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    Friend’s wife pussy service

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    One of the best slow fuck vids in the recent past

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    Friends wife getting service from others

    शाम को ममता आंटी बिस्तर पर सिर्फ हाई हील वाले काले और चमचमाते सैण्डल पहने, नंगी पसरे हुए ड्रिंक पी रही थीं और मैं अपने होंठ और जीभ उनके सैण्डलों और पैरों पर फिरा रहा था। मुझे उनके सैण्डलों और पैरों की महक और टेस्ट बहुत अच्छा और उत्तेजक लग रहा था, जिसकी वजह से मेरा लौड़ा तन कर सीधा खड़ा था। ममता आंटी बोली, “डार्लिंग अब और चूदाई नहीं करेंगे ताकि तेरा लंड कल नेहा की चूत के लिये एकदम तैयार और बे-करार रहे। मैं चाहती हूँ कि जब उसे तेरा लंड मिले तो एक दम ताज़ा और मस्त मिले। कल दिन में नेहा के साथ अपना हनीमून मना लेना।” मैंने उनकी सैण्डल चाटते हुए कहा, “ममता आंटी! दिदी मेरे लिये एकदम तैयार कर देना और हनीमून मैं उनके साथ मॉडर्न ड्रैस में मनाऊँगा।” ममता आंटी बोली, “तू चिंता मत कर! मैं उसे कल सुबह बाज़ार से सैक्सी काली ब्रा-पैंटी, मॉडर्न ड्रैस और सैक्सी हाई हील सैंडल दिला कर लाऊँगी जिसे देख कर तेरा लंड और तन जाये। मैं उसे बिलकुल मॉडर्न तरह से तैयार करूँगी और ध्यान रहे कल बारह-एक बजे तक तू घर पर मत रहना। मैं अपनी बेटी को बड़े प्यार से तैयार करना चाहती हूँ ताकि उसे अपनी पहली चूदाई हमेशा याद रहे!” मैंने कहा, “पर अभी अपने इस तने हुए लंड का क्या करूँ?” ममता आंटी बोलीं, “तुझे मेरे सैंडल पहने हुए पैर बहुत सैक्सी लगते हैं ना! तो तू अभी अपना लंड इन्हीं पर घिस कर क्यों नहीं ठंडा कर लेता। सच, तुझे मेरे हाई हील सैंडल पहने पैरों को चोदने में जरूर मज़ा आयेगा।” ममता आंटी का यह आईडिया सुन कर मेरा लंड और भी अकड़ गया। मैंने झट से उनके सैंडल पहने पैरों को अपने दोनों हाथों में लिया और अपना लंड दोनों सैंडलों के बीच में आगे-पीछे करने लगा। सैंडल के तलुवों और लैदर का फील बहुत मस्त लग रहा था और चार-पाँच मिनट में ही मेरी पिचकारी ममता आंटी के सैंडल, पैरों और टखनों पर छूट गयी। उसके बाद ममता आंटी को नंगा बिस्तर पर छोड़ के बाहर आ गया और सीधा नेहा के कमरे में गया। नेहा सिगरेट पीते हुए पूरी नंगी हो कर अपनी चूत के दाने को घिस रही थी और मस्ती में अपने चूत्तड़ ऊपर नीचे उछाल रही थी। मुझे आया देख कर शरमा गयी और बोली, “अनिल ये क्या… तुम बिना नॉक करे ही आ गये।” मैंने प्यार से उसका किस लिया और बोला, “मेरी प्यारी दीदी! बस आज-आज मुठ मार लो, कल के बाद तो आपकी जब भी इच्छा होगी, मैं आपको खूब चोदूँगा। बताओ आपको कैसा लगा अपनी मम्मी की चूदाई देख कर?” नेहा बोली, “अनिल! मम्मी बहुत ही सैक्सी दिखती है नंगी हो कर। मैंने तो मम्मी के साथ तुम्हें नंगा देख कर ही अपनी जाँघें कस ली थीं और जब तुम मम्मी के चूत्तड़ फैला कर उनकी चूत चाट रहे थे, मैंने अपना एक हाथ अपनी पैंटी में डाल कर अपने दाने को खुब घिसा था। अनिल बताओ ना! मम्मी मेरी तुम्हारे साथ चुदाई कब करवायेंगी।” मैं बोला, “बस मेरी डार्लिंग दीदी! कल के लिये आप तैयार हो जाओ। कल आपको कच्ची कली से पूरा फूल बना दूँगा। फ़िलहाल अभी थोड़ा मेरे लंड को चूसते हुए अपनी मुठ मारो। देखो कितना मज़ा आयेगा।” नेहा ने लपक के मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया और अपनी चूत घिसते हुए सका-सक मेरा लौड़ा चूसने लगी और पँद्रह-बीस मिनट बाद तबियत से चूसते हुए अपनी चूत का और मेरे लंड का पानी निकाला। मैंने भी झुक के उसकी चूत का पानी अपनी जीभ से चाट-चाट कर पीया। ममता आंटी नहा-धो कर सिर्फ़ पैंटी-ब्रा और सैण्डलों में ही अपने रूम से निकली और अपने मोटे-मोटे चूत्तड़ मेरी गोदी में रख कर बैठ गयी और हम तीनों ने एक साथ ड्रिंक की और स्मोक किया। ममता आंटी उसके बाद उठीं और सोफ़े पर बैठ कर नेहा को अपनी गोद में बिठाया और बोली, “मॉय डीयर! तू तैयार है ना औरत बनने के लिये?” नेहा ने शरमा कर अपना मुँह ममता आंटी की ब्रा में कैद उन्नत चूचियों में छुपा लिया। ममता आंटी ने उसका सिर उठा कर कहा, “नेहा तू बड़ी किस्मत वाली है जो तुझे घर बैठे इतना तगड़ा मर्द और मस्त लंड मिलेगा। मैं नहीं चाहती कि तू भी मेरी तरह चुदाई के लिये तड़पे। तेरे पापा मुझे एक दम ठंडा नहीं कर पाते हैं, जिससे मेरा दिमाग खराब रहता था। पर अब मुझे अनिल का लंड मिल गया है जो मुझे पोर-पोर तक चुदाई का सुख देता है। मेरी इच्छा यही है नेहा बेटी कि तू भी भरपूर चुदाई का मज़ा ले ले शादी से पहले। पता नहीं शादी के बाद ये सुख तुझे मिले ना मिले।” उसके बाद हमने खाना खाया और अपने-अपने कमरे में चले गये। अगले दिन मैं सुबह नहा-धो कर बाहर चला गया ऐसे ही घूमने के लिये और करीब साढ़े बारह बजे वापस आया। ममता आंटी ने मुझे पहले तो बाहों में लेकर किस करा और बोली, “तेरी रानी अंदर बैठी है सज-सँवर के। जा पहले तू नहा-धो ले और फ़्रैश हो जा। अब कल सुबह तक तुझे उसकी जम कर चुदाई करनी है। मैं सब कुछ रूम में ही पहूँचा दूँगी।” मैं भी बेसब्री के साथ नहा-धो कर तैयार हुआ और सिर्फ़ अपनी सबसे सैक्सी दिखने वाली अंडरवियर पहनी और ममता आंटी का चुम्बन लेकर कमरे में घुस गया। मज़ा आ गया था। अंदर ममता आंटी ने पूरा डिस्को बनाया हुआ था और नेहा को बहुत ही सैक्सी टॉप-स्कर्ट में तैयार करा हुआ था। नेहा की टॉप के उपर के चार बटन खोल कर नीचे से गाँठ बन्धी हुई थी और गज़ब का मेक-अप करा हुआ था। नेहा भी हाई हील्स पहन कर एक डाँस पर अपने चूत्तड़ थिरकाते हुए नाच रही थी। मैंने चुपचाप पीछे से जा कर उसकी मचलती हुई चूचियों को पकड़ लिया और नेहा को हवा में घूमा दिया। फिर सीधा कर के हमने एक दूसरे को बाहों में कस लिया और तड़ातड़ एक दूसरे को चूमने और चाटने लगे। ममता आंटी ने सही कहा था। वाकय में नेहा बहुत ही सैक्सी लग रही थी और अगर वोह ऐसे रूप में कहीं सड़क पर चली जाती तो जरूर उसकी चूत का आज भोंसड़ा बन जाता। नेहा ने झूक कर ड्रिंक बनाना चालू किया तो मैंने भी पीछे से उसकी स्कर्ट नीचे खिस्का दी और झुक कर कुत्ते कि तरह उसके चूत्तड़ों में अपना मुँह लगा दिया और चाटने लगा। ममता आंटी ने नेहा को काले रंग की नेट की बहुत ही टाईट रेशमी पैंटी पहनायी थी जिससे वो उसकी गाँड की दरार में घुस गयी थी और उसके गोरे फूले हुए छोटे-छोटे मस्त चूत्तड़ों को और मादक बना रही थी। क्या महक आ रही थी उसके पिछवाड़े से। मैं तो मस्ती के आलम में आ गया था। नेहा ने मुझे एक ड्रिंक दी और अपने लिये एक सिगरेट जलाई और मेरी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर बोली, “अनिल… अनिल… आज जी भर के अपनी चचेरी बहन को चोद लो!” और मुझे बिस्तर पर बिठाकर मेरी अंडरवियर में तन्नाए हुए लंड पर अपने चूत्तड़ घिसते हुए बैठ कर ड्रिंक और स्मोक करने लगी। मैंने उसकी टॉप के बटन और बंधी हुई गाँठ को खोला और उसकी स्टॉप उतार दी। ममता आंटी ने नेहा को क्या मस्त काले रंग की रेशमी ब्रा पहनायी थी। एकदम पतले स्ट्रैप थे और ब्रा के कप सिर्फ़ उसके आधे निप्पल और नीचे की गोलाइयाँ छुपाये हुए थे। रेशमी नेट के अंदर से उसकी दूधिया चूचियों की बड़ी साफ झलक मिल रही थी। मैंने उसे खड़ा होने को कहा और कुर्सी पर टाँगें फैला कर बैठ गया और नेहा को बोला कि वो अपनी टाँगें मेरी टाँगों के दोनों तरफ करके अपनी पैंटी में कसी हुई बूर मेरे लंड पर रखे और आराम से बैठ कर ड्रिंक करे। तब तक मैं उसकी कसी हुई मस्त जवानी जम कर चूसना और दबाना चाहता था। नेहा बड़े ही कायदे से मेरे लंड के उठान पर बैठ गयी और बहुत हल्के-हल्के ढँग से अपनी पैंटी मेरे लंड से उठी हुई मेरी अंडरवियर पर घिसते हुए मेरी गर्दन में बाहें डाल कर ड्रिंक और स्मोक करते हुए बोली, “अनिल डार्लिंग मसल डालो मेरी इन जवानियों को। देखो तो सही कैसे तन कर खड़ी है तुमसे चुसाने के लिये। मेरे मस्ताने सेबों का मज़ा ले लो मेरी जान।” मैं भी अपने हाथ उसकी पीठ पर ले गया और उसकी ब्रा के हूक खोल दिये और बड़े प्यार से उसकी चूचियाँ नंगी करी। उसकी बत्तीस साइज़ की कसी हुई मस्तियाँ मेरे सामने तन कर खड़ी हुई थीं और मैंने भी बिना वक्त गँवाये दोनों चूचियों पर अपना मुँह मारना शूरू कर दिया। मैं बहुत ही बेसब्रा हो कर उसकी चूचियाँ मसल और चूस रहा था जिससे उसको थोड़ा सा दर्द हो रहा था। पर फिर भी मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबाते हुए कह रही थी, “डार्लिंग आराम से मज़ा लो, इतने उतावले क्यों हो रहे हो। आज तो हमारा हनीमून है। कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ। जम के चूसवाऊँगी और मसलवाऊँगी। इनको इतना मसलो कि कॉलेज में मेरी चूचियाँ सबसे बड़ी हो जायें।” करीब आधा घँटा इस चूसाई के बाद मैंने कहा, “नेहा दीदी! अब तो आप तैयार हो जाओ औरत बनने के लिये।” मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और फूलों से सजे पलंग पर लिटा दिया। लाल गुलाब से सजे पलंग पर काले रंग की पैंटी से ढका नेहा का गोरा बदन ऐसा लग रहा था जैसे कोई अपसरा अपने कपड़े उतार के सो रही हो और काला भँवरा उसकी ताज़ी चूत का रस चूस रहा हो। मैं करीब पाँच मिनट तक नेहा के नंगे बदन की शराब अपनी आँखों से पीता रहा, और फिर बिस्तर पर चढ़ कर मैंने नेहा की कमर चूसनी चालू करी और चूसते हुए अपना मुँह उसकी पैंटी पर लाया और पैंटी का इलास्टिक अपने दाँतों में दबा कर अपने मुँह से उसकी पैंटी उतारने लगा। नेहा ने भी अपने चूत्तड़ हवा में उठा दिये थे ताकि पैंटी उतारने में परेशानी ना हो। पर ममता आंटी ने इतनी टाइट पैंटी पहनाई थी कि मुझे अपने हाथ भी लगाने हे पड़े उतारने में। दोस्तों! पैंटी उतार के जो नज़ारा मेरे सामने था, मैं आपको बता नहीं सकता। ममता आंटी ने बड़े ही प्यार से नेहा की चूत के बाल साफ़ करे थे। नेहा चूत चुदने के लिये इतनी बेकरार थी कि चूत के लिप्स गीले थे। नेहा बोली, “डार्लिंग! मम्मी ने मेरी पूसी क्रीम से साफ करी है और मुझे बोला है कि मैं कभी भी अपनी पूसी शेव नहीं करूँ नहीं तो खराब हो जायेगी।” दोस्तों आप यह कहानी गुरु मस्तराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | मेरा लंड तो नेहा की चिकनी नंगी मस्ताई हुई, चुदने के लिये तैयार चूत को देख कर ही मेरी अंडरवियर को फाड़ कर बाहर आने के लिये बेकरार था और उछल-कूद मचा रहा था। मैंने अपने दोनों हाथों से अपनी अंडरवियर उतार दी और अपना मुँह मेरे सामने लेटी हुई नशे की बोतल के खज़ाने के मुँह पर लगा दिया। नेहा तो मस्त हो गयी और मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी। मैं भी चाहता था कि नेहा थोड़ा पानी छोद दे ताकि उसकी ताज़ी कुँवारी चूत थोड़ी चिकनी हो जाये और तकलीफ कम हो। मैंने उसकी चूत का दाना चूसते हुए अपनी जीभ से उसकी चुदाई चालू कर दी और करीब पाँच मिनट बाद ही नेहा ने मेरा सिर अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और कस कर अपनी पूरी ताकत से मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा लिया और जोश में काँपते हुए चूत्तड़ों के धक्के देती हुई मेरे मुँह में अपना रस देने लगी। मैंने भी मन से उसकी जवान चूत चूसी और चूत के लाल होंठों को अपने होंठों से चूसा। फिर मैं घूटने के बल नेहा के सामने बैठ गया और बूरी तरह अकड़ा हुआ अपना लंड उसके सामने कर दिया और नेहा की गर्दन में हाथ डाल कर उसका मुँह अपने लंड के पास लाया और बोला, “मेरी प्यारी नेहा दीदी, मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर अपनी चूत बजाने के लिये तो इनवाइट करो।” नेहा ने तपाक से अपना मुँह खोला और मेरा सुपाड़ा अपने होंठों के बीच ले लिया और जीभ फेरने लगी। मेरे लंड पर नेहा के जीभ फेरने ने वो काम किया जो आग में घी करता है। मुझसे रहा नहीं गया और दोनों हाथों से नेहा का सर पकड़ कर उसके मुँह में ही मैंने आठ-दस शॉट लगा दिये। लौड़े का तो मारे गुस्से के बूरा हाल था। एक तो उसे कल से चूत नहीं मिली थी और दूसरा उसके सामने ऐसी मलाईदार चूत थी और मैं चूतिया की तरह उसकी भूख मिटाने की बजाये चुम्मा चाटी कर रहा था। अपना लंड नेहा के मुँह से बाहर निकाल कर के मैं बिस्तर पर से उतरा और ममता आंटी ने पहले से ही इम्पोर्टेड बड़ी ही खुशबू वाली चिकनाहट की क्रीम मेज पर रखी हुई थी। मैंने उसे उठा कर थोड़ी ज्यादा ले कर नेहा की चूत पर और चूत के अंदर की दीवारों पर लगा दी और फिर अपने लंड पर लगाने लगा। नेहा बोली, “ये तुम क्या कर रहे हो?” मैंने उसे समझाया और बोला, “आज मैं आपकी चूत को भोंसड़ा बनाने जा रहा हूँ तो मुझे अपना लंड आपकी चूत में घूसेड़ना पड़ेगा और आपको तकलीफ ना हो इस लिये मैं आपकी चूत को और अपने लंड को चिकना कर रहा हूँ।” मैंने बिस्तर पर चढ़ कर नेहा की जाँघों को अपने हाथों से पूरा फैला दिया और एक हाथ से लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से नेहा की चूत के लिप्स खोल कर अपना गुस्साया हुआ लाल सुपड़ा उसकी गुलाबी चूत से सटा दिया और बहुत हल्के-हल्के घिसते हुए बोला, “देख लो नेहा दीदी! अपने लंड की आपकी चूत से मुलाकात करा रहा हूँ।” नेहा को भी अपनी चूत पर लंड घिसाई बहुत अच्छी लग रही थी। वोह सिर्फ़ मस्ती में “ऊँमम ऊँमम” कर सकी। एक दो मिनट बाद मैंने देखा कि नेहा पर मस्ती पूरी तरह से सवार हो चूकी है तो मैंने अपने लंड का एक हल्का सा शॉट दिया जिससे मेरा लंड नेहा की चूत बहुत ज्यादा कसी होने के कारण से फिसल कर बाहर आ गया। इससे पहले कि नेहा कुछ समझ पाती, मैंने एक हाथ से अपना लंड नेहा के चूत के लिप्स खोल के उसके छेद पर रखा और अपने चूत्तड़ों से कस के धक्का दिया जिससे मेरा मोटा तगड़ा लंड दो इंच नेहा की चूत में घुस गया। नेहा की गाँड में तो जैसे भूचाल आ गया। वोह जोर से चीखी, “अनिल मार डाला! ये क्या डाला है मेरे अंदर। बहुत दर्द हो रहा है। अनिल प्लीज़ बाहर निकाल ले।” मैंने कुछ परवाह ना करते हुए दूसरा शॉट और कस के लगाया और अब मेरा पाँच इंच लंड नेहा की चूत में समा चुका था। ऐसा लग रहा था जैसे किसी बोत्तल के छोटे छेद में अपना लंड घुसा दिया हो और बोत्तल के मुँह ने कस कर मेरे लंड को पकड़ लिया हो। अगर मैंने नेहा की कमर कस के पकड़ नहीं रखी होती तो नेहा मेरा लंड निकाल के बाहर भाग जाती और ज़िंदगी भर कभी भी किसी से चुदवाती नहीं। नेहा अब मेरे सीने पर मुक्के मारने लगी तो मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ कर फैला दिये और अपने पूरे शरीर का भार देते हुए उसके ऊपर लेट कर अपना पाँच इंच लंड अंदर-बाहर करने लगा। करीब पाँच-दस मिनट तक सिर्फ पाँच इंच से ही संतोष करने के बाद मैंने नेहा से पूछा, “दीदी अब कैसा लग रहा है?” दोस्तों आप यह कहानी गुरु मस्तराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | तो बड़ी रुआँसी बोली, “जब तुमने घुसेड़ा था उस समय तो मेरी जान ही निकल गयी थी पर अब तुम्हारी लंड घिसाई से थोड़ी राहत मिली है और अच्छा भी लग रहा है।” मैंने मौका अच्छा देख और अपने होंठ उसके होंठों पर रखे और उसे पूरा दबोच कर एक ज़ोरदार कड़कड़ाता हुआ शॉट दिया जिससे मेरा पूरा साढ़े आठ इंच लौड़ा नेहा की चूत में समा गया। मेरे होंठ उसके होंठों पर रखे हुए थे इस कारण वो ज्यादा जोर से नहीं चीख पायी। मेरा पूरा लंड जो उसकी चूत में समा गया था उससे नेहा को दर्द इतना हो रहा था कि अगले पाँच मिनट तक मैं तो शाँत अपना लंड उसकी चूत में डाल कर उसके रसीले होंठ चूसता रहा और नेहा नीचे से दर्द के मारे लगातार अपने चूत्तड़ उछालती रही। जब पाँच मिनट बाद उसने अपने चूत्तड़ उछालना बँद किया तब मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे उसकी चूत में सरकाना चालू किया। नेहा अभी भी अपना बदन दर्द के मारे कसमसा रही थी पर पूरी मेरे नीचे दबी होने के कारण कुछ कर नहीं पा रही थी और पँद्रह-बीस धक्के अपनी चूत में ले लेने के बाद उसका दर्द भी कम हो गया था और उसका कसमसाना भी। मैंने नेहा के होंठों के ऊपर से अपने होंठ हटा लिये और बोला, “क्यों मेरी प्यारी दीदी! अब बताओ कैसा महसूस हुआ जब मैंने अपना मस्त लौड़ा आपकी चूत में डाल कर कली से फूल बना दिया और अब कैसा लग रहा है दर्द खतम होने पर।” नेहा बोली, “क्या डार्लिंग तुमने तो मेरी जान ही निकल दी। जब तुमने अपना लंड मेरी चूत में पेला था उस समय तो मुझे ऐसा लगा था कि शायद आज तुम मुझे मेरी चूत से लेकर दो हिस्सों में फ़ाड़ के रख दोगे। बहुत दर्द हुआ था अनिल पर तुमने इतने प्यार से मुझे सम्भाला और बाद में जो प्यार से मेरी चूत बजा रहे हो तो ऐसा लग रहा है कि मैं ज़न्नत में हूँ। मेरे बदन से ऐसी मस्ती छूट रही है कि क्या बताऊँ। अनिल अब बहुत मज़ा आ रहा है। अब तुम जी भर के मुझे चोदो।” मैंने नेहा की दोनों जाँघें चौड़ी कर दीं और अपने हाथों से उसकी दोनों सैंडल की हील पकड़ लीं और खुद घूटने के बल बैठ कर अपनी गाँड के दनादन धक्के मारने लगा। नेहा को अब भी तकलीफ हो रही थी पर वो भी अब चुदाई में पूरा साथ दे रही थी। पहली चुदाई के कारण वो और ज्यादा मस्ती सहन नहीं कर पायी और सितकारी भरती हुए अपनी चूत का पानी मेरे लंड पर गिराने लगी और बड़बड़ा रही थी, “आह आँह अनिल मज़ा आ गया। मुझे क्या मालूम था इतनी तकलीफ के बाद इतना सुख मिलेगा। इस सुख के लिये तो मैं अपनी चूत बार-बार तुमसे फड़वाऊँगी।”

    One glimpse

    Second submission from the same follower for all my followers. 

    One glimpse of a wide, hair-matted chest, the merest hint of a jutting arousal was all she had before he planted his hands very deliberately alongside her body. Fionna smothered a sound of disappointment. Maidenly honest be damned, she'd wanted to see for herself the part of him that- The thought was cut abruptly short when he stretched out above her. Skin against skin. Breasts against chest. Belly to belly. There was not an inch of her body that wasn't engulfed by his. Had he not propped himself up on his elbows, his weight would have been intolerable. He kissed her again, and she sensed his struggle to keep his desire in check. A little playfully- no, perhaps naughtily- she ran her toe up and down the knotted muscles of his calf. Aidan lifted his head. Now he was the one who gave a hoarse laugh. "Do you toy with me, you little witch?" The shift in her leg had also made her breathtakingly aware of the steely erection that lay thick and hard against her belly... as well as the twin fullness that lay below.”

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    This is one of my favorite videos on tumblr. It’s real, she’s such a good girl making sure her boyfriend gets what he wants, and she gets off on it in such a hot way. I’d love to take a turn on her with her, or three.

    harddick21blog

    Hard Penetration

    Wonderful show exhibited by these two. Level of intensity for sex is quite commendable. Movement of girl on each jolts and shots by girl is making the environment more hotter and sexier. Girl too is too cute, unfortunately we can’t see the face of guy...but still it is ok, as long as he is satisfying his partner in all manner.

    heusedmywife

    Is it just me or does the idea of an attractive wife fucking someone fat, ugly, and largely unpopular, rather arousing? The idea that someone much less than perfect ends up balls deep inside your hot, young wife is such a turn on for me

    harddick21blog

    Used his wife 

    I must say, he is one of the luckiest man in the world because after seeing this man any girl would die but still she is bearing his stroke and jolts in her pussy. Sometimes ugly people can also give you such pleasure which you can not imagine ever in your wild dreams. Kind of one such fantasies which not all some couples wants to fulfill.