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    Goa fun 18.10.18

    harddick21blog

    Desi cuckold fun 

    जो बात मैं आप लोगो को बताने जा रहा हूँ वो सिर्फ़ इतनी है कि उसके होने के बाद मेरी सेक्स लाइफ थोडी बदल गई है। मेरा नाम शिवशंकर है और मैं अहमदाबाद में रहता हूँ। मेरी शादी को 6 साल हो चुके है और मेरा एक 4 साल का बच्चा भी है ! मेरी बीवी का नाम वैसे तो निधी है लेकिन मई उसे अपनी एंजल ही कहता हूँ और वो भी आज 26 साल की एक खूबसूरत युवती बन चुकी है।

    हम दोनों ने अपनी मर्ज़ी से शादी की है और आज हम दोनों बहुत ही खुश हैं !

    हम दोनों हमेशा से ही कुछ नया करने की सोचते रहते हैं चाहे वो सामाजिक जीवन में हो या फिर यौन जीवन में !

    एक बार हम दोनों हिमाचल घूमने गए हुए थे। वहा पर न जाने क्या हुआ, एंजल ने सोचा कि क्यों न आज खुले आसमान के नीचे ही सेक्स किया जाए। तब हम दोनों ने वही किसी पहाड़ी पर झाड़ी के पीछे डरते डरते सेक्स के खूब मज़े लिए वो भी बिल्कुल नंगे हो कर। फिर वही कहीं नदी के किनारे में एंजल ने बिल्कुल नंगी होकर अपनी नहाते हुए फोटो भी खिंचवाई। वो फोटो आज भी देखता हूँ तो उतेजित हो जाता हूँ। तब हमें ये डर नहीं लगता कि कोई हमें देख लेगा तो क्या होगा !

    कई बार तो हमने अपनी बालकनी में भी सेक्स किया है बिल्कुल खुले में। एक बार हमें पड़ोस वाली भाभी ने देख लिया था ! उसने एंजल से कहा भी था पर एंजल ने कहा के हमें इस में ही मज़ा आता है !

    एक बार रात को मैं एंजल की मस्त चुदाई कर रहा था। उस रात मैंने एक दो पैग लगा लिए थे इस लिए मुझे कुछ सरूर ज्यादा था, एंजल को भी मैंने एक पैग दिया था इस लिए वो भी आज कुछ ज्यादा ही मज़े दे रही थी। वैसे एंजल पीती नहीं है पर मेरे साथ कभी कभी चल जाता है।

    एंजल को चोदते चोदते मैं उस से गन्दी गन्दी बातें भी कर रहा था। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने आज एक ब्लू फ़िल्म लगा रखी थी, उसको देखते देखते ही मैं एंजल को चोद रहा था।

    जैसे जैसे फ़िल्म में हो रहा था वैसे ही एंजल और मैं कर रहे थे। एंजल कभी मेरा लंड चूसती तो कभी मैं उसकी चूत चाटता कभी मैं एंजल को घोड़ी बना कर चोदता तो कभी उसकी गांड को फाड़ता। आज पूरे मज़े ले लेकर हम चुदाई कर रहे थे।

    तभी फ़िल्म में एक सीन आया उसमे एक आदमी एक लड़की को लंड चूसा रहा था और लड़की कुतिया की तरह खड़ी हो कर चूस रही थी। तभी एक दूसरा आदमी आया और उसी कुतिया के पोज़ में उसे चोदने लगा।

    ये देख कर एंजल भी मेरा लंड चूसने लगी और अपनी चूत में उंगली करने लगी। बहुत देर तक करते रहने के बाद उसका हाथ थकने लगा तो उसने उंगली हटा ली !

    ये देख कर मैंने कहा- क्या हुआ ! अगर ज्यादा ही मन है तो किसी दूसरे लंड का इन्तजाम करूँ क्या !

    एंजल भी जोश में थी और चुदाई उस वक्त उस पर हावी हो चुकी थी। उसने कहा- क्यों नहीं कब से मेरी इच्छा है दो दो लंड लेने की, पर तुम सिर्फ़ अकेले ही चोदते हो, कभी तो दूसरा लंड लेकर आओ मेरे लिए !

    हम अक्सर सेक्स करते हुए ऐसी बातें करते है इसलिए मैंने दुबारा उससे पूछा,’ तू ही बता दे ना तुझे किसका लंड चाहिए? जिसका तुझे पसंद होगा उसका ही दिला दूंगा तुझे !’

    एंजल झट से बोल पड़ी,’ हाँ हाँ श्रुकांत का लंड चाहिए मुझे उसका बहुत ही मोटा और तगड़ा है।’ ‘क्यों नहीं कल ही ले, तुझे श्रुकांत के लंड से चुदवाता हूँ, वो ही कल तेरी चूत की चटनी बनाएगा।’ ‘पक्का ना?’

    ‘पक्का ! पर एक शर्त है मेरे सामने चुदना होगा मैं यहाँ चुपचाप देखूंगा।’ ‘पर अगर तुम देखोगे तो मुझे दूसरा लंड कहा से मिलेगा?’ ‘तो क्या हुआ एक और मर्द बता दे जिससे चुदने की इच्छा है। ‘ ‘हाँ हाँ परमवीर का भी लंड बहुत मोटा होगा।’

    हम दोनों ऐसे ही बात करते जा रहे थे, तभी मैं झड़ गया तो मैंने अपना लंड हटा लिया और साफ़ करके सो गया।

    सुबह सब कुछ सामान्य था। मैं नाश्ता करके ऑफिस चला गया। ऑफिस में दिन में अचानक एंजल का फ़ोन आया,’ शिवशंकर कहाँ हो? अभी घर आ सकते हो?

    मैंने पूछा- क्यो? ‘बहुत मन कर रहा है!’ ‘शाम को आ कर चोदता हूँ ना’ ‘नहीं अभी आओ वरना में श्रुकांत परमवीर को बुला रही हूँ ‘ ‘बुला लो’

    ऐसा कह कर मैंने फ़ोन रख दिया।

    मैं सोचने लगा कि क्यों न इस बार ये भी करके देखा जाए, इस में बुरा ही क्या है, श्रुकांत और परमवीर मेरे दोस्त है और दोनों भी शादी शुदा है अगर दोनों उसे चोद भी देंगे तो घर की बात घर में रहेगी और वो दोनों भी अपनी बीवियों के डर से किसी को नहीं बताएँगे और मेरे और एंजल के लिए ये नया यौनानुभव होगा।

    ये सोच कर मैंने एंजल को दोबारा फ़ोन किया और कहा कि आज शाम को परमवीर और श्रुकांत को घर पर दारू पार्टी के लिए बुलाओ।

    ‘क्यों आज सही में इरादा है क्या मुझे दो दो से चुदवाने का ‘ ‘हाँ सोच तो ऐसे ही रहा हूँ ‘

    ‘सोच लो अगर उनके लंड ने मेरी चूत की प्यास बुझा दी तो उनके लंड का स्वाद ही न लग जाए मुझे’ ‘कोई बात नहीं मेरी जान चूत की प्यास बुझाना कोई ग़लत नहीं है अगर पति न सही तो पति के दोस्त ही सही।’

    तब थोड़ी देर में ही सही पर एंजल मान गई उन दोनों से एक साथ चुदने को।

    पर मैंने उसको एक शर्त भी बता दी कि उन दोनों को पता नहीं चलना चाहिए कि मैं भी तुम्हें चुदाई करवाते देख रहा हूँ और एंजल का ही काम है उन दोनों तो तैयार करना चोदने के लिए। एंजल इस के लिए तैयार हो गई। दोस्तों आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।

    सब कुछ योजना के अनुसार हुआ। एंजल ने उन दोनों को खाने के बहाने घर पर बुलाया और मैं पहले ही आकर अपनी जगह पर छुप गया। ठीक शाम के 7 बजे दोनों घर पर आ चुके थे। दोनों अपने साथ एक व्हिस्की की बोतल भी लाये थे। दोनों वहीं सोफे पर बैठ कर फ़िल्म देखने लगे। मेरा इंतज़ार करते करते आधा घंटा हो गया तो परमवीर से नहीं रहा गया तो उसने मुझे फ़ोन मिला दिया। पर मैं अपना फ़ोन पहले ही बंद कर चुका था। परमवीर ने एंजल से पूछा कि आज शिवशंकर का फ़ोन नहीं मिल रहा है क्या बात है?

    ये सोच कर मैंने एंजल को दोबारा फ़ोन किया और कहा कि आज शाम को परमवीर और श्रुकांत को घर पर दारू पार्टी के लिए बुलाओ।

    ‘क्यों आज सही में इरादा है क्या मुझे दो दो से चुदवाने का ‘ ‘हाँ सोच तो ऐसे ही रहा हूँ ‘

    ‘सोच लो अगर उनके लंड ने मेरी चूत की प्यास बुझा दी तो उनके लंड का स्वाद ही न लग जाए मुझे’ ‘कोई बात नहीं मेरी जान चूत की प्यास बुझाना कोई ग़लत नहीं है अगर पति न सही तो पति के दोस्त ही सही।’

    तब थोड़ी देर में ही सही पर एंजल मान गई उन दोनों से एक साथ चुदने को।

    पर मैंने उसको एक शर्त भी बता दी कि उन दोनों को पता नहीं चलना चाहिए कि मैं भी तुम्हें चुदाई करवाते देख रहा हूँ और एंजल का ही काम है उन दोनों तो तैयार करना चोदने के लिए। एंजल इस के लिए तैयार हो गई।

    सब कुछ योजना के अनुसार हुआ। एंजल ने उन दोनों को खाने के बहाने घर पर बुलाया और मैं पहले ही आकर अपनी जगह पर छुप गया। ठीक शाम के 7 बजे दोनों घर पर आ चुके थे। दोनों अपने साथ एक व्हिस्की की बोतल भी लाये थे। दोनों वहीं सोफे पर बैठ कर फ़िल्म देखने लगे। मेरा इंतज़ार करते करते आधा घंटा हो गया तो परमवीर से नहीं रहा गया तो उसने मुझे फ़ोन मिला दिया। पर मैं अपना फ़ोन पहले ही बंद कर चुका था। परमवीर ने एंजल से पूछा कि आज शिवशंकर का फ़ोन नहीं मिल रहा है क्या बात है?

    ‘यार ये शिवशंकर भी न बहुत ही अजीब है हमेशा ऐसे करता है अब बताओ हमारी दारू पार्टी का क्या होगा हम तो पूरी बोतल ले आए हैं.’ श्रुकांत बोला- कोई बात नहीं मैं जीतू और दीपक को भी बुला लेता हूँ हम चारो मिल कर इसे ख़तम कर देंगे’

    एंजल ने ये सुना नहीं कि वो जीतू और दीपक को भी बुला रहे है वो भी मेरे ही दोस्त हैं।

    एंजल ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली थी। वो आज अपने पूरे बदन की वैक्सिंग करा कर आई थी। चूत पर से सारे बाल साफ़ करवा कर बिल्कुल उसे चिकनी कर के बिल्कुल दो दो लण्डों से चुदने को बेताब थी !

    एंजल ने अपनी सबसे सेक्सी ब्रा पैंटी का सेट पहना और उसके ऊपर एक घुटनों तक स्कर्ट और उसके ऊपर एक नीचे गले का टॉप। कसम से इतनी सेक्सी वो तब बन कर नहीं आती जब मैं उसे चोदता हूँ पर कोई बात नहीं आज उसे दो दो लंड चोदने वाले थे !

    तब तक श्रुकांत और परमवीर ने दारू पीनी शुरू कर दी थी। एंजल भी उनके बगल वाले सोफे पर जा कर बैठ गई। टॉप में उसके चुचे बाहर आने को मचल रहे थे। घुटने तक की स्कर्ट में उसकी गोल गोल जांघे दिखने का आभास दे रही थी। मैं देख रहा था कि श्रुकांत उसे चुपचाप देखे जा रहा था वो उसकी जांघो को ही देखे जा रहा था। सच में वो सोच रहा होगा काश इन दो जांघों के बीच की जगह पर वो लेटा होता ! परमवीर भी कम नहीं था वो भी एंजल के बदन को देखे जा रहा था जैसे कह रहा हो काश आज एंजल की गोल गोल मोटी गांड के पीछे से झटके मारता रहूँ।

    दोनों ने दो दो पैग लिए और तीसरा बनाने लगे। तभी एंजल कहने लगी- मैं तुम दोनों के लिए और कुछ खाने को लाती हूँ। एंजल किचन से कुछ लेकर आई तो जब मेज़ पर झुक कर रखने लगी तभी उसके मोटे मोटे चुचे उसके टॉप से बाहर आने को मचलने लगे। श्रुकांत और परमवीर आँखें फाड़ कर उसके चूचों को खा जाने वाली नजरों से देखने लगे।

    एंजल फिर वही बैठ गई और अपनी टांगें सोफे पर ऊपर कर के बैठ गई। ऐसा करते हुए उसकी थोडी सी जांघो के दर्शन उन दोनों को हो गए। अब तो उन दोनों को वहा बैठना बहुत ही भारी लगने लगा ! मैं समझ गया कि एंजल का दांव बिल्कुल ठीक बैठा है। अब वो दोनों भी समझ गए थे कि एंजल क्या चाहती है !

    श्रुकांत उठा और एंजल के पास जा कर बैठ गया और ऐसे ही बोला- और बताओ एंजल आज कल क्या चल रहा है ! और ऐसा कहते कहते एंजल की जांघो पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे उसकी जांघो को मसलने लगा। दोनों ऐसे ही बात करते रहे तो परमवीर से नहीं रहा गया और वो भी उठ कर एंजल के बगल में आ गया और उसकी दूसरी जांघ पर हाथ रख दिया।

    अब तक सब कुछ साफ़ हो चुका था कि सब क्या चाहते हैं इसलिए एंजल ने भी देरी न करते हुए अपना हाथ बढ़ाते हुए श्रुकांत की जिप पर अपना हाथ रखा और उसे खोलने लगी और अपने दूसरे हाथ से परमवीर के लंड को दबाने लगी। तब तक श्रुकांत का लंड बाहर आ चुका था। सच में काफी बड़ा लंड था उसका। पता नहीं उसकी बीवी उसे कैसे झेलती होगी। तब तक एंजल दोनों के लंड अपने हाथ में ले चुकी थी।

    मैं बाहर से उन तीनों का यह जवानी का खेल देख रहा था। मेरी बीवी मेरे सामने ही मेरे दोस्तों से चुद रही थी इससे बड़ी ब्लू फ़िल्म मेरे लिए और क्या होगी।

    एंजल उन दोनों का लंड बारी बारी से चूस रही थी कभी श्रुकांत का लंड मुँह में लेती तो कभी परमवीर का। श्रुकांत एंजल का टॉप उतार चुका था काले रंग की ब्रा में एंजल के मोटे मोटे चूचे क़यामत ढा रहे थे।

    परमवीर भी एंजल की स्कर्ट ऊपर उठा कर नीचे पैंटी के दर्शन कर रहा था। तभी एंजल ने उसे कहा,’ ये क्या कर रहे हो? यहाँ पर मैं तुम्हें फुल टॉस दे रही हूँ और तुम सिर्फ़ उसे क्लिक कर रहे हो ! आजा परमवीर आज अपनी भाभी की जवानी का मज़ा जी भर कर ले ले उतार दे ये’ परमवीर भी गरम हो चुका था पहले परमवीर ने अपने कपड़े उतारे और बिल्कुल नंगा हो कर एंजल के सामने पहुँच गया।

    ‘अरे वाह तेरा तो बहुत ही मोटा और लंबा लग रहा है? आज तू भाभी की चूत को बुरी तरह फाड़ने आया है क्या?’ श्रुकांत भी तब तक नंगा हो चुका था उन दोनों ने फिर मिलकर एंजल की स्कर्ट उतारी और श्रुकांत ने एंजल की ब्रा उतारी परमवीर ने पैंटी नीचे खींच दी !

    अब तीनों बिल्कुल नंगे हो कर एक दूसरे को लगातार किस किए जा रहे थे एंजल एक हाथ से कभी श्रुकांत का लंड पकड़ती और कभी दूसरे हाथ से परमवीर का लंड मुँह में लेती।

    मुझे ये सब देख इतना मज़ा आया कि मैं वहीं मुठ मारने लगा।

    अन्दर तब तक एंजल दोनों को बेड तक लेकर आ चुकी थी। वहाँ पर एंजल कुतिया की तरह पोज़ बना कर श्रुकांत का लंड अपनी चूत में ले चुकी थी परमवीर उसे अपना लंड चुसाये जा रहा था। दोस्तों आप ये कहानी गुरुमस्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।

    तभी बाहर बेल बजी एंजल घबराहट में उठी और बोली- अब कौन आ गया मज़े ख़राब करने?

    परमवीर ने कहा- शायद शिवशंकर आया होगा ! नहीं वो अभी नहीं आएगा ! तो फिर कौन आया होगा !

    ‘जीतू और दीपक होगे मैंने उन्हें फ़ोन कर बुलाया था’

    ‘ये क्या कर दिया अब ले लो मज़े मेरी जवानी के !’ एंजल बोली- अभी तो फ़िल्म भी शुरू नहीं हुई है और तुमने इंटरवल कर दिया!’

    ‘तो क्या हुआ मेरी रानी जहाँ हम दो दोस्त हैं वहाँ वो दो और सही आज पूरे मज़े ले ही लो तो अच्छा है’ श्रुकांत बोला।

    एंजल ने भी सोचा हाँ क्यों न ये भी सही जहाँ दो पराये मर्दों से चुद रही हूँ वहा दो और आ जाएँगे तो क्या ग़लत है ! चलो फिर बुला लो उस दोनों को भी !

    परमवीर बाहर जा कर उन दोनों को अन्दर ले आया। अंदर आते ही वो सब कुछ समझ गए जब उन्होंने श्रुकांत और एंजल को नंगा देखा। ‘आ जाओ मेरे राजाओ नंगे हो कर तुम भी शामिल हो जाओ मेरी चूत और गांड की सवारी में ‘

    ‘साली कब से चाहता था तेरी नंगी चूत को चोदना ! आज तो जी भर कर चोदूंगा रात भर चोदूंगा ‘ जीतू अंदर आते ही नंगा होकर बोला।

    दीपक भी जोश में नंगा होकर बिस्तर पर आ गया अब मेरी बीवी बिल्कुल नंगी होकर चार नंगे मोटे मोटे लंड वाले मर्दों के बीच में चुदाई की कबड्डी खेलने को बिल्कुल तैयार लेटी थी। सबसे पहले जीतू ने अपना लंड उसकी प्यासी चूत में आधा अंदर घुसा दिया।

    ‘आहा मर गई जीतू कुत्ते ह्ह्ह्ह्ह् क्या मोटा लंड है तेरा कुत्ते ‘ ‘आज दीपक तू भी अपना लंड पकड़वा ! सबका चख लिया तेरा कैसा है तू भी चखा ना ‘

    एंजल दीपक का लंड चूसने लगी।

    ‘नहीं ऐसे मज़ा नहीं आएगा मुझे सब लंड एक साथ चाहिए अलग अलग नहीं !’ एंजल पुरे जोश से बोली।

    कुतिया बन रही हूँ, जिसको जहाँ जो छेद मिले वहीं अपना लंड घुसा दो जल्दी’

    एंजल कुतिया की तरह पोज़ लेकर उन चारों के बीच में आ गई।

    जीतू उसके नीचे आ गया और एंजल को अपने ऊपर ले लिया और उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया।

    श्रुकांत उसकी गांड के पीछे आ गया और अपना लंड उसकी गांड में धीरे से रख कर अन्दर धकेल दिया। दीपक ने भी अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।

    अब परमवीर बचा था, परमवीर का लंड एंजल ने अपने हाथ में ले लिया और कहा,’ कोई बात नहीं परमवीर आज तेरी मुठ मैं ही मारूंगी, इन तीनों में से जो भी पहले झड़ेगा उसके बाद तू आ जाना !

    चारो अब शुरू हो गए,’ अआः अह्ह्ह्छा मर गई सालो ! कमीनो ! मार डाला आज तुमने एंजल को !’ ‘उईईइ उईईई अहा आ या क्या बात है चार चार लण्डों के बीच में अकेली चूत अह्ह्ह ‘फाड़ दे जीतू आज चूत को जी भर के फाड़ दीपक गांड को आज बिल्कुल मत छोड़ना गांड का कुआं बना दे आज !’

    ‘आ जाओ ! आ जाओ ! श्रुकांत परमवीर ! तुम्हारी लंड की खुजली को ख़तम करूँ बारी बारी से चूस कर !’ ‘अहाआया मज़ा आ गया !’ ‘और जोर से छोड़ मुझे जीतू हरामजादे कभी चूत नहीं मारी क्या !’ ‘श्रुकांत गांड फाड़ दे !’

    बड़ी देर तक चारों बदल बदल कर एंजल की चूत गांड को फाड़े जा रहे थे। चारों जब झड़ गए तब भी थोड़ी देर रुकने के बाद एक एक पैग लगा कर फिर से मैदान में आ जाते।

    और क्यों न आते आज उन्हें एंजल की चुदाई का सुख जो मिल रहा था।

    फिर न जाने कब तक वो चुदाई करते रहे पर एंजल का जी नहीं भरा पर जाना भी था। अगली बार सब वादा कर गए कि वो अगली बार 6 दोस्त एक साथ उसे चोदेंगे। मैं भी सोच रहा था कि 6-6 के लंड एंजल कैसे लेगी पर एंजल तैयार थी अगली चुदाई के लिए !

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    Desi threesom with Renu..

    mahendraagarwal

    फूल चुदाई

    pandeyravi

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    harddick21blog

    Desi threesome

    Such threesomes where you have least expectation and if you get this which you did not imagine in your wild dreams ever is like a dream come true. Such enjoyment is the real enjoyment where there is no compulsion and restriction by the other party. Their only requirement is explore the maximum and enjoy the given time at fullest.

    abirpooja

    Cute bhabi

    harddick21blog

    Bhabhi on tower

    Bhabhi was not getting signal properly from old tower, so she decided to connect her device with fresh and young tower and i hope she might have got proper signal in her device. Such bhabhi’s if their respective husbands let her to explore all the towers they would not mind to go for that as they could check the stamina and power of all the fresh towers. :) 

    singhnishakanpur

    Desi bhabhi fucked in pink Saree…

    harddick21blog

    Desi Kaand

    When is see such videos on social media, i feel like i should kill those bastards who are doing such stuff to prove their masculinity. Guys, if you are a real man then please make your own video with your face and put it on social media then only you can be able to understand what one has to go after such posting on social media. ?? This is weird and am totally against this. 

    vrajseema

    Seema enjoing on top

    rashmi sucking her hubbys cock and stay lubricated

    #Seema#Vraj#Swap#

    #Lonavla#Love#fun#

    harddick21blog

    Threesome with two female

    सबसे पहले मैं अपना परिचय देती हूं, मेरा नाम सविता अग्निहोत्री है। मेरी उम्र 48 साल है और मैं जयपुर से हूं। मेरा अपना बिज़नस है जो पिछले दो सालों से बहुत अच्छा चल रहा है। महीने के 2 लाख रुपये तक बच जाते हैं। पिछले 4 साल से मेरे हस्बैंड मेरे साथ नहीं रहते।

    आप आपको अपने बेटे का परिचय देती हूँ, उसका नाम वरुण अग्निहोत्री है, उसकी उम्र 24 साल है और वो नॉएडा में एक सॉफ्टवेयर क बात करीब एक महीने पहले की है जब वो जयपुर आया था। उसके जाने के बाद में उसके कमरे में सफाई करने गयी तो मुझे वहाँ पे एक डायरी मिली जो वरुण की व्यक्तिगत डायरी थी, उसमें वो सारी बातें लिखता था। मैंने उस डायरी को पढ़ना शुरू किया तो हैरान रह गयी। उसने उसमें अपने सेक्स के किस्से लिखे हुए थे। सबसे ज्यादा हैरानी तो मुझे तब हुई जब उसने एक पेज पे मेरे बारे में लिखा हुआ था।

    पहले तो मुझे बहुत गुस्सा आया और फिर सोचा इस उम्र में हो सकता है कि ऐसा ही होता हो और मैंने माँ बेटे के बीच में सेक्स संबंध के बारे में पढ़ना शुरू किया और मुझे पता लगा कि यह आज कल सामान्य बात है। इस बात ने मुझे बहुत उत्तेजित किया तो मैंने सोचा क्यूँ न वरुण के बारे में और पता किया जाये।

    मैंने बाजार से एक नया सिम लिया और उसको कॉल किया जिसे उसने गलत नंबर बोल कर रख दिया। फिर मैंने उसे व्ट्सऐप मैसेज किया और सॉरी बोला गलती से फोन करने के लिए! रात को 12 बजे के आस पास उसका मैसेज आया और थोड़ी बहुत बात हुई। मैंने उसे अपना नाम स्मिता बताया।

    फिर हमारी रोज़ बातें होने लग गयी और रोज़ 2-3 घंटे बातें करते। फ़ोन पे भी बात हो जाती थी।

    एक रात हम बात कर रहे थे तो वरुण बोला- आपको हॉट चैट पसंद है? स्मिता- तुम्हारे साथ? तुम बहुत छोटे हो! वरुण- करके तो देखो! स्मिता- अच्छा ठीक है!

    वरुण- एक गेम खेलें? स्मिता- कैसा गेम? वरुण- सच और सिर्फ सच… स्मिता- ठीक है वरुण- बिना किसी रोक टोक के? स्मिता- जैसा तुम्हें पसंद हो! वरुण- टीक है, हम कुछ भी पूछ सकते हैं। स्मिता- चलो ठीक है, देखते हैं तुम कितना बता पाते हो, पहले तुम पूछो।

    वरुण- आपके साइज क्या है? स्मिता- 36डी 32 38

    स्मिता- तुम्हारा साइज क्या है? वरुण- मेरा खड़ा हुआ 8″ का है. वरुण- तुम्हें सेक्स चैट करना पसंद है? स्मिता- हाँ पसंद है अच्छा लगता है परन्तु किसी किसी के साथ, हर किसी के साथ नहीं!

    स्मिता- तुम्हें क्या ज्यादा पसंद है सेक्स चैट, सेक्स कहानी या फिर पोर्न? वरुण- मुझे सेक्स कहानियाँ बहुत पसंद है और अगर आप जैसा कोई खुले दिमाग का हो तो सेक्स चैट का मज़ा भी अलग ही है.

    वरुण- क्या तुम पोर्न देखती हो? या सेक्स स्टोरीज पढ़ती हो? और क्या ज्यादा पसंद है सेक्स स्टोरीज या पोर्न? स्मिता- मुझे सेक्स स्टोरीज ज्यादा पसंद हैं, उनमें ज्यादा एक्साईटमेंट रहता है. स्मिता- तुम्हें किस तरह की सेक्स स्टोरीज पसंद हैं? वरुण- मुझे वैसे तो सभी पसंद हैं लेकिन मुझे फॅमिली वाली स्टोरीज ज्यादा अच्छी लगती हैं जैसे कि देवर भाभी, मामी भांजा, चाची भतीजा…

    वरुण- तुम्हें किस तरह की सेक्स स्टोरीज पसंद हैं? स्मिता- मैंने अभी तक तो ज्यादा नहीं पढ़ी है मैंने नौकरानी-मालिक, दोस्त की बहन, माँ और कुछ रिश्तों में सेक्स स्टोरीज भी पढ़ी हैं माँ-बेटे, देवर-भाभी, मामी-भांजा, चाची-भतीजा!

    स्मिता- वैसे तुम्हें देख कर लगता तो नहीं, हो तो तुम हरामी लेकिन क्या तुमने कभी सेक्स किया है? वरुण- हाँ, बहुत बार किया है!

    वरुण- तुम भी हो तो मस्तीखोर… तुम्हारे में सेक्स की कितनी आग है! स्मिता- आग तो बहुत है मेरे पति आज तक मुझे संतुष्ट नहीं कर पाए!

    स्मिता- तूने किस किस के साथ किया है? वरुण- मैंने गर्लफ्रेंड, पड़ोस वाली आंटी, और एक मम्मी की सहेली है, उसके साथ!

    वरुण- आपने किस किस के साथ किया है? स्मिता- शादी से पहले तो किसी के साथ नहीं किया लेकिन शादी के बाद पति और बॉयफ्रेंड के साथ किया है.

    स्मिता- तुमने टोटल कितनी लड़कियों के साथ किया है आज तक? वरुण- टोटल 5 लड़कियों से किया है आज तक, 3 गर्लफ्रेंड, 1 पड़ोस वाली आंटी और 1 मम्मी की सहेली!

    वरुण- तुम कितने लण्ड से चुद चुकी हो? स्मिता- पति का मिला कर या उसके अलावा? वरुण- पति का मिला कर! स्मिता- पति का मिला कर टोटल 17… एक पति और 16 मेरे यार! वरुण- यार बुरा नहीं मानना लेकिन तुम तो एकदम चुदक्कड़ हो!

    स्मिता- तुम्हें कैसी लड़किया पसंद हैं कमसिन या आंटी, मम्मी टाइप? वरुण- मुझे मेच्योर औरतें पसंद हैं, एकदम मोटी गांड, मोटे चूचे, चुदने में एक्सपर्ट, वो जानती हैं उनको एक आदमी से क्या चाहिए! मेरी गर्लफ्रेंड बहुत नाटक करती थी, टच भी नहीं करने देती थी लेकिन मम्मी की सहेली एकदम चुदक्कड़, हमेशा तैयार रहती थी!

    वरुण- तुम्हें कैसे लड़के पसंद हैं? स्मिता- मुझे ज्यादा उम्र के लड़के पसंद नहीं हैं, लड़के 24-27 साल तक के हो, लण्ड मोटा और लम्बा ताकि चूसने में भी मज़ा आये और चुदने में भी!

    स्मिता- तुम्हें औरतों में क्या ज्यादा पसंद है चूचे या गांड? वरुण- मुझे औरटों की मोटी गांड बहुत पसंद है, हमेशा मसलने का मन करता है.

    वरुण- तुमने कितना बड़ा लण्ड ट्राई किया हुआ है? स्मिता- 9″… एक मेरा बॉयफ्रेंड था उसका बहुत लम्बा एंड मोटा था. उसके साथ करीब 3 महीने तक चला था मेरा!

    स्मिता- तुम्हारा बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस क्या था आज तक का? वरुण- मेरा बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस मम्मी की सहेली के साथ था. मुझे पता था कि वो चुदक्कड़ है, मेरा उनके घर आना जाना भी था, एक दिन उनकी सीडी कंप्यूटर में अटक गयी थी तो उसने मुझे बुलाया और बोली- सीडी अटक गयी है निकाल दो. थोड़ी मेहनत करने के बाद सीडी चल गयी. जब चली तो पता लगा कि वो पोर्न मूवी थी. मैं पोर्न देखने लगा तभी मुझे अहसास हुआ कि आंटी का हाथ मेरे लण्ड पे है और वो पकड़ के बोली ‘एकदम मर्द है… चल मुझे स्वर्ग की सैर करवा दे!’ फिर हम एक दूसरे के साथ सेक्स में मस्त हो गए. हमें पता ही नहीं लगा कि उनकी बेटी जो मेरे से थोड़ी छोटी थी, आकर गेट पे खड़ी हो गयी और चिल्लायी ‘मम्मी, ये क्या कर रहे हो?’ हमने फटाफट कपड़े पहने और उससे बात करने लगे. आंटी ने उसे समझाया कि उसके पापा आंटी को सन्तुष्ट नहीं कर पाते. उसका रिप्लाई बहुत शॉकिंग था, वो बोली ‘ठीक है, आपकी लाइफ है जैसे मर्ज़ी एन्जॉय करो… लेकिन मुझे अपने बॉयफ्रेंड के साथ मस्ती करनी होगी तो मैं घर पर लेकर आऊँगी. और जाते जाते मुझे आँख मारती हुई बोली ‘नाईस कॉक!’

    वरुण- स्मिता, तुम्हारा बेस्ट सेक्स एक्सपीरियंस क्या था आज तक का? स्मिता- मेरे बॉयफ्रेंड ने पार्टी दी थी. वो एक पूल पार्टी थी. मुझे पता नहीं था कि वहां ड्रेस कोड है, मैं मिनी पहन कर चली गयी, लेकिन ड्रेस कोड स्विमिंग कोस्टयूम था जो मेरे पास था नहीं. सभी तो वहां पे स्विमिंग कोस्टयूम पहने हुए थे! एक कपल बोले ‘बिना स्विमिंग कोस्टयूम के पूल में नहीं जा सकते!’ एक लड़की बोली ‘स्मिता तुम नंगी हो जाओ, फिर तुम जा सकती हो.’ तभी मेरा बॉयफ्रेंड पीछे से आया और मेरे चुच्चे दबाने लगा. मेरे कान में बोला ‘क्या मैं तुम्हें नंगी कर सकता हूँ, सबको जलाना चाहता हूँ कि मेरी गर्लफ्रेंड कितनी हॉट है.’ मैंने भी बोला ‘तुम मुझे नंगी करो, मैं तुम्हें करती हूँ.’ फिर वो बोला ‘यो बेबी…सेक्स इन द पूल! मेरा फिगर देख कर सबके होश उड़ गए फिर हम सबने कपड़े उतार दिए और हम लोगों ने पूल में ही सेक्स किया. सब लोग मुझे चोदने की फिराक में थे, उस रात हमने 3 बार सेक्स किया.

    स्मिता- तुम्हें सेक्स में कौन सी पोजीशन सबसे ज्यादा पसंद है? वरुण- डोगी स्टाइल! वरुण- तुम्हें सेक्स में कौनसी पोजीशन सबसे ज्यादा पसंद है स्मिता- यही डोगी स्टाइल!

    स्मिता- आखिरी बार कब और किसके साथ सेक्स किया था तुमने? वरुण- आज मॉर्निंग में पड़ोस वाली आंटी के साथ जब उसका पति वॉक पे गया हुआ था!

    वरुण- तुम्हारी कोई ऐसी सेक्स की इच्छा जो अभी तक पूरी ना हुई हो और तुम पूरा करना चाहते हो? स्मिता- मैं रात को समुद्रतट पर सेक्स करना चाहती हूँ पूरी रात!

    स्मिता- तुम बताओ कोई ऐसी औरत जिसको तुम चोदना चाहते हो लेकिन अभी तक चोद नहीं पाए हो, तुम्हारी सपनों की रानी? वरुण- मैं अपनी माँ को चोदना चाहता हूँ. स्मिता- क्या वो तुम्हारी सौतेली माँ है? वरुण- नहीं, वो मेरी सगी माँ है.

    वरुण- स्मिता, तुम बताओ क्या तुम्हें लगता है कि ये गलत है ऐसा सोचना? स्मिता- मैं जवाब देने से पहले तुम्हारे और तुम्हारे माँ के बारे में जानना चाहूँगी. स्मिता- तुम्हारी माँ का नाम क्या है? वरुण- उसका नाम सविता अग्निहोत्री है. स्मिता- उम्र क्या है तुम्हारी माँ की? वरुण- लगभग 48 साल! स्मिता- क्या करती है तुम्हारी माँ? वरुण- उसकी अपनी शॉप है, खुद का बिजनेस है! स्मिता- किस चीज का बिजनेस है? वरुण- मॉडर्न लौन्ज़री शॉप!

    स्मिता- तुम्हारे पापा क्या करते हैं और वो कहाँ रहते हैं? वरुण- पापा हमारे साथ नहीं रहते, वो 3 साल पहले मम्मी को छोड़ कर चले गए थे, उसके बाद वो कभी लौट कर नहीं आये. स्मिता- आई एम् सॉरी! अच्छा ये बताओ, तुम्हें तुम्हारी माँ में क्या अच्छा लगता है जो तुम्हें सबसे ज्यादा आकर्षित करता है? वरुण- वैसे तो वो पूरी ही माल है, लेकिन मुझे उसके मोटे मोटे चूचे और मस्त गोल गोल मोटी गांड बहुत पसंद है!

    स्मिता- सबको औरत में चूचे और गांड ही पसंद होती है, तुम्हारी माँ में क्या ज्यादा मस्त है उसकी गांड या चूचे? वरुण- मुझे और बाकी सबको भी उसकी गांड ही पसंद है, जब वो चलती है तो उसके भरे हुए चूतड़ क्या मस्त हिलते हैं, पागल कर देते हैं। स्मिता- बाकी सब कौन? वरुण- मेरे दोस्त लोग। स्मिता- तुम्हें कैसे पता कि तुम्हारे दोस्तों को तुम्हारी माँ की गांड पसंद है? वरुण- मैंने सुना है उन लोगों को बात करते हुए… और एक बार की बात है, मैं अपने एक दोस्त के साथ दारू पी रहा था, हम दोनों ने काफी पी ली थी। फिर हम लड़की की बातें करने लगे तब वो बोला कि तेरी माँ जैसी मस्त औरत कोई नहीं है। क्या तूने साली की गांड देखी है जब वो चलती है, लंड में आग लगा देती है। मैं सोच भी नहीं सकता कितनी चुदक्कड़ होगी तेरी माँ।

    स्मिता- बहुत हॉट लगती है तेरी माँ! अच्छा यह बता कि तूने अपनी मॉम को नंगी देखा है? वरुण- हाँ, दो बार देखा है. स्मिता- कैसे? वरुण- पहली बार ऐसा हुआ कि मैं मम्मी के रूम में अचानक चला गया, मैंने ऐसा सोचा नहीं था कि ऐसा हो जायेगा। जैसे ही मैं अंदर गया तो देखा कि माँ शीशे के सामने नंगी खड़ी है और खुद को शीशे में निहार रही है, मेरी नज़र सीधे उसकी गांड पे गयी, क्या मस्त मोटी गांड थी. दूसरी बार तब देखा जब एक रात मैं रात को पानी पीने उठा तो देखा माँ के रूम की लाइट जल रही थी रात के 2 बजे होंगे। मेरा रूम ऊपर है और माँ का नीचे और मेरे रूम की जाली से माँ का बेड दिखता है। उस रात मैंने देखा कि मेरी माँ बेड पे नंगी लेटी हुई है और अपनी चूत को रगड़ रही है और फ़ोन पे किसी से बात कर रही है। जब मैंने यह सीन देखा तो मुझसे रहा नहीं गया और अलमारी में रखी हुई दूरबीन से मम्मी के रूम में देखा, क्या मस्त नज़ारा था माँ एकदम गर्म हो रही थी और तेज़ी से अपनी चूत रगड़ रही थी, शायद अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही होगी।

    स्मिता- तुझे कैसे पता कि वो अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी, क्या उसका बॉयफ्रेंड है? वरुण- मुझे पता है वो अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही होगी! स्मिता- कैसे? तुम्हें कैसे पता कि वो अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी? वरुण- मेरा एक दोस्त है, वो माँ का बॉयफ्रेंड था.

    स्मिता- तुम्हें इस बात का कैसे पता कि तुम्हारा दोस्त तुम्हारी माँ का बॉयफ्रेंड था? वरुण- यह बात भी दारू पे हुई, हम दोनों एक रात उसके घर पे दारू पी रहे थे और हम दोनों ने बहुत ज्यादा पी ली थी। मैं बोला कि यार चुदाई किये हुए बहुत दिन हो गए, बहुत मन हो रहा है, तब वो बोला ‘बुरा मत मानना तो एक बात बताऊँ?’ मैं बोला ‘बता…’ वो बोला ‘भाई, चोदने के लिए तुझे कहीं बाहर ढूंढने की क्या जरूरत है तेरी माँ है ना, बहुत बड़ी चुदक्कड़ है उसी को चोद… मज़ा आ जायेगा।’ यह बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उससे पूछा ‘तुझे क्या पता कि मेरी माँ चुदक्कड़ है?’ वो बोला ‘मैं तेरी माँ का बॉयफ्रेंड था, दो महीने तक खूब चोदा है तेरी माँ को। फिर उसने मेरी माँ के मैसेज दिखाये मुझे।

    स्मिता- उससे पूछा नहीं कि कितने बॉयफ्रेंड रह चुके हैं तुम्हारी माँ के? वरुण- फिर मैंने सोचा कि क्यों ना माँ के बारे में और मालूम किया जाये और मैंने उसे और दारू पिलाई और फिर बहुत कुछ पूछा। स्मिता- तो क्या बताया कितने यार रह चुके है तेरी माँ के? वरुण- वो माँ का नौवां बॉयफ्रेंड था.

    स्मिता- और क्या पूछा, तेरी माँ को मुख सेक्स में क्या पसंद है? वरुण- उसको चूत चटवाना पसंद है और डोगी स्टाइल उसकी पसंदीदा सेक्स पोजीशन है.

    स्मिता- सही में तेरी माँ चुदक्कड़ लगती है, ये बता कि अगर तेरी माँ सच में मिल जाये तो उसको चोदेगा? फट तो नहीं जायेगी तेरी? वरुण- अगर मौका मिला तो ऐसी चूत चुदाई करुगा माँ फैन हो जायेगी मेरी, खुश कर दूँगा उसको! स्मिता- अगर एक लाइन अपनी माँ के लिए बोलगे तो क्या बोलोगे? वरुण- शी इस अ हॉट फकिंग बिच! ( वो एक गर्म चोदने लायक कुतिया है.)

    स्मिता- चल तेरी माँ को चोदने का प्लान बनाते हैं। ये बता तेरी माँ के साइज क्या हैं? वरुण- वो तो नहीं पता, बस यह पता है कि बहुत बड़े हैं। स्मिता- सबसे पहले वही पता करते हैं। वरुण- कैसे? स्मिता- तेरी माँ कैसे कपड़े पहनती है पारंपरिक जैसे साड़ी सलवार कुर्ता या आधुनिक जैसे जींस टॉप, स्कर्ट आदि? वरुण- दोनों तरह के ही पहनती है लेकिन आधुनिक ज्यादा पहनती है.

    स्मिता- अच्छा अब ध्यान से सुन, अपनी माँ को शॉपिंग पे लेकर जाना और कुछ मॉडर्न ड्रेस दिलवाना! और जब वो उन ड्रेस को ट्राई करने जाये तो उसको छोटे साइज की ब्रा पेंटी लेकर देना और उनको भी ट्राई करने को बोलना, शायद वो मना कर दे तो जिद करना… अगर उसने ट्राई की तो वो जरूर बोलेगी क़ि ये छोटी हैं. और फिर तू बहुत बड़ी वाली लेकर जाना. वो फिर बोलेगी कि बड़ी है तब तू मैसेज करके बोलना कि माँ आपका साइज़ बता दो, मैं आपके साइज की ले आऊँगा और ट्रांसपेरेंट टाइप की ब्रा पेंटी लेना।

    वरुण- अच्छा ठीक है, वैसे मैं आज रात ही जयपुर जा रहा हूँ. अगर सब कुछ सही रहा तो कल तुम्हें मैसेज करके बताता हूँ कि माँ का क्या साइज है।

    कहानी जारी रहेगी. दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है? अपने कमेंट्स जरूर भेजें! मेरा ईमेल है: sexgurumd@gmail.com PART2 मेरी सेक्स कहानी के प्रथम भाग मेरे बेटे की डायरी: बेटे ने अपनी माँ को चोदा-1 में आपने पढ़ा कि मुझे अपने बेटे की डायरी से पता चला कि वो अपनी मॉम को यानि मुझको चोदना चाहता है. मैंने उसके मन की बात जानने के लिए उसकी फोन फ्रेंड बन कर उससे चैट की, फिर सेक्स चैट पर आकर उससे सब कुछ पूछा! अब आगे:

    वरुण सुबह जयपुर पहुँच गया और अपनी माँ से मिला, दोपहर के टाइम उसने अपनी माँ से कहा- माँ मैं आपके लिए मॉडर्न ड्रेसेस लेना चाहता हूँ, क्या आप मेरे साथ चलोगी? सविता- बेटा शॉपिंग तो करनी थी मुझे, लेकिन मैं अकेले चली जाऊँगी, तू कहाँ परेशान होगा लेडीज की शॉपिंग में। वरुण- माँ, परेशानी की क्या बात है, मुझे अच्छा लगेगा आपको शॉपिंग करवा कर!

    सविता- बेटा मुझे अंडर गारमेंट्स भी लेने हैं, तुझे अजीब लगेगा. वरुण यह सुन कर सोचने लगा कि यह तो लॉटरी लग गयी, फिर बोला- माँ, हम पहले कपड़े ले लेंगे फिर आप अपने अंडर गारमेंट्स ले लेना! सविता- ठीक है, ऐसा कर लेंगे।

    फिर हम शॉपिंग करने एक मॉल में गए और वहाँ पर हमें एक सेल्समैन ने अटेंड किया और उसने बहुत अच्छे मॉडर्न ड्रेसेस दिखाई जो हमे पसंद आयी, करीब 12 ड्रेसेस के साथ माँ को पहन कर देखने के लिए भेज दिया और फिर:

    वरुण- मुझे मैडम के लिए ब्रा पेंटी देखनी है, कुछ अच्छी ब्रा पेंटी दिखा दीजिये! सेल्समैन- सर, हमारे पास एकदम अलग कुछ हट कर ब्रा पेंटी हैं, जो मैडम पर बहुत अच्छे लगेंगी. वरुण- दिखाओ?

    सेल्समैन- मैडम का साइज क्या होगा? वरुण- साइज का तो आईडिया नहीं है, तुम्हें क्या लगता है क्या साइज होगा? सेल्समैन- सर, मेरे हिसाब से 36 आयेगा मैडम को! वरुण- एक काम करो 34 निकाल दो, मैं ट्राई करवा लेता हूँ.

    एक सेट लाकर ट्राई रूम के पास जाकर वरूण बोला- माँ, आपको कैसी लग रही है ड्रेसेस? सविता- बहुत अच्छी हैं. वरुण- माँ, कुछ और ड्रेसेस हैं, ट्राई कर लो, आज सारी शॉपिंग मेरी पसंद से करेंगे! सविता- ओके! मैंने ट्राई रूम से हाथ बहार निकाल कर वरुण से ब्रा पेंटी पकड़ ली!

    ब्रा पेंटी ट्रायल रूम में लेने के बाद माँ ने यानि मैंने मैसेज किया- ये मैं अपने आप ले लूंगी. वरुण- आपने अभी बोला है कि आज शॉपिंग मेरी पसंद से होगी, वैसे आपको पसंद नहीं है क्या? सविता- अच्छी है लेकिन छोटी है, फिट नहीं आ रही है. वरुण- ओके माँ, मैं बड़ा साइज लेकर आता हूँ।

    फिर मैं सेल्समेन के पास गया और बोला- छोटी है, बड़े साइज की दो. सेल्समैन- सर, मैंने तो कहा ही था 36 आएगी। वरुण- हाँ, तुम सही कह रहे हो। तुम 38 साइज का दे दो!

    वरुण बड़ी ब्रा पेंटी लेकर ट्राई रूम के दरवाजे पर आया और बोला- माँ, ये बड़े साइज का ट्राई करो! सविता- ये बहुत बड़ा है इससे छोटा चाहिए, तुम सेल्समेन को बोल दो, वो दे देगा! वरुण- माँ, आप अपना साइज़ मुझे मैसेज कर दो, मैं उसी साइज का ले आऊँगा! सविता- मैं खुद ले लूंगी.

    वरुण- माँ आपने कहा था शॉपिंग मेरी पसंद से होगी, आप अपना साइज दो, मैं लेकर आता हूँ! सविता- ठीक है, 36डी 32 38

    फिर हमने इस साइज की 3 ब्रा पेंटी का सेट लिया और फिर हम घर के लिए निकल गए। जब हम कार में थे तो मेरे बेटे ने मुझसे पूछा- माँ शॉपिंग करके कैसा लगा? सविता- अच्छा लग रहा है!

    फिर हमने थोड़ी जनरल बातें की और घर पे आ गए.

    और घर आकर सबसे पहले वरूण स्मिता को मैसेज किया- धन्यवाद स्मिता, माँ को शॉपिंग पे लेकर गया था और माँ के साइज पता लग गए। आगे क्या करना है? स्मिता- अब रात को… थोड़ी लेट में अपनी माँ को मैसेज करना और पहले उनकी तारीफ करना फिर थोड़ा ओपन चैट करने की कोशिश करना। अगर कर सको तो उनके फिगर की तारीफ कर देना! फिर कोशिश करना कि ओपन चैट हो और अपने माँ के बॉयफ्रेंड बनने की बात करना। उसके बाद जितनी ज्यादा चैट कर सको उतना अच्छा!

    खाना खाने के बाद करीब 11 बजे मेरे बेटे ने मुझको मैसेज किया और बोला- आप सोयी नहीं क्या? सविता- नहीं, अभी नींद नहीं आ रही है. वरुण- मुझे भी नींद नहीं आ रही है, क्या हम बातें कर सकते हैं? सविता- हाँ, क्यों नहीं! वरुण- क्या आप मेरी दोस्त बनोगी? सविता- हाँ ठीक है! वरुण- और अगर मैं दोस्ती में कुछ आपको बोल दूँ तो प्लीज़ मुझे माफ़ कर देना, मैं अपने दोस्तों के साथ थोड़ा फ्रैंक हो जाता हूं. सविता- कोई प्रॉब्लम नहीं है।

    वरुण- आपको शॉपिंग में क्या अच्छा लगा? सविता- सब कुछ अच्छा था, मज़ा आया शॉपिंग में। ऐसे कपड़े तो शायद मैं भी नहीं लेती, तुझे क्या अच्छा लगा? वरुण- मुझे तो आपकी ब्रा पेंटी की शॉपिंग में बहुत मज़ा आया! सविता- क्यों? वरुण- मैंने पहले कभी ऐसी शॉपिंग नहीं की वो भी एक औरत के लिए जिसके इतने मोटे चूचे और इतनी मोटी गांड हो, सॉरी माँ, लेकिन आज में अपने विचार कण्ट्रोल नहीं करना चाहता! सविता- कोई बात नहीं, आज तूने मुझे इतनी अच्छी शॉपिंग करवाई और आज तू दोस्त भी बना है। लेकिन कोशिश करो थोड़ा लिमिट में रहो!

    वरुण- माँ, आपका इतना मस्त फिगर है लड़के आपको ताड़ते नहीं हैं? सविता- बहुत ताड़ते हैं, कौन रोक सकता है उनको! वरुण- आपको किसी ने प्रपोज़ नहीं किया अभी तक? सविता- किया है… लेकिन इन सब कामों के लिए मैं बूढ़ी हो चुकी हूं. वरुण- आपको देख कर कहीं से भी नहीं लगता कि आप बूढ़ी हो। आपके चेहरे की रौनक, आपका फिगर, आपके मोटे मोटे बूब्स और गांड किसी को भी पागल कर दे! सविता- थैंक्स बेटा!

    वरुण- आपको मेरी कसम है, एक बात सच सच बताना, पापा तो चले गए अब क्या आपका सेक्स करने का मन नहीं करता? सविता- करता है… लेकिन कोई ऑप्शन नहीं है मेरे पास! वरुण- माँ, मेरी नज़र में तो आपको अपनी इच्छा पूरी करने का हक़ है, अगर आपको सेक्स करने का मन होता है तो आपको पूरा हक़ है कि आपकी बहुत अच्छे से चुदाई हो! सविता- ऐसा नहीं हो सकता, कौन मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनायेगा?

    वरुण- सच तो यह है कि अगर मेरा बस चलता तो मैं ही आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता। बाकी तो आपके ऊपर है आपको कैसा रिलेशनशिप चाहिए- लम्बे अरसे तक के लिए या सिर्फ सेक्स के लिए। मेरी तरफ से पूरी छूट है आपको! सविता- मुझे बॉयफ्रेंड बनाना नहीं आता।

    वरुण- चलो आपका पहला बॉयफ्रेंड में बनवा दूँगा लेकिन ये बताओ आपको कैसा रिलेशनशिप चाहिए? सविता- मुझे अभी कुछ ज्यादा पता नहीं, तो अभी के लिए तो बस 1-2 महीने के लिए बॉयफ्रेंड बन जाये! वरुण- आपको किस उम्र के लड़के पसंद हैं? सविता- 24-27 साल का हो! वरुण- अपना जीवन जीने के लिए तैयार हो जाओ, ऐसा बॉयफ्रेंड बनवाऊँगा कि रोज़ चुदोगी अब आप! सविता- शर्म नहीं आती ऐसी बातें बोलते हुए? वरुण- मैं तो सिर्फ बोल रहा हूँ, और आप तैयार हो जाओ चुदने के लिए!

    वरुण ने स्मिता को मैसेज किया और बताया क़ि वरुण की सविता से क्या बात हुई. स्मिता- क्या बात है… तुम्हारी माँ तो चुदने के लिए तैयार बैठी है, जाओ और चोदो अपनी माँ को! वरुण- कैसे, क्या वो मुझसे चुदने के लिए मानेगी?

    स्मिता- बिल्कुल मानेगी, बस एक कदम और लेना है तुझे! एक बिल्कुल ट्रांसपेरेंट बिकिनी लेकर आ और एक लेटर लिख अपनी माँ को, कि अगर अपनी चूत की आग मिटानी है तो आज रात मेरे कमरे में आ जाना और सिर्फ ये ब्रा पेंटी पहन कर आना। एक बेटे का लंड अपनी माँ की चूत की प्रतीक्षा कर रहा है… और हो सके तो गिफ्ट देने से पहले अपनी मॉम से थोड़ी हॉट चैट कर लेना वरुण- थैंक यू स्मिता!

    शाम को करीब 6 बजे: वरुण- कैसा लग रहा है माँ? सविता- अच्छा लग रहा है, तूने सोये हुए अरमान जगा दिए, क्या प्लान है तेरा कब बनवा रहा है मेरा बॉयफ्रेंड? वरुण- अच्छा बॉयफ्रेंड बनवाने में थोड़ा टाइम लगेगा लेकिन अगर सिर्फ एन्जॉय करना है तो एक प्लान है मेरे पास! सविता- क्या प्लान है बेटा? वरुण- मिल कर बताऊँगा!

    9 बजे वरुण मेरे रूम में आया और बोला- माँ, आज रात का प्लान तो सेट नहीं हो पाया लेकिन आपके लिए एक गिफ्ट है, मेरे जाने के बाद आप इसे खोल कर देखना।

    जब मैंने गिफ्ट खोल कर देखा तो एक ट्रांसपेरेंट बिकिनी और एक लेटर था जिस में लिखा था: माँ, जब से जवान हुआ हूँ, तुम्हें ही चाहता हूँ। मैं यह भी जानता हूँ कि तुम भी बहुत चुदक्कड़ हो और चुदने के लिए तैयार हो. तो क्यूँ न मिल कर एक दूसरे की इच्छा पूरी करें! भूल जाओ कि हम माँ-बेटे हैं, बस यह याद रखो कि तुम एक औरत हो और मैं एक मर्द। अगर आज की रात यादगार बनाना चाहते हो तो सिर्फ मेरी दी हुई बिकनी पहनकर मेरे आलिंगन में आ जाओ! और मैं वादा करता हूँ कि तुम्हें खुश रखूंगा। एक बेटे का लंड अपनी माँ को चोदने के लिए उत्तेजित है! आपका बेटा

    मैं तो इंतजार ही कर रही थी इस घड़ी का! रात करीब 11.30 को मैंने वरुण के कमरे का दरवाजा खटखटाया. जैसे ही वरुण ने दरवाजा खोला, मैं हैरान रह गयी, रूम फूलों और मोमबत्तियों से सजा हुआ था और बहुत ही अच्छी खुशबू आ रही थी, यह खुशबू मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी.

    हम माँ बेटे एक दूसरे को देख रहे थे. फिर वरुण बोला- मुझे विश्वास था मॉम, कि आप आज रात आओगी मेरे कमरे में! इतना बोलते हुए उसने मुझे अपने कमरे में खींच लिया और मेरे होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और पागलों की तरह चूसने लगा।

    तभी मुझे अहसास हुआ कि उसके हाथ मेरे चूतड़ सहला रहे हैं. और धीरे-2 उसने अपने हाथों का दबाव बढ़ाना शुरू किया, मेरा बेटा वरुण अपनी मॉम यानि मेरे मोटे चूतड़ों को अपने सख्त हाथों से बहुत जोर-2 से दबा रहा था और मैं तो जैसे सातवें आसमान में थी.

    फिर वरुण ने मुझे अपने हाथों में उठाया और अपने बेड पे लिटा दिया। पूरे बेड पे फूल बिखरे हुए थे और मेरी कामुकता, मेरे अन्दर की हवस जाग चुकी थी। फिर वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठों को चूसने लगा और मेरे चूचों को जोर-2 से दबाने लगा।

    मैंने भी तब तक उसके लंड को पैन्ट के ऊपर से पकड़ लिया, मेरे बेटे का एकदम टाइट लंड मजबूत औज़ार की तरह लग रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे एक जानवर पैन्ट में समाया हुआ था। फिर मैंने उसको बिस्तर पे लिटाया और उसको नंगा कर दिया। अब मेरे बेटे की जांघों के बीच का वो जानवर मेरी नज़र के सामने था, मैंने उसके लंड को कस कर हाथ में पकड़ा और अपने हाथों से सहलाया.

    वरुण की सिसकारियां चालू हो चुकी थी- आआआआ… मज़ा आ रहा है। मैंने बेटे का लंड अपने मुंह में लिया, मानो वरुण तो पागल ही हो गया हो, मेरी जीभ के गर्म स्पर्श से उसका लंड और टाइट हो रहा था मानो फट ही जायेगा.

    मेरा बेटा बहुत तेज आहें भर रहा था, वो बोला- आह मॉम, आज से पहले किसी ने मेरा लंड ऐसे नहीं चूसा।

    अब वरुण ने मुझे अपने नीचे पटका और झटके से मेरे सारे कपड़े फाड़ दिए, मैं समझ चुकी थी कि आज मेरी जोरदार चुदाई होने वाली है।

    वरुण ने मुझे उल्टा किया और मेरे चूतड़ों को जोर-2 से दबाने लगा और अपने होंठों को मेरे चूतड़ पे लगा कर चूसने लगा। मैं मस्त होती जा रही थी. फिर उसने मुझे सीधी किया और मेरे मोटे-2 बूब्स को जोर-2 से चूसने लगा और अपने एक हाथ से मेरी चूत को सहला रहा था।

    अचानक उसने अपनी एक उंगली मेरी चूत में डाली, मेरी चूत पहले से ही गीली हो रही थी। फिर वरुण धीरे-2 नीचे जाने लगा मेरी चूत की तरफ। उसने अपने होंठ जैसे ही मेरी चूत पर लगाकर चूसना शुरू किया, पूरा कमरा मेरी सिस्कारियों से गूँज रहा था- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआआ आह… 10 मिनट उसने मेरी चूत को चूसा।

    फिर मैंने उसे चोदने का इशारा किया, मेरा इशारा पाते ही उसने अपने जानवर को मेरी कोमल सी चूत मुंह पे लगाया और एक ही झटके में पूरा अंदर डाल दिया और मेरे मुँह से बहुत तेज सिसकारी निकली- अआह… हहा… जिससे पूरा कमरे का माहौल गर्म हो गया और मेरी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूंज रही थी और इन्ही सिसकारियों के बीच वरुण ने अपने चोदने की स्पीड बढ़ा दी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत में तूफान आ गया है। चुदाई के जोश में हमें याद ही नहीं रहा की वरुण ने कंडोम नहीं पहना है।

    आज मेरा बेटा पूरे मर्द की तरह अपने माँ की चुदाई कर रहा था। पूरा कमरा मेरी सिसकारियों से गर्म हो रहा था.

    इसी बीच मेरी जोरदार चीख निकली और मैं झड़ गयी और मैं वरुण से बोली- अपनी मॉम की चूत में अपना माल मत छोड़ना। उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुंह में दे दिया। मैं लंड की भूखी बेटे के गीले लंड को चूसने लगी क़ि तभी उसने एक पिचकारी मेरे मुंह में ही छोड़ दी।

    फिर हम माँ बेटा एक दूसरे के बगल में लेट गए और बातें करने लगे, वो बोला- माँ, तुम जैसी मस्त औरत नहीं देखी, शक्ल से जितनी भोली हो, उतनी ही ज्यादा चुदक्कड़ हो। फिर उसने मुझे अपनी फ्रेंड स्मिता के बारे में बताया।

    तब मैंने उसे सारी सच्चाई बतायी कि इतने दिन से तू मुझसे ही बातें कर रहा था और जब तू अपनी दोस्त को बोल रहा था कि अपनी माँ को चोदने चाहता है तब तू मुझे ही बता रहा था कि तू मुझे चोदने चाहता है।

    उस रात मुझे एक स्थायी टिकाऊ बॉयफ्रेंड मिल गया, उसके बाद उस रात हमने 3 बार चुदाई की।

    singleadi

    आप सब केरल की बाढ मे व्यस्त हो गये और इधर किसी ने new album रीलिज कर दी

    pra-bha

    Sing king

    harddick21blog

    Desi Kaand

    हैलो फ्रेंड्स मेरा नाम पिंकी है, मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ. मेरा फिगर 36-30-38 का है, मैं आप सबको अपनी सच्ची चुदाई की कहानी बताने जा रही हूँ कि कैसे मकान मालिक ने लंड दिखा कर मुझे चोदा, मेरी चूत मारी, मेरी गांड मारी!

    दिल्ली में मेरी एक सहेली किराये पर रहती है और वो मेरे साथ कॉल सेण्टर में जॉब करने जाती है. मैं कभी कभी अपनी सहेली को बुलाने जाती हूँ, तो मैं उसके मकान मालिक से बातें कर लेती हूँ क्योंकि वो मुझसे हमेशा अच्छी बातें करता था. जबकि मेरी सहेली बताती थी कि उसका मकान मालिक बहुत ही रंगीला आदमी है. उसने अपनी किरायेदारी में रहने वाली बहुत सारी औरतों को और अपनी नौकरानी को भी चोदा है.

    मकान मालिक मुझसे भी बोलता था कि अगर किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे बताना. उसके साथ मैं थोड़ी देर यूं ही इधर उधर की बातें करने के बाद अपनी सहेली के साथ ऑफिस चली जाती थी.

    मैं एक बात नोटिस करती थी कि मकान मालिक जब भी मुझसे बात करता था, तो वो मेरी चूची को देखता रहता था. चूंकि मेरी चूची की साइज़ भी बहुत बड़ी है, इसलिए मेरी चूची का ऊपर का हिस्सा और उसका साइज़ मकान मालिक को भरपूर दिखता रहता था. साथ ही मैं बहुत टाइट सलवार सूट पहनती थी, जिससे मेरे मम्मे उभरे हुए दिखते थे.

    मैं यह नहीं जानती थी कि मैं कभी मकान मालिक से चुदूँगी क्योंकि मेरा बॉयफ्रेंड मुझे बहुत अच्छे से चोदता था और मेरी चूत की खुजली मिटा देता था. मैं अपनी सहेली से बहुत बार ये बात सुनी थी कि मकान मालिक अपनी नौकरानी को चोदता है और अपनी किरायेदारों की औरतों को भी चोदता रहता है.. इससे मुझे कभी कभी लगने लगता था कि कभी लंड का टेस्ट चेंज करना हुआ तो इससे चुदने की सोचूँगी.

    एक दिन मैंने ये बात अपनी सहेली से पूछी कि क्या तुम्हारा मकान मालिक तुमको भी चोदता है? उसने बताया कि नहीं, वो उससे नहीं चुदवाती है. चूंकि मेरी सहेली का भी एक बॉयफ्रेंड था और वो भी अपने बॉयफ्रेंड से चुदवाती थी.

    लेकिन उसने एक बात ऐसी कही जिससे मुझे चुदास सी चढ़ने लगी. उसने कहा कि जिस नौकरानी को वो मकान मालिक चोदता है, उसने एक बार ऐसे ही बातों बातों में बताया था कि इसका लंड बहुत मोटा और बड़ा है. इस बात से मुझे चुत में कुछ कुछ होने लगा था.

    जैसा कि मैंने बताया कि मैं जब भी अपने सहेली के रूम पर जाती थी तो उसका मकान मालिक मुझसे खूब बातें करता था. अब वो मुझसे थोड़ा खुल कर बातें भी करने लगा था. वो अपने मकान में किराये से रहने वाली औरतों के बारे में भी बातें करने लगा कि कौन कैसी है और किसका स्वभाव कैसा है.

    एक दिन मैं और मेरी सहेली शॉपिंग करने गए क्योंकि जब भी ऑफिस की छुट्टी होती है तो हम दोनों लोग शॉपिंग के लिए जाते थे.

    उस दिन मेरी सहेली का मकान मालिक ने भी बोला कि उसको भी शॉपिंग करनी है, तो वो भी अपनी वाइफ के साथ हम दोनों लोगों को भी अपने साथ लेकर शॉपिंग करने के लिए ले गया. उधर वो एक पैन्ट को ट्रायल रूम में चैक करने घुसा, मैं उधर ही खड़ी थी. तभी उसने ट्रायल रूम का गेट खोला और मुझे पैन्ट दिखाते हुए कहने लगा कि देखो कैसी लग रही है.

    तभी मेरी नजर उसकी खुली जिप पर पड़ी तो मैंने देखा कि उसका भुजंग लंड जिप से बाहर अपना गुलाबी सुपारा दिखा रहा था.

    मैंने उसके मोटे लंड को घूर कर देखा तो उसने उसी वक्त अपने लंड को सहलाया और मुस्कुराते हुए दरवाजा बंद करके ट्रायल रूम में वापस घुस गया.

    इसके बाद शॉपिंग पूरी हो गई, उसने मेरी शॉपिंग का पैसा भी दे दिया था. मैंने मेरी सहेली को मैंने ये बात नहीं बताई कि उसके मकान मालिक ने मेरी शॉपिंग करवाई है. हालांकि मुझे उसके लंड दिखाने की बात से समझ आ गया था कि ये पक्का मुझे चोदने की फिराक में है.

    इसके बाद मैंने मेरी सहेली के मकान मालिक से पर बहुत दिन तक बातें की और मैं उसके साथ काफी हद तक खुल गई. एक दिन उसने मुझे अपनी दिल की बातें बताई और बोला कि वो मुझे पसंद करता है लेकिन मैंने उसकी बात को हंस कर टाल दिया.

    इसके बाद उसने मुझे एक दिन कॉफ़ी पिलाने के लिए बुलाया. हम दोनों लोग एक होटल में मिले और हम दोनों ने कॉफ़ी पीते हुए बहुत देर तक बातें की. उसने मुझसे बोला कि वो मुझे बहुत पसंद करता है और वो मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता है. मैं उससे बोली कि मेरा एक बॉयफ्रेंड है. उसने बोला कि वो मेरे बॉयफ्रेंड से भी ज्यादा मेरी देखभाल करेगा और मेरी सारी जरूरत पूरी करेगा.

    वो मकान मालिक वास्तव में मेरी बहुत देखभाल करता था और मेरी सारी जरूरतें पूरी करता था. जबकि मेरा बॉयफ्रेंड तो बस मुझे किस करता था या कभी कभी चोद देता था. इसके अलावा वो और कुछ नहीं करता था. साथ ही मुझे अब मकान मालिक के लम्बे लंड की बात भी याद आने लगी थी.

    मकान मालिक ने मेरी ये बात पता नहीं कैसे ताड़ ली कि मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से ज्यादा खुश नहीं हूँ. वो मुझसे लगातार फ़ोन पर बातें करता रहता था.. इसलिए मैं उसकी तरफ झुकती चली गई और अपने बॉयफ्रेंड से मैंने ब्रेकअप कर लिया.

    इस तरह मैं और मकान मालिक बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बन गए. मैं अब जब भी अपनी सहेली को ऑफिस ले जाने के लिए जाती थी तो मकान मालिक मुझे अपने रूम में बुलाकर मुझे किस करता था और उसके बाद में मैं और मेरी सहेली हम दोनों लोग ऑफिस जाते थे.

    मेरी सहेली को ये बात नहीं पता थी कि मैं उसके मकान मालिक की गर्लफ्रेंड बन गई हूँ. उसके घर से जाने के बाद भी मैं और मकान मालिक हम दोनों लोग फ़ोन पर भी बातें करते रहते थे.

    एक दिन मकान मालिक ने मुझसे बोला कि वो मुझे आज शाम को शॉपिंग करवाना चाहता है. मैं भी बोली कि ठीक है. मैं अपने रूम में जाकर तैयार होने लगी. मैंने घर पर कह दिया था कि मुझे आने में देर हो जाएगी.

    मैं कुछ देर के बाद मकान मालिक के साथ उसकी कार में बैठकर शॉपिंग करने चल दी. वो अपनी कार में गाना बजा रहा था और कभी कभी वो मेरी चूची को भी दबा रहा था. हम दोनों मस्ती करते हुए कार में बैठकर शॉपिंग मॉल की तरफ जा रहे थे. मॉल में जाकर मैंने और मकान मालिक ने बहुत देर तक शॉपिंग की और जब शाम हो गई तो उसके बाद हम दोनों लोग एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले हुए कार में आकर बैठे और बड़ी देर तक कार में चूमा-चाटी की. उस दिन उसने मेरे मम्मों को भी खूब मसला.

    उसके बाद हम दोनों लोग एक होटल में गए और वहाँ पर हम दोनों ने खाना आर्डर किया. कुछ देर बाद खाना सर्व हुआ तो हम दोनों लोग खाना खाने लगे. इसी बीच मैं मकान मालिक से बोली कि आप ड्रिंक करते हैं? वो बोले कि हां कभी कभी. मैं चुप हो गई तो उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम ड्रिंक करती हो? मैं उससे बोली कि नहीं मैं ड्रिंक नहीं करती हूँ.

    वैसे मैं अपनी सहेली के साथ ड्रिंक करती हूँ और मैं ये बात मकान मालिक को नहीं बताई क्योंकि हम दोनों को बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड बने कुछ दिन ही हुए थे, इसलिए मैंने ये बात उसको नहीं बताई कि मैं शराब पीना पसंद करती हूँ.

    मैं और मकान मालिक खाना खाने के बाद होटल से बाहर आ गए और उसके बाद मकान मालिक मुझसे बोला कि और कुछ लेना है? मैं बोली कि डॉक्टर के पास चलते हैं. “क्यों?” “कुछ काम है, दवाईयां भी लेनी है.” “तुम ठीक तो हो ना?” “हाँ.. मैं ठीक हूँ.”

    मैं और मकान मालिक उनकी कार में बैठकर डॉक्टर के पास गए और वहां पर मैंने डॉक्टर से कुछ विटामिन्स की गोलियां और कुछ सीरप वगैरह लिखवा लिए क्योंकि मैं ऑफिस जाती हूँ और काम करती हूँ तो थक जाती हूँ. अब मैंने मेडिकल स्टोर से विटामिन की गोलियां लीं और कुछ सिरप भी ले लिए. इसके बाद मकान मालिक ने भी मेडिकल स्टोर से कंडोम का पैकेट ले लिया. मैंने देखा तो उसने मुझे आँख मारते हुए बोला कि ये भी ले लो, काम आता रहता है.

    हम दोनों लोग एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे और केमिस्ट भी हम दोनों लोगों को देख कर मुस्कुरा रहा था.

    इसके बाद हम दोनों लोग उधर से दवाईयाँ और कंडोम लेने के बाद मकान मालिक की कार में बैठकर घर चल दिए.

    आज मैं मकान मालिक को अपने घर में लेकर आई थी. उस समय मेरे घर में सब लोग सो रहे थे. मैं और मकान मालिक हम दोनों लोग चुपचाप मेरे बेडरूम में आ गए. हम दोनों को शॉपिंग करते करते रात हो गई थी, इसलिए थकान हो रही थी. हम दोनों बेडरूम में आकर आराम करने लगे. मैं मकान मालिक के लिए कॉफ़ी बनाकर ले आई और हम दोनों ने कॉफ़ी पी.

    इसके बाद मैं और मकान मालिक हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. मकान मालिक बोल रहा था कि मैं तुमको बहुत दिनों से चोदना चाहता था लेकिन आज तुमको चोदने का मौका मिला. मैं आज तुमको बहुत चोदूँगा और मैं आज तुम्हारी गांड भी मारूँगा.

    मैं भी गरम हो गई थी और उसके साथ चुदने का मूड बना चुकी थी.

    हम दोनों लोग एक दूसरे को होंठों पर किस करने लगे. वो मेरा सलवार सूट निकालने लगा और मैं भी उसके कपड़ों को निकालने लगी. जल्दी ही हम दोनों अधनंगे हो गए. मैं ब्रा और पेंटी में रह गई थी और वो अंडरवियर में हो गया था. उसके बाद हम दोनों लोग एक दूसरे को चिपका कर किस करने लगे. मकान मालिक मेरे चूतड़ों को दबा रहे थे और मुझे किस कर रहे थे और मैं सिस्कारियां ले रही थी.

    वो कभी कभी मेरी गांड पर बहुत जोर जोर दबा दे रहा था. इसके बाद उसने मेरी पेंटी निकाल दी और मेरी साफ़ चूत को देख कर वो मेरी चूत को चाटने लगा. वो मेरी चूत को चाटते समय थोड़ा सा ऊपर वाला हिस्सा को बहुत मसल रहा था. मैं चुदवाने के लिए एकदम मदहोश हो गई थी.

    मकान मालिक मेरी चूत को बहुत देर तक चाटता रहा और उसी दौरान मैं झड़ गई. वो मेरी चूत को झड़ने के बाद भी चाटता रहा. इसके बाद उसने मेरी गांड के छेद में भी अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा. मैं कामुक सिस्कारियां लेने लेने लगी.

    वो काफी देर तक मेरी गांड को चाटने के बाद मेरी चूची को दबाने लगा और मेरी चूची को चूसने लगा. मैं उनका सर पकड़ कर अपने मम्मों पर दबाए जा रही थी. हम दोनों लोग एक दूसरे को बड़ी बेताबी से किस करने लगे.

    मकान मालिक ने मुझसे अपना लंड चूसने के लिए बोला और मैं मकान मालिक का लंड चूसने लगी. वो बड़ी मस्ती से मुझसे अपना लंड चुसवा रहा था और कुछ देर एक बाद लंड चूसने के बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गया.

    कुछ देर यूं ही मस्ती करने के बाद मकान मालिक ने अपने लंड में कंडोम लगाया और मुझे चित्त लिटा कर अपना लंड मेरी चूत पर लगा दिया.

    मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने आँख दबाते हुए लंड को मेरी खुली चुत में पेल दिया. अब वो मुझे दबादब चोदने लगा. मैं भी गांड उठा कर उसके लम्बे और मोटे लंड से चुत चुदाई का मजा लेने लगी. हम दोनों लोग घमासान चुदाई करने लगे. मकान मालिक मुझे हचक का चोद रहा था और हम दोनों लोग मादक सिसकारियां ले रहे थे और कमरे में आह आह आह की आवाज आ रही थी.

    जिस बेदर्दी से मकान मालिक मुझे चोद रहा था, उससे मैं बहुत गरम हो गई थी और मैं उसकी पीठ पर अपने नाख़ून से नोंच रही थी.

    हम दोनों काफी देर तक चुदाई करते रहे. चूंकि लंड चुत की चुसाई के दौरान हम दोनों एक एक बार झड़ चुके थे तो जल्दी झड़ने का कोई सवाल ही नहीं था.

    हम दोनों मस्ती से एक दूसरे को किस करते हुए चुदाई का मजा ले रहे थे. मकान मालिक ने मुझे चोदते हुए रुक कर कहा- अब दूसरे तरीके से चोदूँगा.

    इसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मुझे पीछे से लंड लगा कर चोदने लगे. इस आसन में मुझे बहुत मजा आ रहा था. वो मुझे मस्ती से चोदे जा रहा था और मैं सिसकारियां लेकर गांड को पीछे धकेलते हुए उससे चुदवा रही थी. मेरे घर में सब लोग सो रहे थे, इसलिए मैं धीरे धीरे चुदवा रही थी और धीरे धीरे सिस्कारियां ले रही थी.

    काफी देर तक चुदाई करने के बाद हम दोनों झड़ गए. मकान मालिक मुझे चोदने के बाद कुछ देर बिस्तर में पड़ा रहा और इसके बाद मैंने बाहर आकर देखा कि सब सो रहे थे तो मैंने उसे जाने के लिए इशारा कर दिया और वो अपने घर चला गया.

    इसके बाद तो मैंने और मकान मालिक ने बहुत बार चुदाई का मजा लिया. कभी कभी तो मकान मालिक मुझे होटल में ले जाकर चोदता.

    एक दिन मकान मालिक ने होटल में ले जाकर मुझे दारू पिला कर मेरी गांड भी मारी थी. हम दोनों ने उस दिन दो बार चुदाई का मजा लिया था. अब मकान मालिक मुझे एक फिक्स होटल में लेकर जाता है, उधर उसने सैटिंग बना रखी है. वो पहले मेरी चूत को चोदता है और फिर मेरी गांड को भी चोदता है.

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    हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनुराग है और में फिरोजाबाद से हूँ, अब में आपको मेरी लाईफ की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। में एक इंजिनियर हूँ और फिरोजाबाद में रहता हूँ, मेरी उम्र 29 साल है और में शादीशुदा नहीं हूँ। यह बात दिसम्बर 2015 की है, उस टाईम में आगरा के पास एक गावं में साईट पर सिविल इंजिनियर था और अपने काम में व्यस्त रहता था।

    में हमेशा ही सेक्स के लिए कोई पार्टनर को ढूंढता रहता था। फिर एक दिन मेरे पास नई लेबर काम के लिए आई, उसमें कुछ लेडीस भी थी, उसमें से 3 तो बहुत सुंदर थी। उनमें से एक का नाम रवीना था, उसे मैंने पटा लिया था, उसका पति एक मिस्त्री था और मेरे साथ काम करता था, वो अक्सर मुझे देखती रहती थी।

    फिर एक दिन जब में उसके पास से निकला तो मैंने उसकी गांड पर हाथ फैर दिया और मैंने देखा क वो थो़ा शरमा रही थी और स्माइल कर रही थी। फिर मैंने ध्यान से उसको अपना मोबाईल नम्बर दे दिया और हमारी बात होने लगी। अब में उसके साथ सेक्स के लिए पागलहो रहा था, लेकिन शाम को में घर वापस आ जाता था और दिन में सेक्स का काम नहीं हो सकता था।

    फिर एक दिन साईट पर दूसरे फ्लोर की स्लेब की कास्टिंग थी और कास्टिंग दिन में 2 बजे को होनी थी और लेट नाईट तक काम होना था। अब मैंने रवीना को पहले ही बता दिया था कि हम लोग उस रात सेक्स करेंगे, तो वो भी मान गई थी।

    फिर अगले दिन दोपहर में हम लोगों ने स्लेब कास्ट करना शुरू कर दिया, अब में बहुत व्यस्त था और सर्दी भी काफ़ी थी। फिर रात के 11 बजे का टाईम था तो मैंने उसको फोन किया, तो वो तैयार थी, लेकिन में बहुत व्यस्त था और मैंने डिनर भी नहीं किया था, में तो सिर्फ़ सेक्स के बारे में ही सोच रहा था।

    फिर में साईट से थोड़ा दूर रूम की तरफ चला गया, वहाँ कोई भी नहीं आता था। फिर मैंने सीमा को कॉल किया और रूम के पीछे बुलाया, जब सर्दी काफ़ी ज्यादा थी। अब में उसका इंतजार कर रहा था, तो वो पूरे 20 मिनट के बाद आई, इतनी ठंड होने के बाद भी उसने सिर्फ़ साड़ी ही पहनी थी और मुझे तो जैकेट में भी ठंडी लग रही थी।

    फिर जिस टाईम मैंने उसको देखा तो मुझे ठंड लगनी बंद हो गई, फिर वो मेरे पास आई, अब वो शरमा रही थी और डर रही थी। फिर मैंने उसका और अपना मोबाईल ऑफ कर दिया, अब में तो सेक्स से पागल हो रहा था। फिर मैंने पहले तो उसके होंठो पर किस किया और उसकी गांड को अपने हाथों से मसलने लगा। अब उसने मुझे मेरी गर्दन से ज़ोर से पकड़ लिया था, अब हम दोनों ने लंबा किस किया, अब में उसकी गांड पर ज़ोर से हाथ फेर रहा था।

    फिर मैंने अपनी जैकेट उतार दी और ज़मीन पर बिछा दी और उसको प्यार से जैकेट के ऊपर लेटा दिया। अब में उसके ऊपर चढ़ गया और में उसको पागलों की तरह किस कर रहा था, फिर में उसके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से ही किस करने लगा। अब हम दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से पकड़ लिया और किस करने लगे, फिर मैंने तेज़ी से उसका ब्लाउज उतार दिया।

    अब मं उसके बू्स को देखकर मस्त हो गया था और उसके बूब्स को किस करने और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा। अब वो भी मस्त हो चुकी थी, फिर मैंने उसकी नाभि पर किस किया और उसके पेटीकोट को खोलने लगा। फिर जब उसने अपने कपड़ो को उतार दिया तो में उसकी जाघों को किस करने लगा और अपने दातों से हल्का सा काटने लगा, उसकी चूत एकदम साफ थी, उसने बताया कि उसने आज ही बाल साफ किए है।

    फिर मैंने उसकी चूत को सिर्फ़ किस ही किया था कि वो मेरे ऊपर आ गई और मेरी पेंट की चैन खोलने लगी। तब मैंने अपनी जीन्स खोल दी। फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया तो अब वो मजे से उसको चूस रही थी। फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा और एक उंगली उसकी चूत में डालकर हिलाने लगा। 

    अब मेरा लंड एकदम अकड़ गया तो में उसके ऊपर लेट गया और उसको बोला कि वो मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में डाले। फिर जब उसने मेरे लंड को उसकी चूत पर रखा, तो मैंने ज़ोर से एक धक्का दिया और मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया, तो वो ज़ोर से बोली उईईईईई माँ। तब में उसको किस करने लगा और धीरे-धीरे हिलने लगा। फिर वो कुछ शांत हुई तो अब में उसके बूब्स को एक हाथ से ज़ोर से दबा रहा था और उसके होंठो पर किस कर रहा था।

    फिर मैंने एक धक्का ज़ोर से और लगाया और अपना पूरा लंड उसकी चूत में दे दिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा। अब वो तेज़ से साँस ले रही थी और बोल रही थी आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्ससस्स ह्म्‍म्म्मममममम आआआआअहह, क्या बताऊँ अब में तो खुद को जन्नत में महसूस कर रहा था? मैंने पहली बार किसी औरत का पूरा मज़ा लिया था।

    फिर मैंने उसकी एक टांग को अपने कंधो पर रख लिया, उसके बूब्स काफ़ी बड़े-बड़े थे और जब में उसको चोद रहा था तब वो तेज़ी से हिल रहे थे। इस तरह मुझको सर्दी में भी पसीना आ गया था और इस तरह हमने 3 बार चुदाई की।

    फिर अगले दिन वो बीमार हो गई और फिर कुछ दिन के बाद वो वापस दूसरी जगह चली गई। में बचपन से ही सेक्स के बारे में कहानियाँ पढ़ा करता था और जिम जाने की वजह से मेरा लंड हर समय खड़ा रहता है और मुझे मुठ मारना अच्छा नहीं लगता था और मुझे बूब्स चूसने में बड़ा मज़ा आता है और मुझे आंटी के बड़े बूब्स बहुत अच्छे लगते है ।

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    मेरी यह कहानी मेरे और मेरी सास की है जिनका नाम रोज़ी (बदला हुआ नाम) है. उनको मैं शुरूआत से ही मतलब अपनी शादी के बाद से ही पसंद करता हूँ क्योंकि वो मेच्यूर फिगर की औरत हैं और मुझे मेच्यूर उमर वाली औरतें बहुत पसंद हैं. मैं अक्सर मेरी ससुराल की फॅमिली की औरतों के बारे में सोचकर मुठ मारा करता हूँ क्योंकि सभी औरतें मोटी मेच्यूर और टाइट फिगर की हैं और उन सभी औरतों को मैंने किसी ना किसी बहाने नंगी देखा हुआ है और देखते देखते मुठ मारी हुई है लेकिन कभी किसी को भी चोद नहीं पाया.

    लेकिन मेरी किस्मत में मेरे द्वारा मेरी सासू की चुदाई लिखी हुई थी तो उसके बारे में ही मैं आपको बताने जा रहा हूँ.

    यह बात तीन महीने पहले की है जब मुझे मेरी सास के घर रात रहने के लिए जाना पड़ा क्योंकि मेरे ससुर नहीं हैं, सिर्फ़ मेरी सास और मेरा साला ही है.

    एक दिन मेरे साले साहब को कंपनी की किसी मीटिंग के लिए आउट ऑफ स्टेशन जाना पड़ा तो मेरी सास का फ़ोन आया कि तुम दोनों यानि मैं और मेरी वाइफ उनके घर रुकें जब तक वो वापिस नहीं आ जाता. मेरी वाइफ गर्भवती होने के कारण नहीं जा सकी लेकिन उसने मुझे कहा- मम्मी घर पर अकेली होंगी तो आप जाओ! तो मैं वहाँ चला गया.

    पहली रात को तो इतना कुछ नहीं हुआ, बस मैंने उनको बाथरूम में नहाते हुए देख लिया था. उनका फिगर 36 34 40 है, मेच्यूर हैं काफ़ी… लेकिन दूसरी रात को उन्होंने मुझसे बात की कि मैंने उनको ऐसे क्यों देखा और उन्होंने खूब डांटा मुझे. लेकिन मैंने उन्हें बताया कि उनकी बेटी के गर्भवती होने के कारण मैं काफ़ी टाइम से सेक्स रिलेशन नहीं बना पाया हूँ तो काफ़ी दिक्कत है. फिर मैंने उनसे सॉरी माँगी और हम लाइट बंद करके सो गये.

    रात को लेट नाइट अचानक मैंने महसूस किया कि मुझे कोई टच कर रहा है लेकिन मैंने कुछ प्रतिक्रिया नहीं की. तब थोड़ी ही देर बाद मैंने महसूस किया कि मेरी सास का हाथ मेरे लंड पे था, तब मैंने एकदम से उनका हाथ पकड़ लिया और कहा- मम्मी जी, ये क्या कर रही हो अब आप? फिर मैं कुछ करूँगा तो आप डाँट दोगी मुझे? तो उन्होंने कहा- मैं ये सब अपनी बेटी की लाइफ के लिए ही कर रही हूँ ताकि तुम कोई और ग़लत कदम ना उठाओ सेक्स के लिए… और मैं भी तुम्हारी बात सुन कर कंट्रोल नहीं कर पा रही हूँ.

    तो मैंने उनको गले लगा लिया. तब उन्होंने मुझसे कहा- आरव जी, मैं आज अपना सब कुछ तुम्हें दे रही हूँ, इसके बदले में मुझे एक चीज़ दे देना. मैंने पूछा- क्या? तो बोली- कभी किसी और लड़की या औरत के साथ रिलेशन मत बनाना. तो मैंने हाँ कह दिया.

    फिर मैंने उन्हें कहा- आप दिल से करो तो ही करना… नहीं तो मुझे कोई शौक नहीं है. तो वो कहने लगी- दिल से कर रही हूँ तभी तो पहल मैंने की है. मैंने कहा- फिर कपड़े उतारने में भी पहल करो मम्मी जी!

    इतना सुनते ही मेरी सासू माँ हंसने लगी और बेड से उठ कर लाइट जगा दी रूम की और अपने कपड़े उतारना शुरू किया. उन्होंने ब्रा पेंटी कुछ नहीं डाल रखा था नीचे तो जल्दी से नाइट वाला जम्पर और सलवार उतार दी. दोस्तो, मेच्यूर लेडी अगर तुम्हारे सामने नंगी हो तो कैसे लगती है, ये तुम्हें बताने की ज़रूरत नहीं है वैसे!

    फिर सासू माँ मेरे पास आकर मुझे किस करने लगी तो मैंने कहा- मम्मी, मेरे कपड़े उतारो! उन्होंने वैसा ही किया और मेरी निकर उतार दी. फिर मैंने अपना लंड उनके हाथ में दिया और उनको कहा- इसे चूसो! लेकिन उन्होंने मना कर दिया. मैंने जब ज़ोर डाला तो वो 69 पोज़िशन में आने के लिए कहने लगी.

    फिर हमने इसी पोज़िशन में आकर सकिंग की, ओरल सेक्स किया और फिर मैंने उनको सीधा लेटा कर बूब्स चाटने शुरू किए.

    तब तक उनकी चूत गीली हो चुकी थी और वो लंड लेने क लिए तड़प रही थी. मैंने अपना 7 इंच का लंड मम्मी जी की चूत में डाला तो वो कहने लगी- ये फीलिंग तो मैं भूल ही चुकी थी. थैंक्स मुझे फिर से वैसा एहसास दिलाने के लिए! इतना कहते ही मेरी स्पीड और बढ़ा दी मैंने और लगातार 10 मिनट तक चोदता रहा मम्मी जी को.

    फिर उन्होंने मुझे कहा कि उनका पानी निकालने वाला है लेकिन मैंने कहा- मुझे अभी टाइम लगेगा! तो वो कहने लगी- तुम एक बार मेरा होने दो, हम कुछ देर बाद फिर से अलग तरह से कर लेंगे. तो मैं मान गया और उन्होंने अपना पानी निकाल दिया.

    फिर थोड़ी देर तक हम वैसे ही लेटे रहे क्योंकि उनका पानी निकल चुका था.

    मैंने उनको पूछा- अब क्या मूड है? तो वो बोली- आरव जी, आपका तो हुआ ही नहीं अभी! तो वो करना ज़रूरी है. मैंने कहा- फिर बताओ मम्मी जी, किस तरह से अलग करें यह सेक्स कि हमेशा याद रहे.

    हम दोनों इस बारे में सोच ही रहे थे कि इतने में उन्होंने कहा- मैं नहाने जा रही हूँ, तुम वहाँ आ जाना, हो सके तो वहीं कर लेंगे, नहीं तो बेडरूम में आकर कर लेंगे. तो मैंने कहा- ठीक है! मम्मी जी नंगी ही नहाने चली गयी.

    थोड़ी ही देर बाद मैं बाथरूम के दरवाजे के पास जा कर खड़ा हो गया तो मैंने देखा कि वो अपनी चूत को साबुन लगा कर धो रही थी. मैं अंदर चला गया और उनका एक पैर को बाथरूम में बनी सेल्फ़ के ऊपर रख दिया और नीचे बैठ कर उनकी साबुन वाली चूत को धो कर चाटने लगा और अपनी पूरी जीभ उसमें डाल दी. उनका चेहरा लाल हो गया था और आँखें बंद थी. 3-4 मिनट चाटने के बाद मैं उठा और उसी पोज़िशन में ही अपना लंड सामने से ही मम्मी की चूत में डाल दिया और हल्का हल्का शावर भी चला दिया.

    वो फीलिंग इतनी ग़ज़ब की थी कि 10 मिनट में ही मेरा पानी निकल गया.

    फिर मैंने अपना लंड जल्दी से बाहर निकाला और उनको चूसने करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने वीर्य और चूत रस से सना लंड चाटने से मना कर दिया. मैंने भी उन्हें फोर्स नहीं किया और फिर हमने एक दूसरे की बॉडी को साफ किया तौलिये से और बेडरूम में आ गये, लेट गये.

    रात के 3:30 बज चुके थे लेकिन ना तो उन्हे नींद आ रही थी और ना ही मुझे. उन्होंने कहा- अब क्या विचार है? मैंने कहा- आज की रात एक बार और करेंगे कुछ अलग तरीके से… फिर सो जाएँगे. तो वो कहने लगी- ठीक है, लास्ट टाइम लेकिन इस बार आइडिया आपका होगा! मैंने कहा- ठीक है.

    फिर हम आइडिया सोचने लगे और मेरा आइडिया यह था कि मैंने उनको कहा- आप लेट जाओ! और मैं किचन में जाकर फ़्रिज़ से आइस क्रीम ले आया और उनको लेटा कर आइस क्रीम उनके बूब्ज पे और चूत पे रख दी, वो इतनी ठंडी थी कि उनको पता नहीं क्या होने लगा कि वो बेड की चादर को अपने हाथों से नोचने लगी.

    फिर उनके बॉडी की आइस क्रीम को मैं चाटने लगा, पहले बूब्स पे लगी आइस क्रीम को चाट गया और फिर चूत के अंदर अपनी जीभ पे आइस क्रीम रखकर जीभ चूत के अंदर डाल दी. इससे हुआ ये कि वो फटाफट उठी और आइस क्रीम को अपनी चूत से हटा दिया और साइड में रखी हुई दूसरी आइस क्रीम को उठा कर मेरे लंड पे लगा कर ज़ोर ज़ोर से लंड को चाटने लगी.

    मुझे इतना जोश आ गया था कि मैंने उनका फेस अपने हाथों से पकड़ लिया और लंड को उनके मुंह में ही दबाए रखा और जब लंड को पूरा उनके मुंह में डाल दिया. फिर मैंने उनको उल्टा होने के लिए कहा और वो अपनी मोटे मोटे चूतड़ दिखा कर उल्टा हो गयी. और मैंने उनकी चूतड़ में लंड डाल कर ज़ोर ज़ोर से धक्का देने शुरू कर दिए, वो अपनी चूतड़ उठा उठा कर चुदने लगी.

    और 5-6 मिनट तक धक्के मारने के बाद मैंने कहा- मम्मी, मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है तो पानी का क्या करूँ? क्या पानी आपकी गांड की मोरी में डाल दूं? तो मम्मी जी कहती- आरव जी, तुम्हें जो करना है, करो… मैं अब तुम्हारे वश में हूँ, अपने नहीं! तो मैंने वैसे ही किया और अपना सारा पानी उनकी चूतड़ की मोरी में डाल दिया.

    और फिर हम दोनो शांत हो कर बात करने लगे. हमारी फॅमिली के बारे में कि किसका फिगर कैसा है और मुझे किसका क्या क्या पसंद है, इस बारे में सब पूछने लगी. मैंने भी उनकी चुदाई के बारे में सब कुछ पूछा.

    तो इस तरह फर्स्ट टाइम हम दोनों सास दामाद ने सेक्स किया और एक दूसरे के क्लोज़ आए.

    जब सुबह हुई तो मैंने देखा सासू मां अपने काम करने में बिज़ी थी और सुबह सुबह मेरा लंड भी सख़्त हुआ पड़ा था. मैं उठकर बाथरूम गया ओर दरवाज़े को बिना बंद किए पेशाब करने लगा. पेशाब की आवाज़ सुनकर मम्मी जी दरवाज़े पे आ गयी और मुझे मूतते हुए देखने लगी.

    मैंने भी अपने लंड को हिलाकर वापिस निक्कर में डाला और उनकी तरफ चला गया, उनको गले लगा लिया और उनका एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया. तो वो मेरे लंड को ऊपर से रब करने लगी और कहती- अभी भी शांत नहीं हुए हो बेटा? तो मैंने कहा- आपके जैसा फिगर लंड को शांत कहाँ होने देता है मम्मी जी?

    वो मुस्कुराने लगी, कहने लगी- अब तो कुछ नहीं हो सकता क्योंकि अभी काम वाली आ जाएगी और दस बजे आपको ऑफिस भी जाना है और शाम तक तो आपका साला भी आ जाएगा! रात यहाँ रुक भी जाओगे तो भी कुछ नहीं हो पाएगा. मैंने कहा- मम्मी जी, एक ट्रिप तो मारने ही दो क्योंकि फिर पता नहीं कब टाइम मिलेगा. आपको भी स्कूल जाना होता है. क्योंकि वो भी सरकारी टीचर हैं.

    तो कहने लगी- कैसे पासिबल होगा? मैंने कहा- अभी काम वाली को आने में टाइम है… तब तक? तो बोली- ठीक है लेकिन थोड़ा जल्दी करना!

    मैं मम्मी को पकड़ कर दूसरे कमरे में ले गया, उनकी सलवार उतरवा दी और उनकी चूत चाटने लगा. जब मम्मी की चूत पूरी तरह गीली हो गयी तो अपना टाइट लंड उनकी चूत में डाल दिया लंड चूत में जाते ही वो आँखें बंद करके सेक्स का मज़ा लेने लगी.

    इतनी ही देर में ही घर की घंटी बजी और वो एकदम से उठ गयी और कहती- काम वाली आ गयी! मैंने कहा- अब? तो कहने लगी- अब गेट खोलना ज़रूरी है, ना कि अभी सेक्स करना! मैंने कहा- ठीक है!

    और हम दोनों सास जवाँई अलग हो गये और वो जाकर गेट खोलने लगी.

    तभी काम वाली अंदर आ गयी.

    जब काम वाली अंदर के कमरे में सफाई कर रही थी तो मैं किचन में अपनी सास के पास गया और कहा- चलो सेक्स नहीं कर सके लेकिन आपको मेरा पानी तो निकालना होगा क्योंकि मेरे भी जाने का टाइम हो रहा है.

    तो मम्मी कहती- कैसे? मैंने कहा- काम वाली को कहो कि ऊपर छत पर जो कमरा है उसमें सफाई कर के आए! तो सासू माँ ने उसे ऊपर भेज दिया और उसके ऊपर जाते ही मैंने अपना लंड सासू माँ को नीचे बिठा कर मुंह में दे दिया और वो चाटने लगी और दस मिनट में मेरा पानी निकल गया.

    अब मैं बाथरूम में नहाने चला गया

    One glimpse

    Second submission from the same follower for all my followers. 

    One glimpse of a wide, hair-matted chest, the merest hint of a jutting arousal was all she had before he planted his hands very deliberately alongside her body. Fionna smothered a sound of disappointment. Maidenly honest be damned, she'd wanted to see for herself the part of him that- The thought was cut abruptly short when he stretched out above her. Skin against skin. Breasts against chest. Belly to belly. There was not an inch of her body that wasn't engulfed by his. Had he not propped himself up on his elbows, his weight would have been intolerable. He kissed her again, and she sensed his struggle to keep his desire in check. A little playfully- no, perhaps naughtily- she ran her toe up and down the knotted muscles of his calf. Aidan lifted his head. Now he was the one who gave a hoarse laugh. "Do you toy with me, you little witch?" The shift in her leg had also made her breathtakingly aware of the steely erection that lay thick and hard against her belly... as well as the twin fullness that lay below.”

    viniraaj

    With audio vini bhabhi ND vini frend enjoy sex frant of husband

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    Bold Indian Wife

    मेरा नाम प्रीति है और मेरी उम्र 20 साल की है। मैं पंजाब से हूँ। मेरा एक भाई है और दो कजिन है काजल और रोहित। काजल 22 साल की है और रोहित 19 साल का। मेरी कहानी मेरी चूत की चुदाई यात्रा है।

    जब मैं 18 साल थी तो मेरी बहन काजल को हमारे किरायेदार ने चोद दिया. इस बात पे बहुत बवाल हुआ जब ताई ने काजल और उस आदमी को नंगे चुदाई में लगे पकड़ लिया। तब उस आदमी को घर से निकाल दिया और काजल का एक बार कॉलेज जाना बंद हो गया।

    मैंने जब अपनी बहन काजल से चुदाई के बारे में पूछा तो उसने बताया कि इस में बहुत मज़ा आता है। वो काजल को पिछले 6 महीने से चोद रहा है। काजल ने जब विस्तार से लंड और चूत और उसके बीच हुए सेक्स के बारे में बताया तो मेरी चूत गीली हो गयी। उस दिन के बाद मैं काजल से हर रात उसकी चुदाई की कहानियां सुनती और बाथरूम में उंगली से अपनी चूत की आग को ठण्डा करती। दिन पर दिन मेरा सेक्स करने को दिल मचल रहा था पर दिक्कत यह थी कि ना मेरा कोई बॉयफ्रेंड था और काजल का काम बंद हो गया था।

    काजल और मैं दोनों लेस्बियन सेक्स करने लगी पर लंड के बिना चूत शांत नहीं हो पा रही थी। हम दोनों अब एक दूजी की राज़दार थी, हमें लंड की ज़रूरत थी।

    इस बीच काजल ने एक धांसू बात कही कि क्यों न रोहित भाई से आग बुझा ली जाए। एक बार मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई कि कैसे काजल अपने आप को अपने सगे भाई से चुदवा सकती है औऱ मुझे अपने कज़िन से पर कोई चारा नहीं था।

    काजल ने कहा- पहले तू भाई रोहित को पटा ले… क्योंकि सगी बहन को वो ना सही, कजन बहन को वो आसानी से चोदेगा।

    काजल ने मेरे और रोहित के लिए एक दिन सेट किया जब काजल के मम्मी पापा कहीं बाहर गए थे रोहित और काजल अकेले थे। काजल मुझे बताया उसने रोहित को कई बार मुठ मारते देखा है क्यों ना इस बात पे उसे ब्लैकमेल किया जाए? आज घर पे कोई नहीं है और वो मुठ ज़रूर मारेगा।

    मेरा दिल ज़ोर ज़ोर धड़क रहा था जब मैं काजल के घर गयी। उसने बताया कि उसने रोहित के रूम की खिड़की की कुंडी खोल दी है और उसमें से हम नज़ारा देख सकते हैं। हम दोनों टीवी देखने लगी और इंतज़ार करने लगी।

    हमारी नज़र अपने भाई पर थी, उसने लैपटॉप लिया और अपना कमरा बंद कर लिया। काजल मुझसे बोली- जा मेरी जान, अपने लिए भी लंड का इंतज़ाम कर और मेरे लिए भी।

    थोड़ी देर बाद मैंने और काजल ने खिड़की से चुपके से पर्दा हटा कर देखा तो हमारी योजना कामयाब थी, रोहित ने अपनी लोअर नीचे की हुई थी और अपना लंड बाहर निकाल के रखा हुआ था, मेरी और काजल की आँखें मिली 6 इंच का सुन्दर लंड देख के।

    काजल ने मुझे एक्शन बोला और मैंने खिड़की खोली और अंदर आ गयी, मुझे अचानक देख कर रोहित भाई डर गया, उसने अपना लंड लोअर में डाल लिया पर लैपटॉप न बंद कर सका. और लैपटॉप पर मज़ेदार फ़िल्म चल रही थी, एक बड़े लंड वाला काला नीग्रो एक छोटी सी लड़की को धकापेल चोद रहा था।

    मैंने रोहित से कहा- यह क्या कर रहे थे भाई? उसने घबराते हुए कहा- कुछ नहीं, तुम यहाँ कैसे आयी? मेरा दिल बहुत जोर से धड़क रहा था, मैंने रोहित से कहा- तू यह सब क्या कर रहा था? वो बोला- तू जा यहां से!

    मैंने प्लान के मुताबिक कहा- ज़्यादा बन मत भाई… मैं ताई को और काजल को बता दूँगी कि तू क्या कर रहा था। वो थोड़ा डर गया और बोला- किसी से मत कहना, तू जो बोलेगी मैं करूँगा। मैंने डरते डरते कि, पता नहीं यह मानेगा या नहीं, बोल दिया- मुझे चुदने का मन हो रहा है तेरा लंड और ब्लू फिल्म देख के! एक बार तो वो बोला- नहीं, तू मेरी बहन है.

    फ़िर पता नहीं थोड़ी देर सोचने के बाद बोला- मुझे भी तेरी फ़ुद्दी लेनी है पर काजल घर पे है। मैंने कहा- तू उसकी परवाह न कर, वो टीवी देखते देखते सो गई गयी है।

    मेरे चचेरे भाई ने मुझे अपने गले से लगा लिया और कहा- यह बात हम दोनों के बीच रहनी चाहिए। sexgurumd@ जब रोहित ने मुझे गले से लगा कर मेरे शरीर पर हाथ फेरना शुरू किया तो मेरे शरीर में चीटियां सी रेंगने लगी क्योंकि यह किसी लड़के की पहली छुअन थी मेरे कच्चे नाजुक कुंवारे बदन पर। उसने मुझे पटक कर बेड पे लिटा दिया और मेरे कमीज के ऊपर से मेरे मुम्मे दबाने लगा। मैं सिसकारियां भरने लगी।

    पहले उसने मेरा कमीज़ उतार के साइड पे रख दिया और ब्रा को ऊपर उठा के मेरा एक चूचा अपने मुँह में डाल के चूसने लगा, भाई मेरे दूसरे चूचे को बारी बारी से दबा रहा था, यह अभी शुरुआत थी और मैं ज़न्नत में थी।

    कुछ देर बाद उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया मेरी पेंटी की इलास्टिक में हाथ डालकर पेंटी और सलवार दोनों एक झटके में उतार दी। मैंने जोश मे आकर एकमात्र ब्रा जो मेरे शरीर पर बाक़ी रह गयी थी, वो भी उतार दी. रोहित ने अपना लोअर और टीशर्ट उतार कर साइड में रख दिया। अब हम दोनों भाई बहन नंगे थे।

    भाई ने अपनी चचेरी बहन को बांहों में भर लिया! आह क्या नज़ारा था… दो नंगे जवान जिस्म, भाई बहन के।

    मेरे बूब्स उसकी छाती से दब रहे थे वो मेरी पीठ पर, गांड पर, फ़ुद्दी पर हाथ फिरा रहा था। मैं पहले से ही तैयारी करके आई थी, मैंने अपनी चूत की झांटें क्रीम लगाकर साफ़ कर रखी थी और मेरी चूत चमक रही थी.

    कुछ देर बाद उसने मुझे लिटा कर मेरी टाँगें खोल दी और मेरी फ़ुद्दी पर अपने होंठ रख दिये। मेरे मुँह से जोर की सिसकारी निकली और मेरे पूरे बदन में एक करन्ट सा दौड़ गया।

    फ़िर क्या कहूँ… उसने पाँच मिनट तक मेरी जम के फ़ुद्दी चूसीऔर मेरा पानी निकाल दिया।

    थोड़ी देर बाद जब मैं होश में आई तो उसने कहा- अब मेरी बारी मजा लेने की! और अपना 6 इंच का लौड़ा मेरे मुंह के रास्ते मेरे हलक में उतार दिया।

    मैंने भी लॉलीपॉप की तरह चूस चूस कर भाई का लौड़ा लाल कर दिया। उसके बाद उसने लौड़े ने पानी छोड़ दिया जिसकी पहली पिचकारी मेरे हलक के अंदर छूटी, उसने मेरा सिर दबा लिया और जब तक उसके लौड़े ने वीर्य की अंतिम बूंद नहीं निकाली, छोड़ा नहीं। मैंने भी सारा माल गटक के पी लिया। मेरा भाई रोहित बोला- बहना… तू बहुत बड़ी रंडी बनेगी, तेरी चूत मे में गर्मी बहुत है।

    थोड़ी देर में मैंने उसका लौड़ा फ़िर से खड़ा कर दिया। अब पहली बार मेरी चूत में लौड़ा जाना था और हैरत की बात यह थी कि वो लौड़ा मेरे चचेरे भाई का था। मैंने उसका लौड़ा चूस के खड़ा कर दिया।

    अब रोहित ने मुझे बेड पे लिटा के मेरी कमर के नीचे तकिया लगा दिया जिससे मेरी चूत खुल के उसके लौड़े के सामने थी। वो मेरी टांगों के बीच आ गया और मेरी मेरी चूत पर लौड़े का टोपा घिसने लगा, मेरी चूत की खुजली बढ़ गयी। मैंने सिसकारियां लेते हुए कहा- भाई अब डाल दे मेरी फ़ुद्दी में अपना लौड़ा और बना ले अपनी बहन को अपनी रंडी!

    उसने ज़ोर का झटका दिया और अपना आधा लौड़ा मेरी चूत में उतार दिया, ऐसा लगा किसी ने जलती रॉड मेरी चूत में डाल दी हो। मेरी आँखों में आंसू आ गए पर वो धीरे धीरे लंड को अंदर सरकाता गया। अब भाई का लंड मेरे गर्भाशय से टकरा रहा था, जो बड़े लंड खाने वाली है वो जानती होंगी क्या मज़ा है जब लंड का सिरा अंत में जाकर टकराता है।

    मेरी आँखों के सामने रंगीन सितारे झिलमिलाने लगे, मैंने रोहित को कस के भींच लिया और अपनी टाँगें उसकी कमर पे लपेट दी। अब धीरे धीरे मेरा दर्द कम हो रहा था और मज़ा आ रहा था। पूरे 15 मिनट तक मेरी चूत मेरे भाई का लौड़ा लेती रही। मेरी गीली चूत में उसका लौड़ा फिसलता अंदर और बाहर हो रहा था, मेरे चूतड़ और गांड के छेद पर उसके टट्टे चोट मार रहे थे, इससे कमरे में टप टप की आवाज़ आ रही थी.

    मैं सिसकारियां भर रही थी, रोहित पेले ही जा रहा था।

    अचानक मेरा शरीर अकड़ने लगा और ऐसा लगा कि मेरा सारा खून मेरी फ़ुद्दी की ओर आ गया और मेरी फ़ुद्दी ने पानी छोड़ दिया। मैंने रोहित को भींच लिया पर वो धकधक पेले जा रहा था, थोड़ी देर में वो बोला- आह… जान… आह… और उसने अपना गरमागर्म वीर्य मेरे पेट और बूब्स पर छोड़ दिया।

    क्या बला का सीन था… मेरा पेट और नाभि उसके वीर्य से सराबोर हो गए। थोड़ा वीर्य मेरे गले और बूब्स पे भी आ के गिरा। भाई ने अपनी उंगली से वो माल इकट्ठा करके मेरे मुँह में डाल दिया मैंने भी पोर्न स्टार की तरह सारा रस चूस लिया, बाकी बचा अपने बूब्स और पेट पर रगड़ लिया।

    रोहित मेरे बगल में लेट गया मेरे होंठ चूम के बोला- दीदी, तेरी फ़ुद्दी में तो जन्नत है। मैंने मुस्करा कर कहा- भाई तेरा लौड़ा भी कम नहीं है।

    इसके बाद मैं कमरे के बाहर आई और रोहित से बोली- मैं देख कर आती हूँ कि काजल कहीं उठ तो नहीं गयी? मैंने कपड़े पहने और बाहर आ गयी, जब मैं काजल के कमरे में गयी तो वो बोली- वाह मेरी रानी, फ़ुद्दी में लौड़ा ले ही लिया, कैसा लगा भाई का लौड़ा? मैंने कहा- बस जन्नत है।

    वो बोली- ऐसे ही मैं राजू किरायेदार का लौड़ा खाती थी, अब यह सोच तू तो फ़ुद्दी की आग बुझा के आ गयी; अब मेरा भी कुछ कर। मैंने कहा- करते है कुछ! तभी मेरे दिमाग एक आईडिया आया, मैंने कहा- कोई बात नहीं, हमारे पास अभी 3 दिन हैं, इन 3 दिन में तो मैं तुझे भाई के लंड से चुदवा ही दूँगी। वैसे तू है बड़ी रंडी… अपने भाई का लौड़ा लेना चाहती है। वो बोली- लौड़े का काम चूत को फाड़ना है, चाहे वो किसी की भी हो, और चूत का काम लौड़ा खाना है चाहे वो भाई का हो। मैंने कहा- चल तू सो अभी, मैं करती हूँ तेरा काम।

    मैं कमरे में गयी तो रोहित ने मुझे फिर पकड़ लिया, मेरा भी मूड बन गया पर काजल बड़ी बेसब्री से चुदने को तैयार थी। मैंने भाई से कहा- काजल जाग रही है. वो थोड़ा निराश हो गया.

    दिल मेरा भी लौड़ा लेने को कर रहा था क्योंकि भाई के हाथ मेरे मुम्मे और फ़ुद्दी पे रेंग रहे थे। उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल के सलवार घुटनों तक कर दी और मुझे बेड के किनारे घोड़ी बना लिया, मैंने भी झुक के अपनी फ़ुद्दी खोल ली पीछे की ओर।

    उसने लंड पे थूक लगा कर मेरी फ़ुद्दी पे रखा और एक झटके में अंदर उतार दिया। आह क्या आनन्द था इस तरह कपड़े पहने हुए सिर्फ फ़ुद्दी और लंड का मिलन करवाने में।

    अब शुरू हुए लगातार धक्के… जो 10 मिनट तक चले, बीच में उसने मुझे चित लिटा कर लगातार चोदा जिससे मेरा पानी निकल गया। उसका भी पानी मेरी फ़ुद्दी में पिचकारियों के रूप में जज़्ब हो गया। मैं भाई के लंड का गरम गरम पानी अपनी फ़ुद्दी में पाकर निहाल हो गई और चढ़ी हुई साँस को नॉर्मल करने लगी।

    मैंने सलवार को ऊपर किया और नाड़ा बांध लिया, उसने भी अपनी लोअर टीशर्ट पहन ली। उसने कहा- दीदी, किसी से बोलना नहीं कि हमने यह सब किया है। मैंने हां में सर हिला दिया।

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    When you send your wife to boss workship , your boss fucking her whole night

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    Overtime work for promotion

    आज मैं आपको एक नयी कहानी बताने जा रहा हूँ.

    मेरा एक दोस्त था, जिसका नाम रवि था. ये उसका बदला हुआ नाम है. तो रवि और मैं और दो अन्य दोस्त काफी मिलजुल कर रहा करते थे. हम सबको जब भी टाइम मिलता था तो हम सब मिलकर एक साथ पार्टी करते थे. अब आप तो समझ ही गए होंगे कि किस चीज की पार्टी.. और जो नहीं समझा है उन्हें मैं बता दूँ कि जवान लौंडों की सौ में नब्बे टाइम दारू की पार्टी ही होती है.

    हम सब दोस्त मिल कर रात को बारह एक बजे तक पार्टी करते थे. हमारी ये पार्टी ज्यादातर रवि के यहां ही होती थी.

    मैं अब आपको अपने दोस्त रवि के बारे में बता देता हूं. उसकी उम्र 27 साल है और उसकी शादी उसके ज्यादा उम्र वाली लड़की से हो चुकी है. उसकी वो शादी किसके साथ हुई, वो लिख रहा हूँ.

    रवि के एक बड़े भाई भी थे, जो उससे कम से कम 8 साल बड़े थे. उनकी शादी भी हो चुकी थी, लेकिन अभी तक उनको कोई औलाद का सुख नहीं मिला था. इसी कारण वो ज्यादा परेशान रहने लगे थे. ये चिंता इतनी अधिक बढ़ गई कि एक दिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से रवि के भाई को मौत हो गई. इसी कारण रवि के घर वालों ने रवि की शादी उसकी भाभी से कराने की सोची, लेकिन भाभी की उम्र 35 साल की थी, इसलिए रवि ये शादी करने से मना कर रहा था. लेकिन घर वालों के सामने कहां चलती है. सो जबरदस्ती उसकी शादी उसकी भाभी से करा दी गई. इस तरह रवि की शादी हो गई थी.

    मैं और रवि आपस में बहुत अच्छे दोस्त हैं इसलिए उसने मुझे ये सब बात बताई. मैंने कहा- तू घर से भाग जा! लेकिन उसके भाई की मौत के बाद उसके घर का सारा बोझ और खर्च उसके ऊपर आ गया था इसलिए वो घर वालों को अकेला नहीं छोड़ सकता था. उसने मजबूरी में अपनी भाभी से शादी कर ली. ये शादी इतनी जल्दी हुई कि उन्होंने मंदिर से ही शादी करवा दी. किसी भी मेहमान को भी नहीं बुलाया और न ही किसी दोस्त को.

    लेकिन एक दिन उसने सब दोस्त को शादी की पार्टी दी. हम लोग 5 दोस्त थे और उसके छत पर ही पार्टी करने लगे. फिर सब के कहने पर उसने हमारी भाभी मतलब उसकी पत्नी को हम सब से मिलवाया.

    दोस्तो, उसकी भाभी/पत्नी इतनी खूबसूरत थी कि लग ही नहीं रही थी कि उसकी उम्र 30 की है. फिर हम सब पार्टी करके वहां से चले गए.

    मेरा उसके घर पर आना जाना था, तो रवि की वाइफ मतलब मेरी भाभी से भी मेरी अच्छी दोस्ती हो गई. हम दोनों भाभी देवर में हंसी मजाक भी चालू हो गया. मजाक मजाक में मैं कभी उसके शरीर पर हाथ रख देता तो कभी वो मेरे शरीर पर हाथ रख देती थी.

    इस सब में मजा तो बड़ा आता लेकिन मैंने कभी भी भाभी के बारे में गलत नहीं सोचा था.

    ऐसा ही चलता रहा, एक दिन रवि की रात को तबियत खराब हो गई तो भाभी ने तुरंत मुझे फ़ोन लगाया. मैं अपनी कार लेकर रवि और भाभी के साथ रवि को डॉक्टर के पास ले गए.

    दोस्तो, मैं आपको रवि की वाइफ का नाम तो बताना ही भूल गया, उसका नाम स्वाति था.

    रात में रवि का डॉक्टर इलाज कर रहे थे इसलिए मैं और स्वाति हम दोनों बाहर ही कुर्सी पर बैठ गए. देर तक बैठे रहने से स्वाति को जरा नींद सी आ गई और वो मेरे कंधे पर सर रखकर सो गई. मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि स्वाति मेरे इतना क्यों पास आ रही है. दो दिन में रवि स्वस्थ हो गया और बस ऐसा ही चलता रहा.

    फिर एक दिन रवि और मैं उसके घर पर पार्टी कर रहे थे. उस दिन हम दोनों ने इतना पी ली थी कि मैं अपने घर तक नहीं जा पा रहा था. तो रवि बोला- आज तू मेरे ही घर पर सो जा. मैं रवि के घर पर ही सो गया. मैं अलग कमरे में सो गया और रवि अपने कमरे में सो गया.

    उस दिन रात को 3 बजे के लगभग मुझे लगा कि मेरे साथ चिपका हुआ है और मेरे कपड़े उतार रहा था. मेरी एकदम से नींद खुली तो देखा कि ये स्वाति थी. उसे देख कर मैं चौंक गया और उठ कर उसको मना किया कि ये सब गलत है. लेकिन मैंने दारू पी हुई थी और इसीलिए मुझमें इतनी ताकत नहीं थी कि मैं उसे रोक पाऊँ. वो मुझ पर अपना शिकंजा कसती ही जा रही थी. कुछ देर बाद मैं पस्त हो गया और स्वाति अपनी मनमानी करने लगी.

    उस रात तब तक भाभी मेरे लंड को ही चूस पायी थी कि अचानक उसके पति रवि के आवाज लगाने के कारण वह वहां से चली गई और मैं सो गया. फिर मैं सुबह उठा और अपने घर आ गया. लेकिन मुझे रात की बात सोच कर अच्छा नहीं लग रहा था.

    एक दिन मुझे रवि के घर किसी काम से जाना पड़ा तो स्वाति ने कहा कि वो तो घर पर नहीं है. मैं जाने लगा लेकिन उसने कहा- आपसे मुझे कुछ बात करनी है तो आप अन्दर आओ.

    मैं अन्दर गया लेकिन अब मेरा भी मन स्वाति को चोदने का करने लगा था.. इसलिए मैं भी जल्दी से अन्दर घुस गया. मैंने पूछा- रवि की मम्मी भी नहीं हैं क्या? उसने कहा- मम्मी जी बाहर गई हैं. मतलब घर पर कोई नहीं था.

    फिर स्वाति ने मुझे पानी पिलाया और कहा- उस रात के लिए सॉरी. तो मैंने कहा- अपने उस दिन गलत किया था. उसने कहा- पता नहीं मेरे मन को क्या हो गया था. मैंने कहा- ये सब रवि के साथ किया करिये. उसने कुछ नहीं कहा.

    लेकिन मेरा मन तो स्वाति को चोदने लिए कर रहा था तो मैं उसके पास चला गया और उससे बोला कि तुमको कोई प्रॉब्लम है.. मुझे बताओ.. मैं शायद तुम्हारी मदद कर सकूँ. तब भी वह चुप रही और एकदम से उसने मुझे किस करने चालू कर दिए. मैंने मना भी किया. उसने कहा- आपको तो मेरी मदद करनी है ना. मैं बोला कि ये कैसी मदद हुई? उसने कहा- आपको मेरी कसम.. मुझे मत रोको.. अभी सिर्फ जैसा मैं कहती हूं वैसा करो. मैंने कहा कि नहीं.. ये रवि का साथ धोखा होगा.

    फिर भी वह नहीं मानी और मुझे किस करने लगी. बस दोस्तो अब तो सारी हदें पार हो चुकी थीं, सो मैंने भी उसका साथा देना शुरू कर दिया.

    मैं उसके होंठों पर किस करने लगा. इस वक्त जोश इतना ज्यादा चढ़ गया था कि क्या बताऊं. मैं उसके दूध इतने जम के दबाने लगा कि वो आवाज करने लगी- आह.. दर्द हो रहा है.. आराम से करो.. मैंने कहा- तुझे चुदने का बहुत शौक है ना तो अब सहन कर साली..

    हम दोनों ने एक-दूसरे को बांहों में भरकर देर तक चूमाचाटी की, माहौल गरमाने लगा. मैंने भाभी के कपड़े खींचते हुए उतारने शुरू किए, जिस कारण उसकी ब्रा फट गई लेकिन मैं रुका नहीं.. मैं पूरे जोश में था.

    फिर स्वाति भाभी बोली- जल्दी से मेरी चुत में अपना लंड डाल कर चोद दो.. नहीं तो रवि आ जाएगा. मैंने भी देर न करते हुए स्वाति को लेटा दिया और अपना लंड उसकी चुत पर रगड़ कर डालने लगा. लंड उसकी चूत में जा ही नहीं रहा था.

    मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने कहा कि मेरी बहुत टाइम से चुदाई नहीं हुई है. उसकी इस बात से मैं चौंका कि क्या रवि भी इसको नहीं चोदता है. फिर मैंने सोचा कि फिलहाल तो भाभी की नंगी चुत की खाज मिटाने में ही भलाई है.. इसलिए मैंने सोचना बंद किया और उसकी चूत में लंड पेलने की सोचने लगा.

    जब लंड नहीं घुसा तो मैंने अपने लंड पर क्रीम लगाई और फिर अपना लंड उसकी चुत में पेल दिया. जैसे ही मेरा लंड अन्दर गया, स्वाति ने इतनी जोर से आवाज की कि मुझे अपना हाथ उसके मुँह पर रखना पड़ा.

    थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुई तो मैंने जोर जोर से उसकी चुत में लंड पेलना चालू किया. स्वाति को बहुत मजा आ रहा था और वो भी अपनी गांड उठा कर मेरा पूरा साथ दे रही थी.

    कुछ देर के बाद मैंने अपने दोस्त की बीवी को अपने ऊपर ले लिया और लंड पर बिठा कर उछलने को कहा. अब मेरा पूरा लंड स्वाति की चुत में जा रहा था और स्वाति भाभी मस्ती से अपनी चूचियों को उछालते हुए अपनी चुदास शांत करवा रही थी.

    इसी बीच वह दो बार झड़ गई और अब ऊपर चढ़ने का मेरा नम्बर था. कुछ देर धकापेल चुदाई हुई. मैं भी झड़ने को हुआ तो मैंने पूछा कि मेरा आने वाला है.. किधर लोगी? उसने कहा- मेरे अन्दर ही गिरा दो. मैं दोस्त की बीवी की चुत में ही झड़ गया और हम दोनों कुछ देर बाद अलग हो कर तैयार हो गए. Like kre

    भाभी की चुदाई के मजे लूटने के बाद मैं अपने घर आ गया.

    उसके बाद से मैंने अपने दोस्त की बीवी को कई बार चोदा है. लेकिन मुझे अब तक ये नहीं मालूम चल सका कि रवि के अलावा वो मुझसे क्यों चुदती है. अब तो मैंने भी उसकी चूत चोदने के अलावा कुछ भी सोचना और पूछना बंद कर दिया. जो भी हो, मुझे भाभी को चोदने में खूब मजा आता है.

    favorite-desi

    What a extraordinary desi fucking scene💘💘 dam hot 💋💋💋💋💋

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    My cousin sister fucked record by me….

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    Desi rocks

    I was burying myself in my own guilt. Looking at how much pain I created in my relationships while being in my avoidant patterns. Although of course I knew that the pain had been there long before me.

    Still, it was a moment of my grand guilt.

    Avoidant is nothing but an extremely sensitive person being overwhelmed and not being good at creating boundaries, timely.

    It is really just that.

    But I like to go all the way, you know.

    So I found all the symptoms of all the personality disorders...

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    Asian (indian Beauty) Rocks

    In relationships I have been at times avoidant AF. I would withdraw in face of discomfort, incapable of communicating.

    I have also been anxious AF. I would demand attention and suffer because I’d never get it through my subtle or direct demands.

    I also have been in a deeply secure space and that created some profound healing for people who were relating with me.

    A few weeks ago I was having a moment...

    of going to hell, basically.

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    Mature aunty showing her skills

    Mature aunty is always ready for fun. In this video she is showing how much she is enjoying in the party. Her dancing skills, i must say..she is just wow. She is not even bothering about anyone. She is just enjoying. Everyone should be like her, don’t give a damn to this fucking word. Enjoy every single bit of thing which you just got. I wish i could get a chance to meet this lovely, lively lady.

    harddick21blog

    NRI Couple

    My girlfriend and I were in our bedroom and I had finally convinced her to watch MXC (Most Extreme Elimination Challenge) with me. I have the series on DVD and since we just moved in together, we had no internet and were stuck to the DVD player. Despite her resistance, she agreed on watching the show after we made some food. We're broke from the move, but I do have a giant box of chicken flavored ramen noodle packages that I received from my mom as a moving gift. We cook the ramen, bowl it up and head back to the bedroom for some pre-Wipeout era-Japanese game show-Spike TV dub-insanity. I move to sit at the edge of the bed, my intuition leading me unconsciously to what I perceived to the be safest place for me to chow some noodles. My girlfriend opts to sit back on the bed and use the wall as a chair back, bowl of noodles in lap. After I move back to match her seating position, time stands still as I try to eat a fork-full and lose control of the bowl I'm now holding in just my left hand. It flips, slipping noodles and near-boiling water directly into my lap. (By the way, I'm naked except for a pair of purple briefs.) Letting out the cry of some demon spawn from the depths of Hell, my hands shoot to grasp the hotdog boiling in between my legs as I jump from the bed trailing hot water and flinging noodles all over the house. Running to the bathroom, I tear off my wet underwear and examine the damage. The upper part of my left thigh is scorched, but my focus lie on the brutal crimson burn on the head of my penis. Just then, my girlfriend makes it to the bathroom door screaming, "What happened?!?" Still clenching my penis in a vice grip, I unintelligibly yell, "I BURNT THE END OF MY DICK OFF!" There were bits of upturnt seared flesh around the pinkish edges of the burn, and grand visions of tortures endured by fallen souls flashed through my head. Ultimately, the burns were not severe (still excruciatingly painful), I had to miss 3 straight work shifts, keeping me broke and eating ramen noodles. But at least I get the story.

    happylund69-blog

    Elite Lady Shailaja Sharing her Climax Shoot for my unseen Friends

    harddick21blog

    Mature elite aunty having fun 

    Make sure every your heartbeat is dedicated to Love. Make sure you are burning from within with passion for life. Make sure you are relating only with people who set your soul on fire, who ignite feelings in you that you have no words for. Make sure you don’t ever hold back even a drop of your love.

    This is something that will expand your capacity for love and true freedom.

    There is no greater joy in life than loving, without holding anything back.

    With every breath dedicated to Love, you receive blessings from the Universe herself.

    cinnakunji4

    Kerang lagi

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    She is Darvena?

    harddick21blog

    Best kisser

    Unfortunately, Humans have deadened or cut ourselves off from this response or have overridden the system for a variety of reasons, some cultural, some situational (being immobilised in a state of fear). Once our ego defences take charge, conflict begins between the mind and body, one which the body cannot win and as a result charge produced by hyperarousal then needs to be discharged in another fashion and this is commonly done by contracting the muscles and maintaining the charge in the form of tensions.

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    wah kya chudai hai

    harddick21blog

    Exploration of a trench

    The psychological and emotional effects of trauma have been the areas where most research has been undertaken. However, as understanding and research into neurology, physiology and psycho-biology as well as psychology grows, there is growing evidence that all these systems are interdependent and work together as a survival mechanism.

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    Jaipur Call Girls Housewife Sex Available

    harddick21blog

    True enjoyment

    This is a powerful immersion where you will first experience an active movement meditation to mobilise your body to begin to loosen tensions and stresses. You will then be guided, using connected breathing, to fill your body with oxygen and to fully release any trapped energy, emotions or trauma that is held within your body. Finally you will be supported to be present with yourself to integrate the experience.