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    दोस्तो, मेरा नाम देव है. मै राजस्थान का रहने वाला हूँ. मेरी बॉडी और चेहरा काफी आकर्षक है. मैं रोज जिम भी करता हूँ.. इसलिए बिल्कुल टाइगर श्रॉफ जैसा लगता हूँ. मेरा लिंग 7.5 इंच का है. मैं कैसी भी लड़की, भाभी, आँटी को सन्तुष्ट करने में सक्षम हूं. मैंने अब तक कई लड़कियों, भाभियों से सम्बंध बनाए हैं.. जो भी मुझसे मिली है.. वो मुझे कभी भूली नहीं है.. और भूल भी नहीं सकती है.

    यह बात एक साल पुरानी है. उस वक्त मैं कोटा में मेडिकल की तैयारी करने पहली बार आया था. अब भी मैं कोटा में ही हूं.

    जब मुझे कोटा में आये ज्यादा दिन नहीं हुये थे. एक दिन मैं बुक्स लेने मार्केट में गया. वहां पर शॉप पर मैंने दुकानदार से बुक्स मांगी. तभी एक भाभी अपने छोटे से बच्चे के साथ आईं. जब मैंने उनको देखा, तो देखता ही रह गया. वो ब्लैक साड़ी में इतनी कामुक लग रही थीं कि बता नहीं सकता. उनकी आँखें जैसे गहरी झील, उनके होंठ, जैसे खिलते हुए गुलाब की पंखुड़ियां. उनके स्तनों का आकार 36 का था, जो मुझे बाद में चूसते समय पता चला. उनके मम्मे ब्लाउज में इस कदर कसे हुए थे, मानो एकदम से बाहर आने को मचल रहे हों.

    जैसे ही उसको पता चला कि मैं उनको घूर रहा हूं.. तो उन्होंने मेरी ओर देखा. मैंने एक मुस्कराहट छोड़ दी. वो अपने बच्चे के लिए स्कूल की किताबें लेने आयी थीं. मैंने दुकानदार अंकल से बोला- अंकल जल्दी करो.

    तो फिर उन्होंने मेरी ओर देखा और मुस्कराहट छोड़ दी, जो सीधे मेरे लिंग पे जा लगी और लिंग कड़क होने लगा. अंकल किताबें दिखाने लगे और वो किताबों को चैक करने लगीं. मैं हिम्मत करके थोड़ा करीब आ गया. अब हम बिल्कुल पास पास थे. मेरे हाथ में मेरा मोबाइल था तो जब उनके बच्चे को दिख गया और वो जिद करने लगा. तो मैंने भी टेम्पल रन वाला गेम चला कर उसे दे दिया.

    फिर भाभी ने मुझसे पूछा- स्टूडेंट हो? मैंने कहा- हां, मेडिकल की तैयारी कर रहा हूँ. भाभी ने कहा- कहां रहते हो? मैंने कहा- महावीर नगर में पीजी पर. भाभी- अच्छा कहां से हो? मैंने कहा- पास से ही हूं.. बून्दी (राजस्थान) से.. भाभी- अच्छा.. मन तो लग रहा है ना? मैंने कहा- जी नहीं, घर की बहुत याद आती है.

    मैंने देखा कि भाभी मेरे करीब को होती जा रही थीं. भाभी के कूल्हे जो काफी भारी और उठे हुए थे.. बिल्कुल मुझसे टच हो रहे थे. जिससे मेरे लिंग ने हुँकार भरी और बहुत ही ज्यादा बड़ा हो गया. मैं धीरे धीरे से भाभी के कूल्हे को अपने बदन से सटाकर सहलाने लगा.

    थोड़ी देर बाद दुकानदार अंकल ने बुक्स निकाल दीं और हिसाब बनाने लगे. अब तक भाभी बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थीं, जो उन्होंने बाद में बताया.

    तभी भाभी ने अपने एक हाथ को काउंटर के साइड से मेरे खड़े लिंग पर रख दिया. खड़े लंड पर भाभी के हाथ टच होते ही मेरी तो हालत खराब हो गई थी. मैंने भी हौले से उनके कूल्हे पर चपत लगा दी. इसके तुरंत बाद मैंने साइड से उनको थोड़ा सा हग जैसा कर लिया.

    तभी दुकानदार अंकल ने बिल दिया. मैंने पैसे दिए और उनके बच्चे से मोबाइल ले लिया.

    थोड़ी देर बाद भाभी भी पैसे देकर अपने बच्चे को लेकर अपनी स्कूटी पर बैठ गईं. मैं उनसे नम्बर लेना चाहता था, पर हिम्मत ही नहीं हुई. वो मुस्करा कर चली गईं. मैं बस उन्हें देखता रहा.

    फिर मैंने कमरे में आकर तीन बार मुठ मारी.. तब जाकर मुझे थोड़ी शांति मिली. मुझे खुद पर बहुत गुस्सा आया कि एक बार तो नम्बर माँग लेना चाहिए था. फिर सोचा वो भी तो दे सकती थीं.

    कुछ दिनों बाद सब सामान्य हो गया. लेकिन एक कसक सी दिल में रह गई.

    लेक़िन कहते हैं ना, जो नसीब में होता है, वो जरूर मिलता है. दो महीने बाद हम मॉल में मिल गए. भाभी ने जीन्स और टी-शर्ट डाल रखी थी, आँखों पर काला चश्मा लगाया हुआ था. क्या मस्त माल लग रही थीं.

    उनके मम्मे थोड़े से आम के आकार के.. उठी हुई चौंच वाले थे.. जो टी-शर्ट से बाहर निकलने को बेताब थे.

    मैंने उन्हें नमस्ते किया. वो काफी सरप्राइज़ थीं. वो भी मुझे देख कर बहुत ही खुश लग रही थीं.

    उन्होंने मुझे बेहिचक बाँहों में ले लिया और बोलीं- बहुत मिस किया तुमको.. कहां गायब हो गए थे? तुमको ढूँढने मैं रोज उस दुकान पर जाती थी कि शायद तुम दिख जाओ. पता नहीं मैंने कितनी बार महावीर नगर का चक्कर लगाया है.

    मैंने कहा- मिस तो मैंने भी बहुत किया आपको. रोज खुद को कोसता था कि अपना नम्बर ही आपको दे देता. तो भाभी बोलीं- मुझे लगा था कि तुम दे दोगे. मुझे क्या पता था कि तुम इतने डरपोक हो, नहीं तो मैं ही दे देती. मैंने कहा- रात गई, बात गई. फिर भाभी ने मुझे कॉफ़ी के लिए कहा कि चलो कॉफ़ी पीते पीते बात करते हैं.

    मैं उनके साथ चला गया. इधर उधर की बातें हुईं, नम्बर एक्सचेंज किए. मैंने बोला- मूवी चलते हैं. तो बोलीं- कभी फिर, अभी मैं जल्दी में हूँ.. घर पर लड़का अकेला है. थोड़ी देर बाद भाभी जाने लगी, मैंने उनको बाय बोला. उन्होंने छोटा सा हग किया.. चूचियों का हल्का सा स्पर्श हुआ, फिर वो गांड मटकाते हुए चली गईं. मैं बस उन्हें देखता रहा.

    उनकी गांड काफी बड़ी और भरी हुई थी.. जो काफी मटक रही थी. मुझे खुद पर कंट्रोल नहीं हुआ और मॉल के बाथरूम में जाकर दो बार मुठ मारी.

    उस दिन मैं बहुत खुश था. शाम को मैंने भाभी को कॉल किया. उधर से आवाज आई- कौन? मैंने कहा- आपके दीवाने. भाभी- बड़ी देर लगा दी, हमारे दीवाने ने. मैं- क्या करें दीवाने में थोड़ी हिम्मत कम थी. भाभी- अच्छा, क्या कर रहे हो? मैं- आपकी याद आ रही है.. मिस कर रहा हूँ. भाभी- आ जाओ अभी मेरे पास, पता व्हॉट्सैप करती हूं. मैंने कहा- जी, ओके.

    एक घंटे बाद मैं उनके घर पे था, उनका घर तलवंडी में था, काफी पॉश कॉलोनी है.

    उन्होंने वही ब्लैक कलर की साड़ी पहन रखी थी. मुझे सोफे पर बिठाया और फ्रिज से पानी की बोतल निकाल कर दे दी. हम दोनों बातें करने लगे.

    मैंने पूछा- आपका नाम क्या है? तो भाभी ने हँसते हुए कहा- मंजू दीक्षित. मैंने पूछा- आपके हस्बैंड क्या करते हैं? तो बताया कि वो डॉक्टर हैं. अभी वो गुजरात किसी सेमिनार में गए हैं.

    मैं थोड़ा खिसक कर पास को हो गया. मैंने पूछा- आपके सास ससुर? तो भाभी ने कहा- वे जयपुर रहते हैं, मेरे देवरों के पास. मैंने कहा- अच्छा जी.. आपका बेटा? भाभी- सो रहा है.. कोई नहीं है, अब देर न करो यार.

    उनके इतना कहते ही मैंने भाभी को बाँहों में भर लिया और स्मूच करने लगा. मैंने और भाभी ने हर एंगल से स्मूच किया. हमने लगातार बहुत देर तक स्मूच किया. ऐसा लग रहा था, जैसे कोई युद्ध चल रहा हो और कोई भी हारना नहीं चाहता रहा था.

    मैंने भाभी की ब्लैक साड़ी को निकाल कर फेंक दिया. उनके ब्लाउज के बटन तोड़ कर उसको निकाल दिया. ब्लाउज़ के निकलते ही उनके मम्मे बाहर निकल गए.

    क्या मम्मे थे यार दूध से गोरे, ब्लैक ब्रा में कैद. क्या सीन था दोस्तो, शब्दों में बयान नहीं कर सकता हूँ. मैं उनके मम्मों से चिपक गया. वो पीछे से मेरी पीठ पर हाथ घुमाने लगीं.

    मैं भाभी के मम्मों को मसलने लगा, भाभी ‘आह, ऊह…’ की आवाजें करने लगीं.. जिससे मेरा जोश और बढ़ गया. मैंने उनकी ब्रा को निकाल कर फेंक दिया और उनके एक निप्पल को चूसने लगा.

    भाभी जोर जोर से आहें भरते हुए बोलने लगीं- आह.. जोर से काटो, मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ.. तुम बहुत अच्छा कर रहे हो.. आह बेबी, मेरे निप्पल को और मुँह के अन्दर लो, आह बहुत अच्छा, आह तुम कितने हॉट हो, कहां थे इतने दिन राजा.

    तभी अचानक कमरे में से आवाज आई; हम दोनों डर गए. तभी अचानक फिर से आवाज आई. पता ही नहीं चला कि उनका बेटा भी घर में है. उन्होंने जल्दी से अपने मम्मों पर अपनी साड़ी लपेट ली और ब्रा और ब्लाउज़ उठाते हुए अन्दर बेडरूम में जाते हुए अपने बेटे से बोलीं- आ रही हूं बेटा.

    सिर्फ आवाज ही आई थी, उनका बेटा बाहर नहीं आया था. अब तक मैंने भी खुद को ठीक किया.

    फिर थोड़ी देर बाद भाभी भी आ गईं. वे अपने लड़के के साथ बाहर आ गईं.

    उनके लड़के ने मुझे नमस्ते बोला. मैंने कहा- क्या नाम है बेटा? तो बोला- हर्षित.

    मैंने उसको मेरा मोबाइल दे दिया और वो फिर से गेम खेलने में लग गया.

    जब मैंने भाभी की ओर देखा तो भाभी मुस्कारते हुए मेरी गोदी में खड़े लिंग के ऊपर बैठ गईं.

    वो अपने कपड़े बदल चुकी थीं. उन्होंने झीना सा टॉप और जीन्स पहन रखा था. मैं फिर से शुरू हो गया. मैं औऱ भाभी एक दूसरे में खो गए.

    मैं उनको स्मूच करने लगा. कभी मैं अपनी जीभ उनके अन्दर डाल रहा था कभी वो. दोस्तों जीभ को चूसने का मजा ही कुछ और ही है.

    हमने कुछ देर स्मूच किया, फिर भाभी बोलीं- चलो क्या खाओगे.. मैं आर्डर कर देती हूं. भाभी ने अमर पंजाबी ढाबे पर कॉल करके आर्डर कर दिया. फिर मुझसे इतराते हुये बोलीं- कुछ पियोगे जनाब? मैंने कहा- मुझे तो आज बस तुमको पीना है. वो बोली- अरे आशिक़.. मैं ड्रिंक की बात कर रही हूं. मैंने पूछा- क्या क्या है? वो बोलीं- बियर है, व्हिस्की है. मैंने कहा- बियर ले आओ. उन्होंने और मैंने अलग अलग बॉटल ले लिए. फिर मैंने कहा- ऐसे नहीं पिया जाता है. तो भाभी बोलीं- फिर कैसे?

    मैंने अपने मुँह में बियर भर कर उनके होंठों से होंठ लगा दिए.. भाभी समझ गईं और उन्होंने मुँह खोल दिया. मैंने किस करते करते उनको बियर पिलाई और उन्होंने मुझे.

    कभी आप भी कोशिश करना दोस्तो, मज़ा आ जाएगा.

    इस तरह हमने चार बोतलें ख़त्म कर दी थीं. मुझे थोड़ा सा नशा आ गया था. मैं उनको पकड़कर उनके मम्मों को चूसने लगा.

    वो बोलीं- रुको.. मैं बच्चे को सुला कर आती हूँ. मैंने पूछा- कैसे सुलाओगी? तो बोलीं- नींद की गोली से.

    मैं सोफ़े में बैठा रहा. कुछ देर बाद वो आईं तो मैंने बोला- सु सु आ रही है.

    भाभी काफी नशे में लग रही थीं. मैंने कहा- बेबी तुम ठीक हो? तो बोलीं- हां जानू.. तुमको सु सु आ रहा है ना.. तो मेरे मुँह में कर दो. मैं चौंक गया, मैंने पोर्न मूवी में ये सब जरूर देखा है, लेकिन भाभी इतनी सेक्सी होंगी.. नहीं सोचा था. वो बोलीं- शर्मा मत.. मेरे देव बाबू, मैंने बहुत वीडियो में देखा है.. मैं भी चाहती थी कि कोई मेरे साथ ऐसा करे. शायद मैं शर्म के मारे तो नहीं बोल सकती थी लेकिन थैंक यू.. तुमने बियर पिलाने के अंदाज से मेरी वो कामना जागृत कर दी. अब मुझे तुम्हारे लंड को चूसना है.

    ऐसा सुनते ही मुझे बहुत जोश आ गया. मैंने अपना लिंग बाहर निकाल लिया. उन्होंने देखा तो देखती रह गईं. “हे भगवान.. इतना बड़ा.. कहाँ छुपा रखा था.. वाह मेरे शेर..” भाभी ने अगले पल ही मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया.

    मैंने कहा- मुँह से मत चूसो, मुझे पेशाब करनी है, वीर्य नहीं निकालना है. मैंने अपना लिंग भाभी के मुँह से बाहर निकाल लिया और उनको बोला- मुँह खुला रखना.

    उन्होंने आ करके मुँह खोल दिया. फिर मैंने उनके मुँह में सू सु कर दिया. वो आराम से मेरा पेशाब पीती चली गईं. फिर मैंने लास्ट का थोड़ा सा पेशाब उनके मुँह पर करके उनको भिगो दिया. फिर भाभी नशीली आवाज में बोलीं- मुझे भी सुसु लगी है. मैंने कहा- रुको.. बीयर है क्या? तो बोलीं- नहीं है. मैंने कहा- व्हिस्की ले आओ.. थोड़ी प्याज़ और नमकीन भी ले आना.

    थोड़ी देर बाद भाभी, व्हिस्की, प्याज़, बीकानेरी नमकीन, मेवे, आइस, लेकर आ गईं. अब उन्होंने एक पेटीकोट पहना हुआ था, जींस उतार दी थी.

    मैंने दोनों के लिए पैग बनाए. मैंने तीन पैग पिए और भाभी ने दो लगाए. हम दोनों खूब नशे में हो गए थे.

    फिर मैंने कहा- ला मेरी जान पिला मुझे तेरा गरम पानी…

    ये कहते हुए मैंने भाभी के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, पेटीकोट ‘सररर..’ करते हुए गिर गया.

    वाह क्या टांगें थीं.. एकदम दूध सी, उनकी टांगों के बीच में काली पेंटी फंसी थी. मैंने पेंटी को खींच कर फाड़ दिया और उनकी चूत पर मुँह लगा कर बोला- ला पिला.. मुझे तेरा गर्म पानी.

    भाभी ने चुत की धार खोल दी.

    उस वक़्त मैं बहुत ही नशे में था. मैंने उनका पूरा पेशाब पी लिया.. और चूत चाटने लगा. वो भी मेरा सर पकड़ कर गाली देने लगीं- और चूस मेरे कुत्ते.. और अन्दर तक चाट आह.. आह.. मज़ा आ रहा है.. ऐसे ही करते रहो बेबी.. आई लव यू देव.. यार तुम तो बहुत ही हॉट हो.. अन्दर तक जीभ घुमाओ.. और अन्दर बेबी.. आह.. थोड़ी देर ऐसे ही करते रहो.. आह.. आने वाली हूं मैं.. आह बेबी…

    वो बहुत ही कामुक आवाजें निकाल रही थीं. कुछ देर बाद उन्होंने अपना पानी छोड़ दिया, मैंने उनकी चूत को चाट चाट कर साफ़ कर दी.

    थोड़ी देर बाद घंटी बजी. भाभी कपड़े पहनते हुए बोलीं- खाना आ गया है.. चलो.. जाओ तुम ले आओ. भाभी ने अपना पर्स मुझे दे दिया, मैंने खाना लिया और अन्दर आ गया.

    अब हम दोनों खाना खाने लगे. डाइनिंग टेबल पर हम दोनों पास पास की कुर्सी पे बैठे थे. मैं उनको स्मूच करने लगा. फिर मैंने उनको पकड़कर अपनी गोद में ही बैठा लिया. मुझपर काफी नशा था, मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए और पूरी नंगी कर दिया.

    फिर उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ने की कोशिश की, लेकिन मैंने कहा- मैं क्या पहन कर जाऊँगा. तो वो रुक गईं, मैंने अपने कपड़े उतार कर रख दिए, मैं भी नंगा हो गया और कुर्सी पर बैठ गया. मेरे बैठते ही भाभी अपनी चौड़ी टांगें करते हुए मेरे लंड पर बैठ गईं. मेरा लंड गप्प की आवाज करते हुए अन्दर चला गया.

    मैंने पीछे से पकड़कर उनको हग करते हुए चूमा और हम दोनों इसी अवस्था में खाना खाने लगे.

    दोस्तो, मुझे लगता है, ये आप लोगों को भी करना चाहिए. ये मुझे आज तक का सबसे ज्यादा कामुक वाला काम लगा. इस आनन्द को मैं बयान नहीं कर सकता हूँ.

    खाना खाने के तुरन्त बाद ही मैं इतना कामुक हो गया कि मैंने भाभी को फर्श पर लिटा कर इतने जोर से चोदा कि उन्होंने मुझे अपने नाखूनों से पूरी पीठ को नोंच डाला. जब ये तूफान ख़त्म हुआ तो पता चला ब्लड निकल रहा है, भाभी के शरीर से भी और मेरी पीठ पर भी. मैंने झटके इतने तेजी से मारे थे कि कोई गिन भी नहीं सकता.

    उन्होंने मेरे घावों पर डिटॉल लगाया और बोलीं- थोड़ा आराम कर लो.

    फिर वो कमरे में जाकर अपने बच्चे को पानी पिलाकर अच्छे से सुलाकर आ गई. और मुझे हग कर लिया. मैंने उन्हें उठाकर कमर तक ले लिया और किस करने लगा.

    लगातार 15 मिनट तक किस करने के बाद वो बोलीं- चलो बेडरूम में चलते हैं.

    मैंने कहा- शहद है क्या? तो बोलीं- हां क्यों? मैंने कहा- लेकर आओ तो. वो बोलीं- अभी लाई.

    कुछ देर बाद भाभी शहद लेकर आ गईं. मैंने कहा- लेट जाओ. वो चित लेट गईं, मैंने उनके होंठों पर स्तनों पर, लगभग सारे शरीर पर शहद लगा दिया और चाटने लगा. भाभी कामुक आवाजें निकालने लगीं. मैंने उनके स्तनों को चाट चाट कर लाल कर दिया. उनके होंठों से ब्लड निकलने लगा.

    वो गालियां देने लगीं, मुझसे गुहार लगाने लगीं- आह.. साले अब तो मुझे चोद दो.

    फिर मैंने उनको चोद दिया, लगातार ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने अपना लावा उनकी चूत में छोड़ दिया. फिर दोनों हग करके बाते करने लगे.

    बीस मिनट बाद मैंने अपने लंड पर शहद लगा कर भाभी की ओर कर दिया. भाभी मेरे लंड को चूसने लगीं. कुछ देर बाद मैंने कहा- रुको.

    अब मैंने उनकी चूत पर बहुत सारा शहद लगाया और हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए. जितनी जल्दी वो मेरे लंड को चूसतीं, उतने ही अन्दर में अपनी जीभ घुसेड़ देता. हम एक दूसरे को तब तक चूमते और चाटते रहे, जब तक हमने एक दूसरे को स्खलित नहीं कर दिया. मैंने भाभी को उस रात कई बार चोदा. हर अवस्था में चोदा. भाभी थक गईं और खुद बोलीं- बस करो यार..

    फिर भी मैं नहीं माना, वो रात मेरी जिंदगी की सबसे हसीन रात थी. मैंने लगभग एक साल तक भाभी को चोदा. फिर उनके पति का ट्रान्सफर जयपुर हो गया.

    अब भी कभी कभी बात हो जाती है तो बोलती हैं कि बहुत मिस करती हूं तुम्हें. मैं भी बस इतना ही कह पाता हूँ- याद तो हमें भी बहुत आती है आपकी. ये मेरी पहली कहानी है तो कुछ भूल हुई हो तो मुझे माफ़ करना और मुझे बताएं कि आपको भाभी की चुदाई की कहानी कैसी लगी.

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    जिंदगी में इतना स्टंट देखा पर इससे खतरनाक नहीं देखा

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    sajis9946

    Action packed

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    Action packed performance

    दोस्तो, मैं आपकी प्यारी सेक्सी कामुकता से भरपूर बिलकीस बानू… उम्मीद करती हूँ कि आप लोग मुझे भूले नहीं होंगे। आपको तो याद ही होऊँगी. पिछली कई सेक्स कहानियों में मैंने अपनी चुत चुदाई के बारे में बताया है कि कैसे मेरी माँ ने कुछ रुपयों के लिए हमारे ही एक कारीगर फरीद को बेच दिया और फरीद ने मेरी नथ उतारी थी

    फिर उसके बाद मैं एक नंबर की रंडी बन गयी, चुदाई के बिना मेरा जी नहीं लगता था, फिर मैंने मेरे अब्बू को फंसाया और उनको मजबूर कर दिया कि अपना लंबा विशाल लंड अब्बू अपनी बेटी की चूत में डाल कर मेरी चूत की गर्मी को शांत करें।

    फिर तो रोज का सिलसिला ही हो गया और मैं अब्बू के साथ मैं चुदवाने लगी, कुछ दिन मेरी जिंदगी बहुत ही रंगीन और आराम से कट रही थी, अब्बू से चुदवा कर मैं बड़े आराम से अपनी काम इच्छा को को पूरा कर रही थी, कभी अब्बू तो कभी फरीद से चुद कर मैं अपनी लाइफ के पूरे मज़े ले रही थी।

    फिर एक दिन दोपहर में मेरे भाईजान ने मुझे अब्बू से चुदते हुए देख लिया और मेरी मस्त जवानी और मेरी रसभरी चूत, बड़े बड़े मम्मे देख कर मेरे भाई की नीयत भी डोल गयी और वो अपनी बहन की चूत को चोदने के लिये बेचैन हो गए जिसे वो कभी देखने की सोच भी नहीं सकते थे। फिर एक रात मौका पाकर भाई जान ने मुझे जम कर चोद दिया।

    और उस रात के बाद कुछ ऐसा हो गया कि दिन में मैं अब्बू का लंड लेती थी और रात को आरजू भाई का। मेरे दिन बड़े रंगीन थे। अब तो मेरे आसपास तीन तीन लंड थे।

    एक दिन मैंने अन्तर्वासना पर एक ग्रुप चुदाई की कहानी पढ़ी। उसमें एक लड़की की दो लोग मिल कर चुदाई कर रहे थे। उस कहानी को पढ़ कर मैं पागल सी हो गयी, मैं सोचने लगी कि कितना मज़ा आये अगर एक साथ एक लंड मेरी चूत को फाड़ रहा हो और उसी समय दूसरा मेरे मुंह हो।

    अब्बू भी धीरे धीरे इस बात को जान गए थे कि मैं आरजू भाई से भी चुदती हूँ। पहले तो उन्होंने गुस्सा किया लेकिन बाद में सब शांत हो गया।

    एक दिन मैंने भाई को बोला कि मुझे एक साथ एक ही बेड पे दोनों से चुदना है लेकिन भाईजान ने मना कर दिया। उस रात गुस्से में मैंने भाई को अपनी चुत चुदाई करने नहीं दी।

    उसके बाद अगली दो तीन रात ऐसे ही गुजर गए। भाई अब एकदम बेचैन हो गया तो आकर बोला- साली रंडी, जा अब्बू से बात कर… अगर वो मादरचोद तैयार हो गया तो उसके सामने तो मैं अब तुझे व और तेरी अम्मी को भी चोद दूंगा।

    फिर मैंने अब्बू को भी ब्लैकमेल करके भाई के साथ मिल कर सेक्स के लिए मना लिया। और फिर शुरु हुई हमारी जबरदस्त चुदाई। मुझे तो मानो जन्नत मिल गयी जब मेरी चूत में अब्बू का 10 इंच का गधे वाला लंड और उसी समय भाई का 8 इंच का लंड मेरे मुंह में था। मेरी तो पूछो मत मैं सीधे जन्नत पहुँच गयी।

    फिर भाई ने नीचे लेट कर मुझे उसके ऊपर लेटा लिया और ऊपर से अब्बू ने मेरी गांड में अपना विशाल लंड डाल दिया. मैं तो दर्द से रोने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… मेरी गांड और चूत दोनों फट गई। मैंने बहुत विनती करी अब्बू से भी और भाई से भी… लेकिन दोनों लगे रहे… मुझे रंडी कुतिया और न जाने दुनिया की कौन कौन सी गालियाँ दी और मेरी जम कर गांड और चूत की चुदाई करी।

    सच बोलूं तो बाद में मुझे भी बहुत मज़ा आया था। खैर इन सब बातों का मतलब यह था कि अब मेरे घर में सब चुदक्कड़ हो गए थे, सब के सामने सब लोग चुदाई के मामले में खुल गए थे, बस बाकी था तो भाई का माँ के सामने नंगा होना!

    जल्द ही वो मौका भी आ गया.

    जैसा कि मैंने बताया था कि मुझे मेरी अम्मी ने फरीद को एक दिन के लिए बेच दिया था, तो मेरी अम्मी भी मुझे मेरे शरीर के बारीकियों के बारे में बताने के लिए मौका देख रही थी कि कब वो मुझे एक औरत की खासियत के बारे बता सकें! उसके लिए घर का खाली होना जरूरी था, पर ऐसा मौका नहीं मिल पा रहा थ, क्योंकि घर में हमेशा कर्मचारी रहते और रात में अब्बू और भाई दोनों होते तो अब्बू अम्मी को और भाई मुझे चोदते रहते थे तो वो खास मौका नहीं मिल पा रहा था.

    एक दिन हमारे एक रिश्तेदार के यहाँ से शादी का बुलावा आया, वैसे जाना तो हम सब को ही था पर यही मौका देखते हुए अम्मी ने जाने से मना कर दिया और मुझे भी रोक लिया। बड़ी मान मनुव्वल के बाद अब्बू और भाई जाने के लिए तैयार हुए। उनको दूर शहर जाना था, सब जल्दी जल्दी में हुआ था तो रिजर्वेशन भी नहीं मिला था, अब्बू और भाई जाने के लिए रात में नौ बजे घर से निकल गए.

    वैसे तो स्टेशन घर से 40 मिनट की दूरी पर है, परन्तु शाम के समय ट्रैफिक ज्यादा होता है तो अब्बू और भाई जल्दी निकल गए जिससे स्टेशन समय पर पहुँच सकें.

    यहाँ मेरी और अम्मी के पेट की भूख मिटने के बाद अब बारी थी जिस्म की जानकारी लेने की, अम्मी ने मुझे अपने रूम में ले जा कर बैठा दिया और बताने लगी कि कैसे आदमियों को कहाँ छूने से वो पागल हो जाते हैं और मर्द औरतों को कैसे छूते हैं, कहाँ छूते हैं तो औरतें जल्दी गर्म होती हैं.

    अम्मी ने सबसे पहले मेरे होंठो में होंठ रख दिए और बड़े प्यार से चूसने लगी. यह मेरे साथ पहली बार था, बड़ा अजीब सा लग रहा था. मेरे गालों को सहलाते हुए मेरे बाल खोल दिए और मेरे बालों को अपने हाथ में जकड़ कर मुझे बड़ी जोर से चूमने लगी, कभी मेरे होंठों को चूसती, कभी मेरे गालों में, कभी मेरी ठुड्डी को चूसती और लगातार मेरे बालो को पकड़ के कभी खींचती और कभी प्यार से सहलाती!

    मैं न चाहते हुए भी गर्म हो रही थी, समझ नहीं आ रहा था कि कैसे खुद को रोकूं, अब्बू और भाई भी नहीं हैं… तो कौन मेरी चुदाई करेगा? और कौन मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरा पानी निकलेगा? पर मैं सब सोचना छोड़ कर अम्मी का साथ देने लगी, और जैसे वो मुझे चूम रही थी मैं भी अम्मी के ऊपर चढ़ कर अम्मी को चूमने लगी.

    तभी अम्मी मेरी कुर्ती उतार के ब्रा ऊपर से मेरे दूध दबाने लगी और मेरे पीछे बैठ के पीछे से मेरे गले में मेरे कान के पीछे किश करने लगी. अम्मी के इस तरह से करने में मेरी हालत तो जल बिन मछली जैसे हो गयी, ऐसा लगने लगा कि आज तक इतना मज़ा तो अब्बू ने भी नहीं दिया… और अभी तो अम्मी सिर्फ किस कर रही हैं तो ये हाल है कि मेरी चड्डी चूत के पानी से पूरी भीग गयी थी, बिना चूत को छुए इतनी बेचैन चूत पहले कभी नहीं हुई थी. ऐसा लग रहा था अभी कोई मेरी चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ दे.

    अम्मी धीरे धीरे मेरी ब्रा खोल के उतार दी और मेरे दोनों दूध के निप्पल को पकड़ के दबाने लगी. फिर अम्मी ने अपने कपड़े भी उतार दिए और नंगी मुझसे चिपक कर मेरे निप्पल को दबाने लगी, फिर उन्होंने मुझे अपनी और घुमा कर दोनों हाथ से मेरे निप्पल को ऊपर नीचे कर के उन्हें चूसने लगी.

    ये सारी चीज़ें मेरी बर्दाश्त से बाहर थी और मैं अपनी चूत में उंगली लगाने लगी तो अम्मी ने मुझे आँख दिखते हुए मेरे हाथ को चूत से हटा कर किनारे कर दिया. मैं छटपटाने लगी और अम्मी की पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी.

    अम्मी ने एक झटके में मेरा लोअर उतार दिया और अपनी भी सलवार उतार कर पैंटी नीचे सरका के मुझे अपनी चूत दिखा के बोली- देख यहाँ अभी तक सूखा पड़ा है, तुझे बड़ी जल्दी है आंसू बहाने की? फिर अम्मी ने मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत में अपनी जीभ लगा के चूत चाटना शुरू कर दिया. उस समय मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ने गर्म तवे में बर्फ रख दी हो, ऐसा फील हुआ कि अभी कोई मेरी चूत में 2-2 लन्ड घुसेड़ दे, पर मजबूर थी क्योंकि आज मैं अम्मी के चंगुल में फसी हुई थी, अम्मी लगातार मेरी चूत चाटने में लगी हुई थी.

    फिर अम्मी ने मेरी पैंटी उतार कर मेरी चूत का पूरा रस चाट चाट कर साफ कर दिया और मुझे 69 पोजीशन में लेटा कर बोली- मेरी चूत चाट! मुझे बड़ा अजीब सा लगा, लन्ड तो कई बार चूसे थे पर चूत चाटना बड़ा गंदा लग रहा था.

    अम्मी ने मेरी चूत में अपनी उंगली डाल के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, यहां मेरी हालत खराब होने लगी और अम्मी मुझे तड़पाने में लगी थी और मैं अम्मी की चूत चूसने में लड़खड़ा रही थी। अम्मी ने चिल्लाते हुए कहा- चूसेगी रंडी की औलाद? छिनार साली बाप का लन्ड तो आइसक्रीम जैसे चूसती है, चूस मादरचोद!

    मैंने डर के अम्मी के चूत में मुँह लगा दिया, जैसे ही मुँह लगाया मुझे टेस्ट गजब का लगा, अब मैं और अम्मी दोनों एक दूसरे की चूत चाट रही थी और उंगली कर रही थी. मैं तो पहले ही सेक्स की आग में जल रही थी. अब अम्मी की भी सिसकारियां निकलने लगी थी, जैसे जैसे वो आवाज़ निकलती और आहें भरती, उतनी ही जोर से मेरी चूत में उंगली अंदर बाहर करती, और जोर से मेरी चूत को काटती!

    इधर मैं भी जोश में आकर अम्मी की चूत में उंगली करने लगी थी, और हम दोनों लेस्बियन चुदाई में लगी हुई थी। ये सब करते करते लगभग 12:30 बज़ चुके थे।

    तभी अम्मी ने मुझे उठा कर अपनी गोद में बिठा दिया और रबर का लन्ड अपनी चूत में घुसा के मुझे भी अपने ऊपर बिठा कर आधा लन्ड मेरी चूत में घुसेड़ दिया, अब मैं अम्मी के ऊपर गोद में बैठी अपनी चूत की खुजली मिटा रही थी।

    थोड़ी देर में मुझे कुछ आहट सी सुनाई दी, अम्मी ने ध्यान नहीं दिया, वो मेरी चूत को उंगली से चोदने में लगी रही और मैं भी अम्मी की चूत चुदाई में लगी थी.

    10 मिनट बाद मुझे फिर से आहट सुनाई दी, तो मेरी नज़र अब्बू और भाई पर पड़ी, मैंने देखा कि अब्बू अपना लौड़ा निकाल के हिला रहे थे और भाई पैन्ट के ऊपर से लन्ड मसल रहा था, तो मैंने चौंक के अम्मी को आवाज़ लगाई, अम्मी ने भी देखा तो आश्चर्य से पूछने लगी- तुम लोग गए नहीं? वापस क्यों आ गए? तो अब्बू ने कहा- ट्रैफिक के कारण लेट हो गए तो ट्रेन छूट गयी इसलिए वापस आ गए! तुम लोग ये क्या कर रही हो?

    अम्मी बोली- मैं बिलकिस को चुदाई के गुर सिखा रही हूं.

    अब्बू बोले- तो फिर मैं तुम दोनों की चुदाई करूँगा! तभी भाई भी बोल दिया- तो क्या मैं यहाँ खड़ा होकर लन्ड हिलाऊंगा, मैं भी इन दोनों रंडियों को चोदूंगा।

    तो अब्बू ने उसके गाल पे चांटा मरते हुए बोले- भोसड़ी के, तू अपनी अम्मी को चोदेगा मादरचोद? तो भाई ने कहा- जब आप रोज अपनी बेटी की चुदाई करते हो तो मैं भी दोनों को आज चोदूंगा।

    तभी अम्मी ने कहा- चल आ मादरचोद… देखूं तेरे लन्ड में कितना दम है?

    सभी लोग नंगे हो कर बिस्तर में आ गए और शुरू हो गया सेक्स का नंगा नाच।

    भाई ने मुझे दबोचा और अब्बू ने अम्मी को दबोच लिया, भाई मेरे बूब्स को अपने हाथों में पकड़ कर दबाने लगा और मेरे होंठ में किस करने लगा. उधर अब्बू का लन्ड अम्मी के मुंह में था और वो लपलप कर के लन्ड को चूसे जा रही थी. भाई का लन्ड अब्बू के लन्ड से छोटा था तो मुझे अब्बू के लन्ड से चुदने की इच्छा ज्यादा थी, पर अब्बू के लन्ड पर आज अम्मी मुँह मार के बैठी थी।

    भाई लगातार मेरे बूब्स दबा रहा था. फिर वो धीरे से अपने हाथ को चूत में डाल कर मेरे दूध को जोर जोर से चूसने और काटने लगा, जिससे मुझे दर्द भी हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था.

    उधर अम्मी अब्बू के लन्ड को चूस चूस के लाल करने में लगी थी और मेरा भाई मेरी चूत के उंगली कर कर के मुझे गर्म करने में लगा था।

    मैं भाई को 69 पोजीशन में आने के लिए बोली और उसको चूत चाटने के लिए बोल कर मैं उसका लन्ड चाटने लगी, हम लोग की देखा देखी अम्मी अब्बू भी 69 पोजीशन में आ गए और अम्मी अब्बू भी एक दूसरे का लन्ड और चूत चूसने लगे।

    15 मिनट तक चूसने चुसाने का कार्यक्रम चलता रहा और सारे लोग एक एक बार झड़ कर थक चुके थे, सभी लोग ऐसे ही नंगे लेट गए, मेरे बगल में अब्बू थे, उनके बगल में भाई, फिर अम्मी! थोड़ी देर बाद अम्मी ने भाई के लन्ड को पकड़ के हिलाना शुरू किया और अब्बू ने मेरी चूत चाटने लगे। आज उन्होंने मेरी गांड मारने की बात कही तो मैंने बोला- अब्बू आप चूत में डाल दो, भाई को गांड में डालने दो, मैं दोनों के लन्ड का मज़ा एक साथ लेना चाहती हूं।

    अब्बू ने भाई को नीचे लिटा के मेरे को उसके ऊपर लेटा कर भाई को मेरी गांड में लन्ड डालने बोल दिया, और जब वो मेरी गांड में लन्ड डाल दिया तो अब्बू ने मेरी चूत में पूरी तरह से अपना लन्ड डाल के चुदाई शुरू कर दी.

    उस टाइम तो ऐसा लग रहा था किसी ने मेरे शरीर में 2-2 तलवारें घुसा दी, मज़े के चक्कर में दो दो लन्ड लेना मेरे लिए जान की आफत बन गया, पर अब कर क्या सकते थे, दोनों लोग मेरी चूत और गांड की अच्छी तरह से बैंड बजा रहे थे।

    तभी अम्मी भी मेरी मुँह में अपनी चूत दबा के बैठ गयी और मुझे चुसाने लगी, साथ ही साथ मेरे दोनों बूब्स दबा रही थी, आज तो मानो मैं एक ब्लू फिल्म की रंडी बन गयी थी और मेरे साथ थ्रीसम चुदाई हो रही थी।

    फिर अब्बू ने अपना लन्ड निकाल के दूसरी तरफ मुँह कर के फिर से लन्ड घुसेड़ के चुदाई स्टार्ट कर दी। इधर अम्मी ने रबर के लन्ड को अपने चूत में डाल के उसको मेरे मुंह में डाल के मज़ा लेने लगी, भाई नीचे से हाथ निकाल के मेरे बूब्स दबाने लगा.

    ये सब करते करते लगभग 15 मिनट हो चुके थे, भाई 1 बार मेरी गांड में अपना वीर्य भर चुका था, 2 बार मेरी चूत पानी बहा चुकी थी, अब्बू अभी तक टिके हुए थे, अम्मी की चूत का पानी पूरा मेरे मुंह में और गले में भर रहा था।

    मैंने अम्मी को किनारे किया और भाई मेरे नीचे से निकल कर अम्मी की चूत में अपना लन्ड डाल दिया और अब्बू ने मेरे तीसरी बार झड़ते ही अम्मी की गांड में घुसेड़ दिया, और दोनों ने एक साथ अम्मी की चुदाई शुरू कर दी.

    भाई चोदते हुए खुद को गाली देने लगा था, जिसमें वो खुद को मादरचोद कह कर हँस रहा था और अम्मी को जोर जोर से चोद रहा था, अब्बू भी अब थकने लगे थे। मैं अम्मी के दूध दबाने में लगी थी और उनके पेट में हाथ फिरा रही थी।

    5 मिनट में भाई ने अम्मी चूत में अपना पूरा माल छोड़ दिया, जैसे ही वो हटा, अब्बू ने अपना लन्ड निकाला और अम्मी की चूत में डाल दिया, और भाई के वीर्य की चिकनाई में ही लन्ड अंदर बाहर करते हुए अपना भी वीर्य अम्मी की चूत में डाल कर लेट गए.

    इधर मैं और भाई भी थकान के कारण जहां जगह मिली, सो गए।

    लगभग सब की चुदाई होते होते 3 बज़ गए थे। दूसरे दिन रविवार था, कर्मचारियों को आना नहीं था, तो सब नंगे ही सो रहे थे.

    पर 10 बजे दरवाज़े के खुलने की आवाज़ आयी, शायद रात में भाई ने दरवाजा बंद करना भूल गया और मौके का फायदा उठा कर कोई अंदर आ गया और उसने हम सब को ऐसे नंगे हालात में देख लिया।

    कौन था वो? किसने हम माँ बेटा, बाप बेटी, भाई बहन को नंगी हालत में देख लिया? और आगे क्या हुआ? ये सब मैं अपनी अगली चुदाई स्टोरी में लिखूगी

    limonluseks

    Hanımlar bari diş fırçalarken rahat verin :)

    cinnakunjipart6

    Best morning

    pra-bha

    She very fastest

    harddick21blog

    Sex in the morning

    नवरात्रि का समय था और मैं थोड़ा बीमार था.. सो मैं इन दिनों नवरात्रि में गरबा खेलने नहीं जाता था.. एक दिन मैं यूँ ही थोड़ा घूमने गया था.. वहाँ मुझे मेरी बुआ की ननद की बेटी का फ़ोन आया और उसने मुझे खुद के आने का समाचार दिया। वो मेरे घर से तकरीबन 80 मील दूरी से आ रही थी और वो उस रात मेरे घर ही रुकने वाली थी। मैं समय से घर पहुँच गया और उसके आने का इन्तजार करने लगा।

    उसका दोबारा फ़ोन आया तो मैं उसको बस स्टैंड लेने चला गया। मैं उसको अपने घर लेकर पहुँचा तो मेरे घर पर उस वक्त कोई नहीं था। मैंने घर खोल लिया और उसको मेरे घर के गेस्टरूम में ले गया, वो मेरे घर की दूसरे मंजिल पर था। वो बोली- फ़्रेश होकर मुझे कपड़े बदलने हैं। मैं उससे बोला- मैं अपने कमरे में हूँ.. तुम कपड़े बदल लो.. फिर मुझे आवाज दे देना.. इतना कह कर मैं उस कमरे से अपने कमरे में आ गया

    अब मैं मेरे मोबाईल में वीडियो के गाने थे.. वो देख रहा था.. तभी उसने मुझे आवाज दी.. तो मैं उधर को गया। पर वो मुझे कमरे के बाहर कहीं नहीं दिखी.. तो मैं गेस्टरूम के पास गया। तो मालूम हुआ कि वो बाथरूम में थी। मैंने आवाज दी.. तो वो बोली- दरवाजा खुला है.. तुम अन्दर आ जाओ.. मैं अन्दर चला गया.. तभी उसने मुझसे तौलिया माँगा.. वो तौलिया ले जाना भूल गई थी.. जो मैंने दे दिया।

    जब मैं उसको तौलिया दे रहा था उस वक्त मैं अपने मोबइल में मस्त था.. तो मैं मोबाइल देखते हुए उसको तौलिया देने लगा.. उस पर मैंने ध्यान ही नहीं दिया और मैं अपने कमरे में वापिस आ गया। sexgurumd@gmail.com थोड़ी देर बाद उसने फिर आवाज दी.. तो मैं वापस उसके कमरे में गया। तो उसकी चोली की ब्लाउज की डोरी उससे बंध नहीं रही थी.. जो उसने मुझसे बाँधने को बोला.. सो मैं उसके पास गया और मैं उसकी चोली की डोरी बाँधने लगा।

    तो अचानक पता नहीं क्या हुआ कि वो मेरे ऊपर पीठ के बल गिरी.. तो मैं उसको और खुद को संभालने लगा। इसी चक्कर में उसके ब्लाउज की डोरी टूट गई और उसका ब्लाउज ऊपर को हो गया।

    मेरा हाथ उसको संभाले हुए थे.. इसी वजह से मेरे हाथ उसके मम्मों पर चले गए.. लेकिन मैं तब सेक्स के बारे में ज्यादा नहीं जानता था.. क्योंकि मेरी उम्र अभी 18 साल की हुई थी। मैं सेक्स की बातों में और सेक्स के लिए उन दिनों अधिक रूचि नहीं लेता था। सो मैं इसे एक हादसा समझ कर कमरे से बाहर जाने लगा था। लेकिन वो पीछे से आकर मुझे लिपट गई।

    मैंने चौंक कर बोला- ये क्या कर रही हो? तो बोली- मैं तुम्हें चाहती हूँ.. और वो मौका आज मुझे मिल रहा है.. ‘फ़िर भी तुम मेरी बहन जैसी हो.. और मैं तुमसे कुछ नहीं कर सकता।’ यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

    मैं इतना कह कर वापिस अपने कमरे में जाने लगा। तो उसने मुझे और जोर से जकड़ लिया और उसने एक हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया। दोस्तो, आखिर मैं भी तो एक मर्द हूँ.. फिर भी मैं अभी इस बारे में नया था.. पर वो सब जानती थी, शायद वो खेली खाई थी.. इसलिए वो मुझसे सेक्स करना चाहती थी। जो मुझे सेक्स करने के समय पता चला तब वो शादी-शुदा औरतों के जैसे खुली हुई थी। उसके बहुत सारे ब्वॉयफ़्रेन्ड थे और वो सभी के साथ चुदाई कर चुकी थी।

    चलिए मुख्य बात पर आते हैं। जब उसने मुझे पकड़ लिया और चोदने की जिद करने लगी। तो उसके बाद उसके साथ सेक्स करने के लिए मैंने ‘हाँ’ कह दी.. जिस पर उसने मुझे छोड़ दिया।

    अब मैंने पलट कर उसको अपनी बाँहों में ले लिया और उसके होंठों पर चुम्बन करने लगा। वो भी मेरा साथ दे रही थी लेकिन वो मुझसे पहले ही उत्तेजित थी तो उसने अधिक चूमा-चाटी नहीं करने दी और वो सीधे मेरे ऊपर आ गई। मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और उसने भी अपने कपड़े खुद ही उतार फेंके।

    फिर वो 69 की पोजीशन में हो गई और वो मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरे मुँह के पास उसकी चूत थी.. जो मैंने पहली बार देखी थी। मैं सेक्स के बारे में अन्जान था.. वो उसे भी पता था तो उसने मुझसे कहा- मेरी चूत चाटो..

    तो मुझे थोड़ा ऐसा करना बुरा लगा.. पर उसने मेरे मुँह पर जबरन अपनी चूत रख दी। मैं चूत चाटने को मना करता रहा.. पर वो नहीं मानी। बाद में मुझको चूत चाटने में मजा आने लगा.. तो मैंने उसकी गुलाबी चिकनी चूत खूब चाटी.. मेरी जबरदस्त चूत चुसाई से वो एक बार झड़ चुकी थी और मैं भी अपना लौड़ा चुसवा कर एक बार झड़ चुका था।

    वो मेरा माल पी गई थी और मैं भी उसकी चूत का पूरा पानी पी गया।

    उसके बाद वो मेरे पूरे बदन पर चूमा-चाटी करने लगी। वो मेरे बगल में चित्त लेट गई। मैंने उसके चूचों को मसलना शुरू कर दिया और मैं उसके ऊपर चढ़ गया। मैंने तबियत से उसके पूरे बदन को चूमा और चाटा। बाद में मैंने फ़िर से उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।

    थोड़ी देर में वो फ़िर से चुदने के लिए तैयार हो गई और वो बड़बड़ाने लगी- जल्दी.. मुझे चोद दो.. चोद दो.. मैं समझ गया कि अब वो मेरा लण्ड अपनी चूत में लेने के लिए तैयार है।

    मैं अपना खड़ा लण्ड उसकी चूत में डालने के लिए तैयार हुआ.. तो उसने मुझे रोका और बोला- ड्रेसिंग टेबल पर एक पैकेट रखा है.. उसमें कन्डोम है.. वो निकाल कर अपने लण्ड पर पहन लो।

    तो मैंने वैसा ही किया। फ़िर उसकी चूत पर अपना लण्ड रख के थोड़ा धक्का दिया.. तो लण्ड आधा अन्दर चला गया। उसके मुँह से एक हल्की सी सिसकारी निकली। मैंने दूसरा धक्का दिया तो मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसता चला गया। फ़िर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए और ये हमने 10 मिनट तक किया, उस दरमियान वो झड़ चुकी थी।

    अब मैं भी झड़ने ही वाला था.. तो मैंने उससे पूछा- माल कहाँ लेगी? तो बोली- मेरे मुँह में.. मैंने लण्ड को कन्डोम से निकाल कर उसके मुँह में दे दिया.. वो लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। लगभग 5 मिनट बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया।

    sensualhotwife

    When you let your wife have that young man with the big cock….

    taffydragon1972

    Hot love watching a big cock hammer a wife

    harddick21blog

    Brutal fun with stranger’s wife

    It does take one very important prerequisite: safety of the container.

    Safety provides a space of trust.

    If you feel unsafe with your partner you need to figure out what can help you feel safer. Maybe there is a conversation that needs to take place? Sometimes it can be as simple as asking each other simple questions about where you both stand in relation to each other, and receiving answers. Requesting things like more touch, more words of appreciation or quality time together can bring deeper trust.

    harddick21blog

    Chinese fun (Cuckold)

    The components of the BBTRs system are there to release the tensions and the undischarged energy. The deep connected breathing which is the core of the system stimulates the Sympathetic Nervous system to go into flight or fight, Trauma Release Exercises (TRE) induce neurogenic tremoring to begin the process of shaking and therapeutic touch in areas of chronic tension furthers the release of the energy.

    d35ib00tyl0v3r

    wah kya chudai hai

    harddick21blog

    Exploration of a trench

    The psychological and emotional effects of trauma have been the areas where most research has been undertaken. However, as understanding and research into neurology, physiology and psycho-biology as well as psychology grows, there is growing evidence that all these systems are interdependent and work together as a survival mechanism.

    thor3518

    I’d love to see my wife get fucked like this by someone else

    jai-isha

    One of the best i’ve seen so far…Isha?? Wanna try?

    neel-nikki

    Nice fuck

    jonyjenyfacebook

    i also want to see my wife getting fucked like this

    harddick21blog

    Hard and brutal fun 

    This longing isn’t about wanting or asking for something. This longing is something that originates from the depth of the feminine Mystery which we all have access to. Longing originates from the spaciousness of the womb. Longing is something we can rest into, longing is where all the answers are.

    Are you interested in moving in the world, resting in your heart’s longing and feeling totally aligned with your purpose and your unique gift at the same time?

    webicpl

    Nice cuckold video

    harddick21blog

    cuckold fun 

    Love does not pull. Love has no desire to possess. Love is not attached to outcome Love cannot be measured and contained. Love does not demand. Love belongs to no one, yet it moves through everyone. Love has no stories, no history, no expectation, no resentment. Love bears all things, believes all things, hopes all things, endures all things.

    Love loves to love, for the sake of loving.

    mrhumble

    Mmg power

    sangapdowhhh

    boleh tahan awek dye…

    eleven939

    Pndi jalang ni tbaikk

    harddick21blog

    Through pleasure beyond pleasure

    for invisible vibrations to connect two souls magically ❤️ to feel connected so deeply🙏to become One Heart to serve each other unconditionally 🌷Mmmmmmm To let go✨ To trust🙌 to believe it will be🙏

    harddick21blog

    WHAT WE REALLY NEED IS TO WAKE THE FUCK UP

    These days many people are busy working out their boundaries, practicing conscious celibacy, healing parts that used to be abandoned… All this is great. And will give you great insights. But in reality whatever you believe in will work for you. If you think that having sex with 5 different people every single day for a year will fuck all the shit out of you, shamanically, so it will. If you believe that it will traumatise you for the rest of your life, so it will.

    What we really need is to wake the fuck up.

    And stop thinking that some sort of strategy will cure us.

    What will cure us is complete unapologetic ruthless surrender to Truth, to Life, to Love, to God, to Goddess, to Universe.

    Whatever you want to call it, in the deepest meaning these are all synonyms.

    And what matters is that you hold the little scared child that you are, and then you get up and do your work.

    Do your work of showing up.

    Of showing up in simplicity of presence, of breathing deeply, and trusting…

    Trusting in the force that’s bigger than your protection strategy, your little personal development…

    Trusting in the Force that’s bigger than life.

    And from this place it doesn’t really matter what exactly you do.

    You let Life take you, use you, move you.

    At times you will stumble upon your own stuff and karmic contracts. At times you will get scared and freeze in confusion…

    And you have no idea how to do this but you choose to drop everything you ever tried to hold onto and sacrifice yourself to infinity with every breath, with every choice, with every step.

    Because deep down you know that this is the most glorious way to live.

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    harddick21blog

    Banging party on the road

    When you love someone, be total in your loving. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Why even go there if you don’t want to give it all? If you don’t want to love totally, better to not even engage with that person at all. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Why hold back even a little of yourself? For the fear of getting hurt? Waiting for some confirmation that that’s “the one”? ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ It makes sense. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ But while you’re waiting, your life is passing by. While you are holding yourself back and trying to measure every step, you are cold, contracted and unblissful. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ If you love someone, make it known, love them fully! ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Don’t demand anything back, just give your love in the most total way. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ You won’t lose anything by giving love. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ This love is not yours anyway. You are merely a channel for the Universal love that is flowing through you. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ How dare you hold it back? ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ The saddest way to die is to know that life went by and you never got to express all that enormous love that has been in your heart all along.

    harddick21blog

    Hard pounding

    You can only make love for real when you are willing to let go of everything. Then you find happiness in sacrificing yourself to infinity. Nothing lasts. Nothing. Surrender as if you were dying right now. Then, when you die, You will have no regrets. Because you will know that nothing is left undone.

    happylund69-blog

    Neighbours Boy Luck 😎, A Clip from Old Movie for My Unseen Friends Just Enjoy

    harddick21blog

    Lucky neighbor 

    He is so lucky to have such wonderful and cooperative hot and sexy neighbor. She invited him to her when she was changing her dress. It’s a movie but in reality how many have seen such things or happen such things with them please share their experiences. I fucked my neighbors n number of time in my dreams. lol and she enjoyed, yeah cheers guys. 

    harddick21blog

    Wife Sharing

    These husbands deserves lots and lots of respect from we singles. As they are trusting us and giving their wife to us for their and our enjoyment seeks lots of trust and confidence on strangers. If a guy, breaks their trust then there is no come back for such people. Guys, specially single one please don’t break any body’s trust and due to few single bastards couples now a days are not ready to trust any other single 

    rosecpls

    Best gym

    harddick21blog

    Address of gym please :)

    Who would not want to join such gym, where instead of weights one has to carry a girl and that too with out any force and coercion. For this gym if they charge unreasonable amount as well people would not mind paying that. Such gym are not available anywhere except this place. I wish such gyms exist in UAE for us.  Hi hi, for each set new girl waits for you..sounds interesting, is not it guys. ??? :) 

    Girliyapa sam-chod

    One of my friend that this movie clip is from Russia. By the way it has nothing to do with the clip as we are no more concern with that, lol. I am getting jealous with these two fellows who are getting all size, different shape and all age pussy and that too girl are coming and without any delay jumping on bed from hard and nasty humping. That’s wonderful. :) 

    harddick21blog

    Cuckold fun..unlimited

    Such fun every one dream of. Both single male and female. Single always prays to god that they at least meet one such couple in their life to satisfy their sexual urge and couple think if they could get one sensible and honest guy then they could use and have fun with him lifelong. They both sometimes meet and such thing which is depicted in video took place then. :) 

    Sex appetite of a mature lady

    Two young lads are serving one hot mature lady in this video. lady is also enjoying and encouraging them to explore her further. Now a days such things are very common in metropolitan cities. Hubby’s are getting busy in earning money and wives are searching ways to satisfy their urge of sex with such guys, most of the time they prefer to go with young lads as they have stamina and they are dying to have sex with anyone.