बारे में प्लान बनाने लगे. बात करते करते और प्लानिंग करते करते शाम हो गई. शाम के वक्त सभी कपल लोकल मार्किट में शौपिंग करने और घूमने निकल पड़े. हम सारी लड़कियों ने रात में मस्ती करने के लिए नए डिज़ाइनर ब्रा और पेंटी लिया. थोड़ी देर यूँही मार्किट में घूमने के बाद हम सभी डिनर के लिए एक रेस्तरां गए और अपना रात का खाना खा लिया और वापस अपने घर आ गए. वापस आते वक्त रस्ते में हमने कुछ नमकीन, सोडा, बियर और वोडका ले लिया रात के मजे को और रंगीन करने के लिए. श़बाब के साथ शराब न हो तो फिर सुरूर चढ़ता नहीं है ये सभी जानते थे इसलिए हमने सब कुछ खरीद लिया.

     घर पहुँच कर हम लोगों ने रात के लिए दो ग्रुप बना लिए. पहले ग्रुप में दो लडकियां और एक लड़का और दुसरे ग्रुप में दो लड़के और एक लड़की. उसके बाद ये तय हुआ कोई लड़का या लड़की अपने पार्टनर के साथ नहीं जाएगी या जाएगा और दोनों ग्रुप वाले अपने पार्टनर के साथ अलग अलग रूम में चुदाई करेंगे.

     मैंने दो लड़की और एक लड़के वाला ग्रुप ज्वाइन किआ सीकर वाले आदमी के साथ और दिल्ली वाली हमारे जो दोस्त थे उन्होंने सीकर वाले की पत्नी और सैम ने दिल्ली वाले की पत्नी के साथ ज्वाइन करने का निर्णय लिया. जब एक बार सब कुछ तय हो गया तब हमने असली खेल शुरू किआ. खेल शुरू करने से पहले हमने माहौल को गरम करने के लिहाज से नाच गाने के साथ ड्रिंक लेना शुरू कर दिया.

     थोड़ी ही देर में नशा सभी के सर चढ़ कर बोलने लगा और उन्होंने वहीँ सभी के सामने सॉफ्ट फन करना शुरू कर दिया. थोड़ी देर तक सभी वहां ऐसे ही नाचते रहे और एक दुसरे के पार्टनर के साथ ऐसे ही छेड़छाड़ करते रहे उसके बाद सभी अपने चुने हुए पार्टनर के साथ अपने अपने रूम में चले गए आगे के चुदाई के प्रोग्राम के लिए.

     जैसे ही हम दोनों लडकियां उस सीकर वाले आदमी के साथ रूम में गए, वो आदमी किसी भूखे शेर की भाँती हम पर टूट पड़ा और हमें बेतहाशा चूमने, चाटने लगा. उसने अपने कपडे भी काफी जल्दी ही निकाल दिए थे, ऐसा लग रहा था जैसे उसे हम दोनों की चूत मारने का मौका आगे कभी मिलेगा नहीं इसलिए जितनी जल्दी हो सके चूत चोद लो. सीकर वाले ने हमें नंगी किआ और पहले घूर घूर कर हमें देखा. उसके बाद आव न देखा ताव सीधा मुझे अपने करीब लेकर अपने होंठ मेरे नरम और मुलायम होठों पर रख कर उसका स्वाद लेने लगा. मैंने भी उसे इसका जवाब उसकी छाती में में अपने चूचे दबाकर उसमें सिमटते हुए दिया. मेरे द्वारा ऐसा करने पर वह और उत्तेजित हो गया और उत्तेजना में उसने मेरे दोनों चूचों के निप्पल को दबाना शुरू किआ. उसने काफी जोर लगाकर मेरे चूचों को दबाना जारी रखा जिससे मुझे मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था इसलिए मैं उसके ऐसा करने का विरोध नहीं कर पाई.

     मेरी साथ आई दूसरी लड़की ने जब हमें ऐसे गुत्थम गुत्था होते हुए देखा तो उससे भी रहा नहीं गया और उसने सीकर वाले का लंड हाथ में लिया और उससे खेलते खेलते उसे मुंह में भर लिया और उसे लोलीपॉप की तरह चूसने लगी. उसको ऐसा करते देख मेरा भी मन ललचा गया उस लोलीपॉप को मुंह में लेने के लिए तो मैं भी खुद को रोक न पाई और उनके लंड पर टूट पड़ी. मैंने भी उनका लोलीपॉप जम कर चूसा. मैंने उनका टोपे को निकाल कर उस पर अपनी जीभ डालकर उसके हर हिस्से को आराम से चूसा जिससे उन्हें खूब मजे का अनुभब हुआ और वो हम दोनों का सर पकड़ कर अपने लौड़े पर बार बार रगड़ रहे थे.

     थोड़ी देर तक ऐसा चलता रहा, उसके बाद उन्होंने हम दोनों को बेड पर लिटा दिया और हम दोनों की मखमली चूत को बारी बारी से चाटने लगे. उनके चूत चाटने का अंदाज़ इतना निराला था के मैं खुद पर नियंत्रण रख पाने में असफल हो रही थी और कुछ ऐसा ही हाल मेरे साथ आई हुई उस लड़की का भी हो रहा था. सीकर वाले ने हमारी चूत के दाने को अपने मुंह में लेकर और अपनी ऊँगली को चूत में डालकर मस्ती में चूसना जारी रखा और हम दोनों को तवे के सामान गरम कर चुदाई के लिए तैयार कर दिया. हम लोग भी अब उसके लौड़े के चोट को अपनी चूत में सहने को बेचैन हो गए थे जिसे उसने भांप लिया और अपने लौड़े को हमारी चूत में डालकर चोदने को तैयार हो गया.

     उसने अपने जीभ से जो हमारी चूत की मथाई की थी उससे हमारी चूत लंड के लिए लपलपा रही थी, तभी उसने अपना फनफनाता लौड़ा मेरी चूत के मुहाने पर रख दिया. मेरी चूत के ऊपर और आजू बाजू उसे घुमाने लगा. उसने हमारी हालत ऐसी कर दी थी के अगर थोड़ी और देर हो जाती तो हम दोनों खुद ही उसका लौड़ा अपनी चूत में डाल लेते थे.

     उसने अब धीरे से अपने लौड़े को आधा मेरी चूत में डाल कर मेरे ऊपर झुक गया और मेरे होठों को चूमते हुए अपने एक हाथ से मेरे चूचों की घुंडियों से खेलने लगा. ऐसा शायद वो मुझे थोडा शांत करने के लिए कर रहा था और जैसे ही मैं थोडा शांत हुई उसने एक दम से अपना लौड़ा जड़ तक बाहर खींच कर एक जोरदार झटके के साथ मेरी चूत के जड़ तक फिट कर दिया और धडाधड बिना रुके अपना लौड़ा अन्दर बाहर करने लगा. उसके एक दम से हुए इस वार से थोडा मैं भी बौखला गई थी लेकिन थोड़ी देर में ही संयत हो गई और मजे से उसका साथ देने लगी. मैं भी उसके हर धक्के का जवाब अपनी गांड उठा उठा कर देने लगी और इस तरह से कमरे में भयंकर चुदाई का मंजर शुरू हो चला. पलंग से चर चर और चीं चीं की आवाजें आनी शुरू हो गई और उनका लौडा मेरी चूत में घुसकर एक अलग तरह की ध्वनि उत्पन्न कर रहा था. आआह आआआअह और ऊऊऊह उफफ्फ्फ्फ़ पुच पुच की आवाजों से पूरा कमरा गूँज रहा था.

     थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे साथ आई हुई लड़की को भी भयंकर तरीके से चोदा और इसी तरह चुदाई करते करते समय किस तरह निकल गया कुछ पता ही न चला. उन्होंने बदल बदल कर हम दोनों को बराबरी से सुबह के चार बजे तक चोदा. सुबह होने पर पता लगा सुबह हो चुकी है और हम लोग थोडा आराम के मूड में आ गए थे. वैसे भी इतनी भयंकर चुदाई के बाद तो शरीर को आराम तो लाजिमी चाहिए इसलिए हम लोग थोडा फ्रेश हुए और वैसे नंगे होकर बेसुध सो गए. सीकर वाले हम दोनों लड़कियों के बीच में दोनों के कन्धों पर हाथ रख कर हमें किस करने के बाद सो गए.

     जब हमारी आँख खुली तब तक दिन चढ़ चूका था और घडी देखने पर पता चला दिन के दो बज चुके हैं. सभी उठे और फ्रेश होकर ड्राइंग हॉल में एक दुसरे से रात का अनुभव शेयर करने लगे. उधर सभी पुरुषों ने दोपहर का खाना बाहर से आर्डर दे दिया और हमें हमारी बातचीत में ज्वाइन कर लिया.

     उन सभी का प्लान था जैसे ही डिलीवरी बॉय आएगा सभी लडकियां मिलकर उसे छेड़ेंगी और उसके साथ मजे लेंगी. सबसे पहले मेरी बारी थी डिलीवरी बॉय के सामने जाने की और जैसे ही वो आया तो मैं सिर्फ टॉवेल में दरवाजा खोला उसे अन्दर बुलाया और कहा, “थोडा, इन्तेजार करो अभी पैसे लेकर आती हूँ.” जैसे ही मैं अन्दर गई तो दूसरी लड़की जो की एक खुले गले और ढीली शर्ट बिना ब्रा के पहने थी वो सामने गई उसके जिसमें उसके आधे क्लीवेज और चूचे दिख रहे थे..इससे पहले वो कुछ कहती डिलीवरी बॉय से तभी तीसरी लड़की जो की सिर्फ शमीज ही पहने थी पानी पूछने के बहाने से सामने आ गई. अब तो उस डिलीवरी बॉय की काटो तो खून नहीं जैसी हालत हो गई. उसे समझ नहीं आ रहा था क्या करे…तीन लडकियां एक साथ वो भी अलग अलग अंदाज़ में और तीनों एक से बढ़कर एक.

     हमने देखा उसके लंड में तनाव आ चूका था और वो ऐसा लग रहा था जैसे उसका लंड उसकी पेंट को फाड़कर बाहर आ जाएगा. हम सभी ने उसे मादक अंदाज़ से देखना शुरू किआ तो उसे और थोडा बल मिल गया..लेकिन इससे पहले के वो कुछ करने की सोचता किसी ने आवाज लगा दी… वह डर गया और सरपट अपने पैर को सर पर रखकर वहां से भाग गया. हम लोगों के और अनुभवों में ये भी एक नया अनुभव जुड़ गया और हम सभी काफी हंस रहे थे उसकी हालत पर और खुश भी हो रहे थे.

     सभी ने लंच किआ और उसके बाद थोडा आराम करने अपने रूम में चले गए. शाम को सभी फ्रेश होकर रात का ग्रुप सेक्स का प्लान बनाने लगे. प्लान के फाइनल होते ही सभी आदमी लोग अपने लिए बियर लेने गए उसी वक्त हम सभी लड़कियों ने ये प्लान बनाया की जब हमारे आदमी लोग ड्रिंक कर रहे होंगे तब हम उनको लुभायेंगे और अपना लेस्बियन शो स्टार्ट कर देंगे. सारी लडकियां इसके लिए तैयार हो गई और बेसब्री से आदमियों का इन्तेजार करने लगी.

     जैसे ही सारे आदमी लोग आये तो सभी लड़कियों ने एक स्वर में कहा, “आज आप सब को ड्रिंक हम लोग सर्व करेंगे और आपको कुछ सरप्राइज भी देंगे.” सारे आदमियों के मुंह से लार टपकने लगी और सारे आपस में सरप्राइज की बातें करने लगे. इधर हम लोगों ने किचन में जाकर सभी मर्दों के लिए पहले ड्रिंक्स बना लिया उसके बाद जो हमने मार्किट से ब्रा पेंटी ली थी वो पहन लिया और उनके सामने गए.

     हमने उनके सामने जाते ही सबसे पहले उन्हें ड्रिंक सर्व किआ और उसके बाद हलके म्यूजिक के साथ अपना डांस शुरू करके उनको लुभाना शुरू कर दिया. शुरू में पहले हम लोगों ने सिर्फ डांस किया और दूसरी लड़कियों को चूमते उनके चूचे और गांड पर हाथ फेरते रहे बाद में हमने स्ट्रिप टीज करना शुरू किआ और अपने बदन से जो थोड़े बहुत कपडे लिपटे पड़े थे उन्हें निकाल निकाल कर मर्दों पर फेंकना शुरू कर दिया. इसके बाद हम सभी नंगे ही गानों पर नाचने लगे.

     आदमियों ने इस फन की कल्पना तक नहीं की थी. उन सभी के मुंह खुले के खुले रह गए हम लोगों के इस सरप्राइज को देखकर. जब हमने देखा के वो लोग बिलकुल ही हैरान हो चुके हैं तब हमने अपना असली रंग दिखाया. हम सभी ने अपने अपने ग्लास को उठा लिया और एक दुसरे के होठों पर गिरा गिरा कर उसे पीने लगे. बाद में हमने जाम अपने चूचों और चूत पर भी गिरा कर पिया.

     जब हमारे मर्दों ने ये देखा तब सब के सब पागल हो गए और मस्ती में आकर भद्दे भद्दे कमेंट करने लगे, नशे के आगोश में वो लोग पहले ही थे. हम लोग बिना किसी की परवाह किये अपना काम जारी रखा और एक दुसरे की चूत, गांड और चूचों को अच्छे से चूसा और चाटा. सच कहूँ तो ऐसे मजे की कल्पना मैंने अपने सपने में भी नहीं की थी.

     उधर मर्दों के कमेंट कुछ इस तरह के आ रहे थे “देखो, हमारी बीवी कितनी मस्त रंडी हो गई है. साली, दूसरों का लौड़ा ले ले कर काफी खुल गई है. ये हसीं रात कभी नहीं भूलेंगे यारों..चियर्स, तीनों लड़कियों के लिए.

     फिर योजना के अनुसार हमने अपना ग्रुप फन शुरू किआ ड्राइंग हाल में. प्लान के मुताबिक एक लड़की को दो मर्दों के साथ जाना था और वो दो अपनी पसंद के मर्द के साथ जा सकती है…जाएगी. सभी लड़कियों ने अपने पसंद के हिसाब से दो मर्दों को चुन लिया और मस्ती करने चली गई.

     मैंने भी सीकर वाले और उनके दोस्त को चुन लिया और उनके साथ चुदाई के खेल को खेलने आगे बढ़ी. मैं हर रोज तो सैम का लौड़ा लेती ही हूँ तो मैंने सोचा आज मेरे पास अच्छा मौका है दो अलग अलग लौड़े लेने का तो इस मौके को ऐसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए और मैंने सैम को छोड़ उन दोनों के साथ जाने का मन बना लिया.

     सभी अपने ग्रुप फन में जुट गए. पूरा कमरा चुदाई की आवाज से गूंजायमान हो गया. हर तरफ से आह आआआह उह ऊऊऊऊऊऊह ऊऊऊऊऊप्स स्सीईईईईए की आवाजें आने लगी. मर्दों के मुंह से “रंडी बना दो सालियों को” ऐसी आवाजें आने लगी. जिसको जिसके साथ जाने का मन हो रहा था वो उसके साथ जा रहा था और सभी लोग खुल्लेआम चुदाई का खेल खेलने में लगे हुए थे. कभी कोई किसी को चोदता तो कभी गांड पर हाथ मार कर कहता “साली, टॉप की रंडी है और इसकी गांड भी बहुत मस्त है.”

     मर्दों के साथ साथ हम लड़कियों को भी किसी के भी साथ कुछ भी करने की आजादी थी. लड़कियों को जिसका भी लंड चाहिए होता वो उसके लंड के साथ खेलती थी और उसको चूसने लगती थी और इसी तरह दो राउंड हो गए. दो राउंड के बाद सब थक गए और थोड़ी देर के लिए चुदाई के खेल को रोक कर वहीँ लेट गए.

     थोडा रहत मिलने के बाद ये तय हुआ की अब अंत में सब मर्द लोग मिलकर तीनो लड़कियों की गांड मारेंगे सबके सामने. मैं और सीकर वाली इस बात के लिए तैयार हो गए क्यूंकि हम दोनों अपने पतियों से गांड मरवाते थे लेकिन एक तैयार नहीं हुई. उसको मनाने के लिए सभी आदमियों ने हमें कहा और हमने उसे थोड़ी मान मनुहार के बाद मना भी लिया. उसने कहा पहले वो हम दोनों को गांड मरवाते हुए देखेगी उसके बाद वो गांड में लौड़ा लेने को तैयार होगी.

     हम लोग तो अपनी गांड मरवाने के लिए बेताब हो रहे थे और उधर मर्दों का भी वही हाल हो रहा था. हम दोनों ने अपनी गांड खोल कर मर्दों को हमारी गांड में लंड देने के लिए न्योता दे दिया जिसे मर्दों ने लपक कर ले लिया और अपना लंड लेकर हमारी गांड के छेद पर रख दिया और हलके हलके उसे अन्दर देने लगे.

     पहला चांस मेरे पति का था सीकर वाली के साथ और मैं सीकर वाले के पति के साथ. दोनों ने ऐसा लग रहा था जैसे आज हम दोनों की गांड फाड़ देने के लिए ही अपना लंड खड़ा किआ हुआ हो. दोनों का लंड एक लोहे के रॉड के सामान दिख रहा था. सीकर वाले ने जैसे ही अपना लंड मेरी गांड में डाला वैसे ही मेरी हलकी सी चीख निकल गई जिसे देखकर सीकर वाले का जोश दुगुना हो गया. सीकर वाले के दुसरे धक्के से उसका लौड़ा पूरा का पूरा मेरी गांड के जड़ तक पहुँच गया.

     उसके बाद सीकर वाले ने जरा भी रहम नहीं दिखाया मुझ पर और मुझे लगातार रगड़ता रहा. मैं भी उसका साथ दे रही थी और बीच बीच में उसका जोश भी बढ़ा रही थी जिससे वो मुझे और ताकत और दुगुने जोश से चोदना शुरू कर देता था. उसने मुझे बुरी तरीके से निचोड़ दिया. मेरी गांड के पोर पोर दुखने लगे थे उसके ताबड़तोड़ झटके से और उसने मेरी गांड के हर हिस्से को अपने लौड़े से चोद चोद हिला डाला था.

     अब बारी आई उस लड़की की जिसने कहा था, “वो पहले देखेगी फिर गांड देगी”. सभी उसकी तरफ लपके तो उसने कहा, “पहले मेरे पति मेरी गांड मारेंगे”… क्यूंकि उसे अपने पति का लंड बहुत पसंद था और वो अछे से करता था उसके साथ. उसके पति ने जैसे ही उसकी गांड मारना शुरू किआ वो दर्द से कराह उठी और उसने अपने पति को मना कर दिया क्यूंकि उसके पति का लंड बड़ा था. थोड़ी देर रुकने के बाद सैम ने उसकी गांड मारी और उसके बाद अंत में सीकर वाले ने उसकी गांड मारी.

     अंत में हम सभी ने सभी मर्दों का लंड चूसा और सभी मर्द अपने लंड का जूस हमारे चेहरे पर और चूचों पर झाड कर शांत हो गए.

     मस्ती करते करते कब सुबह हो गई पता ही नहीं चला. सभी थोडा फ्रेश हुए और नंगे ही ड्राइंग रूम हाल में सो गए. दोपहर में उठकर फ्रेश हुए और लंच के बाद हम दोनों दिल्ली वाले कपल के साथ वापस निकल पड़े. रास्ते में वापस लौटते वक्त सभी कार में सो रहे थे. दो दिन से लगातार चुदाई कर रहे थे थकावट तो होनी ही थी और उसी वजह से सभी कार में सोये जा रहे थे.

     ये एक ऐसा अनुभव है जिसे मैं ताउम्र नहीं भूल सकती हूँ और न कभी भूलना चाहूंगी. ऐसे हसीं पल जिंदगी में कभी कभी ही मिलते हैं.

     दोस्तों ये थी हमारी पहली ग्रुप सेक्स की कहानी. उम्मीद करती हूँ आप सभी को पसंद आएगी.

    harddick21blog

    चूत लंड की कहानी 

    भगवान् ने जो सभी को लटका कर दिया है उसके खेल भी निराले हैं. साले को हमेशा उसी गड्ढे में घुसना होता है जहाँ उसे ज्यादा गर्मी मिलती है और उसको मसाज भी मिलता है..और ये साला इतना हरामी है के वहां पर उलटी करके चला आता है. इसकी किस्मत इतनी अछि है के इसके हमेशा ऐसा करने के बाद भी गड्ढा हमेशा इसके लिए मरता रहता है. ये साला किसी भी गड्ढे में फिट हो जाता है. गड्ढा जितना टाइट होता है उसे मजा उतना ही ज्यादा आता है.