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    Pyasi bhabhi

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    भाभी और ननद की अठखेलियाँ 

    सबसे पहले मैं आप सबको बता देती हूँ कि मेरा नाम सीमा है. मेरी उम्र 30 साल की है. फिगर बड़ा मस्त है.. एकदम सांचे में ढला हुआ, ये 32-36-38 का कटाव लिए हुए है. ख़ास बात ये कि मैं एकदम दूध सी गोरी और मक्खन सी कोमल हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 3 इंच है, मैरिड हूँ. मेरे पति का जॉब विदेश में होने के कारण वे मुझसे अलग बाहर ही रहते हैं. मैं यहां अपने बेटे के साथ रहती हूँ.. लेकिन लास्ट ईयर से बेटा पढ़ाई के कारण हॉस्टिल में रहने लगा है, सो अभी मैं अकेली ही रहती हूँ.

    अब जब दस साल से पति बाहर हैं, कभी कभार आते हैं तो तो मेरी सेक्स की इच्छा अधूरी ही है और वैसे भी मेरे पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, मुझे अभी सिर्फ़ साल में 2-3 बार ही सेक्स का सुख मिल पाता है, जिससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूँ.

    अब चूंकि जब से अकेली रहने लगी हूँ, तब से मेरे मन में सेक्स की इच्छा पूरी करने के लिए किसी और के साथ सम्बन्ध बनाने को लेकर बहुत सोचती हूँ, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है, सो हिम्मत नहीं कर पाती हूँ.

    मुझे नवरात्रों में डांडिया खेलने का बड़ा शौक है, मैं नवरात्रि में गरबा करने घाघरा चोली पहन कर हमारे काम्प्लेक्स के नज़दीक में, जहां गरबा होता है, वहां चली जाती हूँ

    एक दिन वहां मुझे एक मेरे से छोटी उम्र की महिला मिली. उसका नाम रीना था, वो मेरे पास वाले फ्लैट की है. उस लेडी से मेरी दोस्ती हुई. वो भी मेरी तरह शौकीन मिजाज की थी.

    अब हम दोनों का नवरात्रि के बाद भी एक दूसरे के घर आना जाना, बात करना शुरू हो गया था. हम दोनों एक सी विचारधारा की थी तो अपनी पर्सनल बातें भी करने लगी थी. वो मुझे कई बार बोलती थी कि आप इतने साल से बिना सेक्स किए कैसे रहती हो.. मुझे तो मेरा पति रोज एक बार तो चोदता ही है, फिर भी मैं संतुष्ट नहीं हो पाती हूँ, सो मैं दूसरे के पास भी चली जाती हूँ.

    इस तरह से उसने मुझे उसके लव अफेयर के बारे में भी बताया उअर मुझसे पूछा- आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है? तो मैंने ना बोला.

    एक दिन उसने मुझसे बोला- आज सिनेमा देखने का मूड है, चलो सीमा, चलते हैं. मैं भी बोर हो रही थी, मैंने हां बोल दिया. हम सिनेमा के लिए हमारी सोसायटी से थोड़े दूर ही निकले थे कि एक फ़ौरचूनर कार आई. उसने मुझसे बोला- चलो सीमा, गाड़ी में बैठो. मैं तो कुछ समझ ही नहीं पायी. कार में आगे की सीट पर ड्राइवर और एक गन वाला आदमी था.

    बीच की सीट में एक उम्रदराज आदमी बैठे थे, समझो करीब 60 साल के ऊपर के रहे होंगे. वो आदमी एकदम हट्टा कट्टा, थोड़ा काला, मुँह में पान चबाए हुए था. वो कुर्ता और लुंगी पहने हुए एक मुस्लिम था. उसकी दाढ़ी भी एकदम सफ़ेद थी. रीना उसके पास बैठी और मैं रीना के पास बैठ गई. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो रीना के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.. ये सब मैं देखती थी.

    फिर आधी फिल्म खत्म हुई, तो हम निकल आए. वो अपनी कार को सिटी से दूर एक फार्महाउस पर ले गए, वहां मुझे एक हॉल में बिठा कर वो दोनों करीब दो घंटे तक एक रूम में जाकर एंजाय करते रहे.. फिर उसने हम दोनों को घर छोड़ा.

    मैंने रीना से पूछा तो उसने बताया कि मैंने तुम्हें बोला था ना, मेरा लवर है. मैंने बोला- इतनी उम्र का? तो वो बोली- उम्र से क्या होता, वो कितना पैसा मेरे लिए खर्च करता है और जितना सेक्स का मजा देता है, ऐसा तो कोई 25 साल का लड़का भी नहीं देगा. मैं उसकी बात सुनकर हतप्रभ थी.

    ऐसे ही मैं उसके साथ 3-4 बार गई और वो दोनों एंजाय करते थे.

    एक दिन रीना मेरे घर आई थी. उसने मुझे बोला- सीमा तुम्हारे लिए एक ऑफर है.. बताऊं? मैंने बोला- हां, बोला ना?

    उसने बोला कि मुझे उन्होंने मतलब उसके लवर ने बोला है कि उनका एक दोस्त हैदराबाद से अगले वीक दो नाइट के लिए आने वाला है, यदि तुम उनको खुश करो तो..! मैंने तो एकदम मना कर दिया- तुम क्या बोलती हो रीना! फिर उसने बोला- जल्दी मत करो सीमा.. आराम से सोचना.. फिर बोलना, एकदम से मत बोलो. देखो तुम वैसे भी बिना सेक्स तड़पती हो, ये मैं जानती हूँ. तुम कैसे अपनी रातें काटती होगी, यहां तुम्हें सेक्स का सुख भी मिलेगा और सेफ्टी भी, ऊपर से वो तुम्हें 2 नाइट के लिए 1 लाख रूपया भी देंगे.

    मैं उसकी बात सुनकर चुप रही. फिर उसने अपने फोन से उसके लवर को कॉल किया और बोला- मैंने सीमा से आने को बोला है. लेकिन वो मना करती है.

    फोन स्पीकर पर था, तो सामने से उन्होंने बोला- देखो कोई बात नहीं.. ये तो मैंने सोचा कि तुम्हारी सहेली है, इसलिए.. वरना मेरे पास 10 औरतों का बायोडाटा फोटो के साथ है. वो तो मेरे दोस्त को एकदम घरेलू जैसी ही चाहिए थी, सो मैंने बोला, बाकी जैसी उसकी मर्ज़ी, लेकिन जो भी है, मुझे कल बताना. फिर जिसको सिलेक्ट करूँगा, उसके लिए कपड़े वगैरह भी सब बनाना है.

    इतनी बात के बाद उसने कॉल कट कर दिया. रीना भी मुझे सोचने का समय देकर चली गई.

    उस दिन पूरी रात मुझे नींद नहीं आई. मैं सोचती रही. मेरे मन में सेक्स की तो इच्छा थी ही, रात में सेक्स के बारे में सोचते सोचते मेरी चूत से दो बार पानी निकल गया, पूरी पेंटी गीली हो गई.

    सुबह में रीना का मैसेज आया- क्या सोचा? मैंने बोला- तू पहले घर आ … फिर देखती हूँ. फिर वो आई, मैंने बोला- रीना मैंने आज तक कभी ऐसा नहीं किया, सो डर लगता है, सोसाइटी में किसी को पता चलेगा तो? रीना ने बोला- इस सबकी तुम बिल्कुल चिंता मत करो.. मैं हूँ ना.. और वैसे भी तुम्हें मालूम है, मेरे लव का, वो अपने एरिया के कॉरपोरेटर हैं और यहां के डॉन हैं. कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा.

    मैं चुप हो गई.. तो उसने सीधा फोन लगाया और उनको बोला कि सीमा तैयार हो गई है, अब और किसी को मत बोलना. मैं तो देखती ही रह गई थी और उसने सीधा हां बोल दिया था. खैर.. मैंने भी मन बनाने को सोचा कि जो होगा देखा जाएगा. फोन अभी चालू था और स्पीकर पर था.

    उधर से उन्होंने बोला- ठीक है तो 3 बजे तुम दोनों बाहर आजो, मैं तुम्हें शॉपिंग के लिए ले जाऊंगा.. अभी 5 दिन बाकी हैं.

    हम 3 बजे बाहर गए, उनकी कार आ कर हम दोनों को एक बहुत महंगे टेलर के पास ले गई. जहां कपड़ा भी उनके पास ही था, सिर्फ़ हमें कलर और फेब्रिक पसंद करना था.

    मैंने और रीना ने कपड़े पसंद किये. मेरे लिए एक चोली घाघरा का कपड़ा पसंद किया. सिर्फ वो कपड़ा ही 25 हजार का था, उसकी सिलाई 15 हजार थी. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया. उन्होंने उस दिन मेरे लिए 75 हजार से भी ज़्यादा खर्चा किया.. ये सब तो सिर्फ़ मुझे सजाने के लिए खर्च किया गया था.

    रीना मुझे शनिवार की सुबह में ही लेके निकल गई थी. वो बोली थी कि ब्यूटीपार्लर जाना है. जब मैं वहां आ गई तो मेरी बगलों के बाल, मेरी चूत के बाल, लेग वगैरह सब जगह वॅक्स करके एकदम मुझे चिकनी बंदी बना दिया गया.

    इसके बाद मुझे वो करीब 4 बजे फार्म हाउस लेकर गई. मैंने देखा पूरे फार्महाउस पे सजावट हो रही थी. इतने आदमी काम कर रहे थे कि मुझे लगा कि कोई जलसा है. मैंने बोला- इतना क्या है रीना यहां? उसने बोला- वो जो उनके दोस्त आने वाले है, उनके लिए पार्टी अरेंज की है, ये सब उसी की तैयारी हो रही है. रात में पार्टी होगी, करीबन 150 लोग होंगे. पार्टी में सब मर्द उनके, जो बिजनेस रिलेटेड हैं, वे सब शिरकत करेंगे.

    ये देख कर मैं शर्मा रही थी.

    उसने बोला- अब चिंता मत करो.. चलो ऊपर चलते हैं. आज का तुम्हारा रूम दिखाती हूँ, जिधर तुमको संतुष्टि मिलेगी.

    जब उसने ऊपर जाकर रूम खोला, तो मैं हैरान थी. बाप रे.. मैं देख कर दंग रह गई. पूरा बड़ा हॉल जैसा रूम था, जिसमें 10×10 का एक बेड लगा हुआ था, उस बेड को ताजे फूलों से खूबसूरत तरीके से सजाया जा रहा था. अभी काम चालू था. एक तरफ सोफा था, एक डाइनिंग टेबल भी थी. मैं तो पागल जैसे रह गई थी.

    रीना बोली- सीमा, आज तुम्हारी सच में सुहागरात होगी. यह कह कर वो हंसने लगी. मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दी.

    मुझे फिर उसने तैयार किया, चोली घाघरा पहनाया. मेरे लिए सोने का नैकलेस, रिंग, कंगन आदि सब लाया गया था. वो सब पहन कर दुल्हन की तरह सज गई. फिर रीना बोली- देखो अब वो 8 बजे आएँगे, तुम्हें उनका वेलकम करने जाना है ओके.. सिर्फ़ तुम अकेली होगी, तब मैं नहीं आऊंगी. तुमको उन्हें गुलदस्ता देकर गेट से पार्टी में लेकर आना होगा. फिर बारी बारी सब लोग उनको वेलकम करने आएँगे, फिर पार्टी शुरू होगी, तो वो तुम्हें लेकर ऊपर आएँगे.

    अब रीना धीरे से बोली- सीमा देखो. वो बहुत पैसे वाले हैं.. हां उम्रदराज हैं.. लेकिन अगर तुम उनको खुश करोगी, तो वो तुम्हें मालामाल कर देंगे. मैं चुप रही.

    फिर उसने बोला कि तुम्हारे बेड पे एक वाइट सिल्क का पेटीकोट रखा है, जब आप दोनों चुदाई शुरू करो, तुम अपने नीचे उसे रख लेना क्योंकि आज तुम्हारी रियल सुहागरात होगी, ब्लीडिंग हुई तो वो बेडशीट खराब ना हो और तुम्हें अपने सुहागरात की निशानी भी तो रखनी है ना.

    इतना कह कर मुस्कुरा दी.

    सब सैट हो गया था. अब मुझे भी चुदाई का इन्तजार था. ठीक 8 बजे वो आए, मुझे रीना का लवर लेकर गया- चलो सीमा, बॉस आ गए हैं. मैं गई, उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जब मैंने उनको देखा.. बाप रे कम से कम 6.5 फिट की हाईट, बहुत मोटा सा आदमी एकदम काला भुजंग, करीब 65 साल की उम्र दिखती थी.. दाढ़ी एकदम सफ़ेद थी. वो कुर्ता पजामा में था.

    जब मैंने गुलदस्ता दिया, उन्होंने जानबूझ कर मेरे हाथ को भी छू लिया था. वे मेरे बदन को पूरा निहार रहे थे. उनका वजन कम से कम 125 किलो का होगा. मैं एकदम घबरा गई थी लेकिन अब मेरे पास कोई रास्ता भी तो नहीं था. वो स्टेज पे मुझे अपने साथ लिए खड़े रहे, जैसे उनकी मैं बीवी होऊं. वो मुझे लेकर खड़े रहे.. बारी बारी सब लोग आकर उनको विश करते थे.

    ठीक 9 बजने को आया, सब लोगों का मिलना पूरा हुआ तो रीना के लवर ने बोला कि बॉस अब आप भी ऊपर जाके खाना खाइए, आपकी पसंद का गुजराती भोजन तैयार है. यह कह कर वो थोड़ा मुस्कुराया.

    हम तीनों ऊपर चले गए. नीचे पार्टी चालू थी. हम रूम में आए, रीना के लवर ने बोला- बॉस प्लीज़ अन्दर जाइए, आज की नाइट के लिए बेस्ट ऑफ लक.. सीमा तुम्हें भी बेस्ट ऑफ लक.

    जैसे ही उनके साथ मैं रूम में गई, वो भी अन्दर आ गए और उन्होंने दरवाजा लॉक कर दिया. मैंने देखा कि डायनिंग टेबल पर हर तरह के स्वीट, जूस, फ्रूट आदि सजे थे. एक से एक डिश सजी थीं.. पानी की बॉटल रखी थीं.

    उन्होंने मुझसे बोला- सीमा, मुझे मालूम है तुम्हें रात में सिर्फ़ जूस एंड फ्रूट लेने की आदत है.. सो मैंने खाने के लिए सिर्फ़ वो ही तैयार करवाया है, लेकिन आज हमारी पहली मुलाकात है, सो स्वीट तो चलना ही चाहिए. इसलिए थोड़ी स्वीट भी रखी है. चलो बैठो, हम खाना खाते हैं.

    हम दोनों बैठ गए, फिर उन्होंने मुझे एक गुलाब जामुन मेरे मुँह में डाला. मैंने आधा खाया और आधा उनके मुँह में डाल कर खिलाया. फिर हम दोनों ने 2-3 तरह के जूस पिए. एक-दूसरे का झूठा खाया. बिल्कुल पति पत्नी जैसी फीलिंग आ रही थी.

    अब उन्होंने बोला- बस मेरा हो गया. फिर हम दोनों साथ में जाकर हाथ धोकर आए. उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया. मैं तो सोच नहीं सकती थी कि इस उम्र में एकदम इतना पावर होगा. उन्होंने एक झटके में मुझे उठाया और बेड पे लेकर गए.

    मैंने उनको बोला- लाइट ऑफ कीजिए ना. तो वो बोले- अरे जानेमन.. जिस जिस्म को देखने हम पिछले एक वीक से तड़प रहे थे, बिना लाइट के उस हुस्न को कैसे देखेंगे. जब से तुम्हारी फोटो देखी है, हम तो तुम्हारे दीवाने हो गए थे जान. उनकी बात सुनकर मैं शर्मा गई.

    फिर उन्होंने धीरे से मुझे बांहों में लेकर किस करना शुरू किया. धीरे से मेरी पीठ पर मेरी ब्लाउज में हाथ डालकर ऊपर से सहलाना शुरू किया. जब उनका हाथ मेरे बदन पे पड़ा, लाइफ पे पहली बार मुझे लगा कि कोई मर्द का हाथ है. उनके हाथों का स्पर्श एकदम मजबूत और सख्त था. अब मैंने भी धीरे से उनको बांहों में लेकर क़िस करना शुरू किया. मुझे तो ये सब करते ही एकदम पहली बार पानी छूट गया था.

    अब उन्होंने मेरा ब्लाउज खोला और ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मों को दबाने लगे.. चूचियों को सहलाने लगे. अब उन्होंने मेरा घाघरा भी निकाल दिया. मैं सिर्फ़ ब्रा पेंटी में रह गई थी. वो मेरे बदन को सहलाते निहारते रहे और मैं उनके बदन की सख्ती को स्पर्श करती रही.

    जैसे ही उन्होंने मेरी ब्रा का हुक खोला, मेरे चूचे एकदम से बाहर उछल आए. वो अपने हाथ से मेरे मम्मों को मसलने लगे. मैंने धीरे से उनके सिर को मेरी एक चूची पे लगाकर एक निप्पल उनके मुँह में डाल दिया. मैं अपने हाथ से अपने चूचे दबाकर उनको चुसवाने लगी.

    बारी बारी से वो मेरे दोनों अंगूर चूसते रहे. वे मेरे दोनों चूचुकों को बहुत हार्ड सक कर रहे थे. मैंने बोला- आह.. धीरे जी.. काटना मत प्लीज़.

    उन्होंने मुझे उनके कपड़े निकालने को बोला. मैंने पहले उनका कुर्ता निकाला. जब मैंने उनका पज़ामा देखा, मैं एकदम बेहाल हो गई. उनके पजामे का आगे का भाग इतना उभरा हुआ था कि मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था.

    फिर मैंने पजामा निकाला तो अंडरवियर के ऊपर से देखा कि उनका लंड बहुत मोटा था. मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है.. मैं इसे नहीं ले पाऊंगी. उन्होंने मुझे बांहों में लेकर बोला- सीमा डरो मत… कुछ नहीं होगा. हां फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द होगा, वो तो वैसे भी तुम्हारी रियल सुहागरात है, तो दर्द तो होगा ही.

    यह कह कर वो मुस्कुराने लगे. फिर मैंने उनका अंडरवियर निकाला, एकदम काला कम से कम दस इंच लंबा और मेरी कलाई से भी मोटा लंड था उनका.. बिना स्किन का सुपारा था, एकदम चिकना और काला चुकन्दर जैसा दिख रहा था.

    अब धीरे से उन्होंने मुझसे बोला- सीमा तुम इसे मुँह में लो.

    मैं धीरे से नीचे जाके उनके पैरों के बीच में बैठ गई और उनका सुपारे पर किस करके धीरे धीरे मुँह में लंड लेना शुरू किया. उस सुपारे से कुछ मस्त कर देने वाली महक आ रही थी. कुछ ही पलों में मुझे लंड चूसना अच्छा लगने लगा. मैंने कम से कम 20 मिनट उनका लंड पूरा चूसा.

    अब उनका मूसल सा लंड एकदम हार्ड हो गया था.. मेरी लार से.. और उनके रस से, उनका पूरा लंड चिकना हुआ पड़ा चमक रहा था. इस समय वो मेरी चूत में उंगली डालकर सहला रहे थे, मेरी चूत भी एकदम गीली हो गई थी. मैं एकदम गरम हो गई थी.

    फिर उन्होंने मुझसे बोला- अब लेट जाओ सीमा रानी.. मैं लंड अन्दर डालता हूँ. मैं अपने पैर खोल कर चित हो गई. फिर वो मेरे ऊपर आकर बोले- सीमा मेरा वजन झेल लोगी ना? मैंने बोला- हां..

    जैसे उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा, मैंने अपने हाथ से उसे थोड़ा सा अपनी चूत पे घिसते हुए लंड को चुत के होल के ऊपर रखा और उनको धीरे से बोला- हां अब डालो. उन्होंने लंड को अन्दर डालने की जैसे ही कोशिश की, मेरे मुँह से ज़ोर से चीख निकल गई- बाप रे ईई.. मर गईईई.. कोई बचाओ.. फिर भी उन्होंने एक ज़ोर से झटका मार दिया. मेरी चूत तो जैसे फटी जा रही थी. ऐसा लग रहा था कि आज किसी ने गरम सरिया मेरी चूत में पेल दिया हो.

    मैं लगभग बेहोश हो गई थी. फिर वो थोड़ी देर रुके, फिर एक ज़ोर से झटका मारा. मैंने मरी सी आवाज में बोला- अभी कितना गया? उन्होंने बोला- आधा गया है.. अब एक ही झटके में पूरा घुस जाएगा सीमा. यह कहते ही उन्होंने एक ज़ोर से झटका दे मारा, मेरी आँख से आँसू निकल गए. उनका पूरा मूसल लंड मेरी चूत के अन्दर चीरता हुआ चला गया.

    मैं दर्द से कलप उठी. करीब 5 मिनट वो ऐसे ही पड़े रहे. फिर धीरे धीरे उन्होंने मेरी चूत में लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया. कुछ देर के दर्द के बाद अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था. हां मेरी चूत के अन्दर बहुत जलन हो रही थी, दर्द भी बहुत ज्यादा था, अब खूब मज़ा भी आने लगा था.

    वो मेरे ऊपर ही चढ़े हुए मुझे ज़ोर ज़ोर से चोद रहे थे.. साथ में मेरे बूब्स को भी दबा रहे थे. मैं उनकी पीठ सहलाती जा रही थी. मेरे मुँह से मस्त कामुक आवाजें निकल रही थीं- उहह.. अहह..

    कुछ देर की मस्त चुदाई से हम दोनों के बदन एकदम पसीने से भीग गए थे. वे मुझे पेलते हुए बोले- सीमा तुम मेरी लाइफ में 22 वीं औरत हो, जिसे मैं चोद रहा हूँ.. लेकिन तुम जैसी इतनी कमाल कोई नहीं देखी.. आह.. क्या मस्त चूत है, साली लंड को छोड़ती ही नहीं है.. एकदम अन्दर पकड़ के रखा है.

    उनकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी और उनको चूम लिया. उन्होंने मुझे कम से कम 45 मिनट तक चोदा.. इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी. वे अब भी मुझे चोदने में लगे थे.

    वो तभी एकदम तेज हुए और बोले- अब मेरा निकलेगा.. आज पहली बार है सो चूत में ही निकालूँगा. तभी एक ज़ोर से गरम पिचकारी मेरी चूत में मुझे फील हुई और मेरी चूत पूरी भर गई. वो मेरे ऊपर ही छा गए. दस मिनट तक लंड को चुत में डालकर पड़े रहे. नीचे मेरी चूत से रस बह रहा था.

    फिर वो मेरे ऊपर से उतरे, देखा नीचे मेरे वाइट पेटीकोट पर बहुत खून निकला हुआ था.. उनका वीर्य भी था. वो खुश होकर बोले- देखो, ये सच्ची सुहागरात हुई.

    उन्होंने अपने दोस्त को कॉल किया कि रीना को भेजो, मेरी सीमा उसको ये पेटीकोट, उसकी सुहागरात की निशानी देना चाहती है. वे मुझे चूमते हुए बोले- जाओ थोड़ा दरवाजा खोलकर तुम ये रीना को देकर आओ.

    मैं जरा लंगड़ाते नंगी ही गई, थोड़ा दरवाजा खोला तो बाहर से रीना बोली- बधाई हो सीमा.. उसने मेरे हाथ से पेटीकोट लिया और चली गई. वो जाते हुए बोली- पूरी रात के लिए बेस्ट ऑफ लक.

    उस रात उन्होंने मुझे पूरी रात में 5 बार चोदा. मैं सुबह उठ ही नहीं पा रही थी, इतना दर्द हो रहा था.

    वैसे ही दूसरे दिन भी उन्होंने मुझे 5 बार चोदा.

    इसके बाद मुझे विदाई मिली, बहुत सारे जेवर, रुपए और सबसे बड़ी बात मेरी चूत को संतुष्टि मिली.

    One glimpse

    Second submission from the same follower for all my followers. 

    One glimpse of a wide, hair-matted chest, the merest hint of a jutting arousal was all she had before he planted his hands very deliberately alongside her body. Fionna smothered a sound of disappointment. Maidenly honest be damned, she'd wanted to see for herself the part of him that- The thought was cut abruptly short when he stretched out above her. Skin against skin. Breasts against chest. Belly to belly. There was not an inch of her body that wasn't engulfed by his. Had he not propped himself up on his elbows, his weight would have been intolerable. He kissed her again, and she sensed his struggle to keep his desire in check. A little playfully- no, perhaps naughtily- she ran her toe up and down the knotted muscles of his calf. Aidan lifted his head. Now he was the one who gave a hoarse laugh. "Do you toy with me, you little witch?" The shift in her leg had also made her breathtakingly aware of the steely erection that lay thick and hard against her belly... as well as the twin fullness that lay below.”

    Soft cock and soft heart

    We tend to think that lovemaking requires a hard cock. As soon as the man is no longer erect most couples end the lovemaking. Of course if he ejaculated he will have the refractory period as there is a loss of energy. But if he didn’t ejaculate and the cock is soft - is it the sign to stop? My invitation is to reframe the idea that to make love you need to be hard. My invitation is to learn to trust the intelligence of the body. When the cock becomes soft don’t label it as a failure or end. Stay with it and find new ways of making love. Find the edge that this softness is inviting you to. Feel the vulnerability of it. A woman whose vagina is activated will be able to have a lot of pleasure from a soft cock. It feels a bit like having a man’s heart in your pussy ♥️ Of course it is not always possible to do if you have to use a condom... So do make your conscious choices. ♥️It is a soft heart that allows a soft cock.♥️ But can you handle the intensity of a soft heart?

    Your vibrator is not your friend

    Vibrators might give lots of pleasure, but let’s face it: the degree of stimulation that they offer is far more intense than what happens during intercourse. Some women tend to develop an addiction to intense stimulation, and then don’t feel much during sex.

    But that’s only half of the problem! What’s even worse is that if used regularly, the stimulation provided by vibrators is having a seriously numbing effect and it is greatly affecting our orgasmic potential.

    In our natural state, we are designed to feel pleasure all the time! Even the slightest sensation can be pleasurable. Especially in the vagina! She is our ultimate receptacle, she is meant to feel delicious and pleasurable (when she is in communion with our hearts of course!). Your yoni could go into an orgasm from just one squeeze of the muscles!

    If you feel that you have already de-sensitised yourself through either intense stimulation, OR inadequate amount of stimulation (it also is a thing!) - fear not! It is not irreversible.

    Like someone who desensitised myself greatly in the past I can assure you that you can be totally orgasmic and highly sensitive, just like you are designed to.

    I was so stoked that I could go from being de-sensitised and non-orgasmic to being fully orgasmic and even educating people about it

    सिमरन गुप्ता की कहानी उसी की जुबानी 

    बात इसी रविवार की है, एक बडा मजेदार वाकया हुअा। मेरी अाफिस की छुट्टी थी शाम काे तकरीबन 6 बजे हमारा यूं ही धूमने का मूड हुअा, मैं अाैर सिमरन महानगर की तरफ निकल पडे लगभग 7- 7:30 का समय रहा हाेगा कि हमारी नजर एक अंडरगारमेंट की दुकान पर पडी, मैने सिमरन से कहां कि चलाे कुछ अंडरगारमेंट खरीद लेते हैं, मैं अाैर सिमरन दुकान पर पहुंच गये, दुकान का फ्रंट शीशे से लाक था डाेर खाेलकर हम अंदर दाखिल हुए, दुकान में एक खुबसूरत लडका मुश्किल से 26-27 साल का काउन्टर पर बैठा था, दुकान पर वही अकेला था। मैने उससे अपने लिए दाे अंडरवियर खरीदे, मैने एक चीज नाेटिस की कि उसकी नजर बार बार सिमरन के बदन काे धूर रही थी, फिर मैने उससे पूछा कि क्या फैंसी फिमेल अंडर गारमेंट भी मिल जाएंगे क्या, उसने पूछा सर किसके लिए, ताे मैने सिमरन की तरफ इशारा करके कहां कि माेहतरमा के लिए, उसने 3-4 फिमेल अंडर गारमेंट सामने रख दिया, लेकिन मैने उससे मुस्कुरा कहां कि मुझे कुछ मार्डन टाइप चाहिए, उसने मुस्कुराकर कहा सर ट्रासपैरेंट टाइप.. मैने कहा हां, फिर क्या बंदा झट से काउंटर के नीचे की तरफ से 5-6 डिब्बे निकाल लाया, अाैर एक से बढकर एक ब्रा पैंटी दिखाने लगा, मैने अाैर सिमरन ने दाे ब्रा पैंटी सलेक्ट किया, फिर मैने सिमरन से कहा कि यार इसका साइज चेक कर लाे, सिमरन भी मस्ती के मूड में थी झटपट ब्रा पैंटी लेकर चेंज रूम में चली गयी, लगभग 4-5 मिनट बाद सिमरन ने चेज रूम से अावाज लगार्इ, ताे मैं वहा पहुंच गया, ब्रा पैंटी में सिमरन मस्त मस्त लग रही थी, तभी मैने दुकान वाले लडके से बाेला यार किया जरा वाे दाेना पीस भी पकडा दाे जाे काउन्टर पर पडा है, वाे ब्रा पैंटी लेकर चेज रूम के पास अा गया, सिमरन काे ब्रा पैंटी में देखकर उसकी अांखे चाैडी हाे गर्इ मैने यह नाेटिस किया, सिमरन भी मेरी तरफ देखकर हल्का मुस्कुरार्इ, मैने लडके से मजाक में पूछा कि मैडम इस पीस में कैसी लग रही हैं, उसने बहुत ही अदब से जवाब दिया कि सर बहुत अच्छी लग रही हैं, हमने नाेटिस किया कि उसका सामान पैंट के अंदर हिलाेर मार रहा था, खैर मैंने सिमरन से कहा कि तुम दूसरे पीस चेक कराे मैं जरा एक सिगरेट पी लेता हूं, मैं सिगरेट पीने दुकान के बाहर अा गया, उधर सिमरन ने दुकान वाले का अावाज लगाकर रिक्वेस्ट किया कि वाे उसकी ब्रा की डाेर बांध दे क्याेंकि सिमरन का हाथ पीछ नही पहुंच रहा था, सिमरन भी शरारत के मूड में थी, बेचारा सीधा साधा लडका कांपते हाथाें से सिमरन की ब्रा की डाेर बांध रहा था, सिमरन जान बूझ कर अपना बदन उससे रगड रही थी, एक दाे बार सिमरन से अपना बैक लडके के पैंट के पास ले जाकर रगड दिया, लडके की हालत खराब हाे रही थी, खैर तब तक मैं सिगरेट पीकर मैं अंदर अा गया था, मैने उस लडके से पूछा मैंडम पर सबसे अच्छा पीस काैन सा लग रहा है, उसने कहा सर सभी अच्छे लग रहे हैं, मैंने कहा यार शरमाअाे नही किसमें मैडम सबसे सेक्सी लग रही हैं साफ साफ बताअाे वही खरीद लेता हूं, उसने परपल पीस वाले पर हाथ रखा, मैने सिमरन से कहा कि यार ये वाला उतार कर फिर से परपल वाला पहनकर दिखाअाे, सिमरन ने हम दाेनाे के सामने ही ब्लू वाली ब्रा उतारकर परपल वाली पहन ली, दुकान वाले की हवा निकली जा रही थी, जैसे ही सिमरन पैंटी उतारने लगी उसने मुंह काउंटर कि तरफ मुंह धुमा लिया, सिमरन ने मुझे देखकर अांख मारी, मैं भी मुस्कुरा कर रहा गया, खैर सिमरन ने परपल वाला पीस पहन लिया ताे मैने भी उस लडके काे काम्लीमेंट दिया, वाह यार क्या सही पीस सलेक्ट किया है तुमने अाज रात मैडम यही पीस पहनेंगी ताे मजा अा जाएगा, वाे बेचारा मुस्कुरा कर रह गया, वह समझ नही पा रहा था कि हम बेशर्माें के सामने क्या करें। सिमरन ने धीरे से माैका पाकर उसके पैंट पर हाथ फेर दिया अाैर उसका सामान दबा दिया, लडका समझ नही पा रहा था कि वह कैसे रिएक्ट करें, एसी में उसके पसीने छूट रहे थे, तभी मैने बाेला यार मैं जरा एक अाैर सिगरेट पीकर अाता हूं, बस फिर क्या लडका माैका पाकर सिमरन के उपर टूट पडा चेंज रूम में ही वह सिमरन की चूचियां दबाने लगा, चूसने लगा अाैर पैंटी में हाथ डाल डालकर रगडने लगा, सिमरन भी गरम हाे गर्इ थी, उसने भी उसका सामान पैंट से बाहर निकालकर रगडना शुरू कर दिया, करीब 3-4 मिनट तक यही दाैर चलता रहा, मेरे दुकान में एंट्री करते ही लडका अपना कपडा ठीक करके काउंटर पर अा गया जैसे मुझे कुछ पता ही ना हाे, सिमरन भी अपने कपडे पहनकर काउंटर पर अा गर्इ, मैने पूछा भार्इ कितने पैसे हुए ताे उसने कहा सर मैंडम ने पेमेंट कर दिया है, मैने साेचा यार मैडम ताे चेंज रूम में थी पेमेंट कब किया, खैर हम चलने काे हुए ताे उसने एक खुबसूरत नार्इटी गिफ्ट करते हुए कहा कि सर अाप लाेग पहली बार मेरी दुकान पर अाए है साे मेरी तरफ से फ्री गिफ्ट, उसने कहा अाप लाेग फिर कब अायेंगे मैने कहा जल्द ही...अाैर फिर हम अपने घर की तरफ वापस निकल पडे। रास्ते भर सिमरन उसके किस्से सुना सुना कर हंसती रही। अगर अाप लाेग भी दुकान या अाफिस में अकेले रहते हैं ताे मुझे बताइये, हम अापकी जगह पर अचानक पहुंच कर अापकाे इसी तरह हैरान परेशान कर देंगे।

    Relaxed arousal 

    People tend to think that in order to feel pleasure we must create sensation through stimulation. Stimulation may vary: from playing with feathers to very rough handling of genitals, watching porn and fantasising. I don’t recommend watching porn and use intense stimulation of genitals, I don’t recommend vibrators to anyone. What all these things do with time is de-sensitise us. Otherwise, sensation play is a wonderful thing, you can explore different forms of touch, the response of your senses to various types of stimulation, yet there is another way to be aroused. It is called RELAXED AROUSAL. Relaxed arousal implies returning to our innate eroticism, relaxing the body AND the mind, and experiencing the body as naturally erotic. In my book Liberation into Orgasm I keep repeating that orgasm would be our natural state if we were not blocking it. You can be it a state of relaxed arousal when you are by yourself and are simply open to your body’s natural ways of moving, breathing and sounding. You can also be in it together with a partner. This is absolutely delicious! The key to being in the state of relaxed arousal is REALLY dropping even the slightest agenda of how you want things to be. You need to even let go of the need to make things happen or make it exciting. For relaxed arousal to happen you need to be willing to surrender to the unknown. Be willing to trust the innate wisdom of your body, and focus on only relaxing and... listening. In fact not knowing is confronting. Because not knowing, not following the thing that worked in the past and that made you or your lover go crazy... is throwing you into silence. And being one on one with your silence is THE most confronting thing. Activities, endless conversations, rushing from one place to the other, even our constant thoughts - all designed to avoid the unbearable silence. But what if we let it all drop?..

    The art of pulling our when to end LOVE MAKING? 

    There is a growing awareness about the importance of taking time when approaching the Yoni (the vagina). I posted about it a couple of days ago.

    But what about pulling out? Many women (and some men) have had the experience of not only being entered prematurely, but also being left prematurely. This is relevant to intercourse, and other forms of intimacy, as well as to the closing of a relationship/separation, be it with someone you spent only one night with or years together. Usually sex ends with ejaculation of the male partner. He ejaculates, pulls the lingam (penis) out of the yoni (vagina), it is perhaps followed by a moment of cuddles and voilá.

    And the yoni… is left exposed, vulnerable, raw and open. The woman either feels numbed and empty, or silently frustrated. So what does a conscious pulling out look like? It includes: 1. Providing time and space to let the closing happen naturally. If you are an anxious type, I know it may be hard to stay present. But, don’t worry, I guarantee a natural closing will happen. The less you rush it, the sooner it will actually occur. Here is a very simple practical piece of advice for sex: Before entering a yoni feel into whether she is open and inviting. If you cannot feel – ask.Before leaving a yoni feel whether she is ready for you to go. If you cannot feel – ask. The best way to end the intercourse is to keep the genitals together, let the erection go down naturally, and still stay “plugged in” after the erection is gone. Then you will feel that the lingam naturally slides out of the yoni, or the woman will feel when she is ready to release him and she will gently push him out. This provides such a warm field of connection, nourishment and intimacy. This of course ties in with the subject of ejaculation mastery. Which I have written about too. If the man has ejaculated don’t let that be a reason to disconnect. I recommend that you keep your bodies close and the man covers the Yoni with his hand and holds her like that for a while. Wait until your bodies naturally feel ready to separate. 2. Calling your partner the morning after intimacy/sex. It such a simple gesture, and it can be just a small text saying “thank you”, yet it offers a great deal of a sense of being held and cared for. Being with a partner who honors these things provides such a deep sense of care. This care is actually a superpower, so lacking in this world. Sleepy, unconscious parts of us have no idea what care means. *We can only understand what real care means from parts of our consciousness that are really AWAKE.* Abrupt disconnection leaves a sense of in-completion and is much more likely to lead to neediness and clinginess.

    When is the right time to enter the mystery (yes, it’s about sex)

    There are many women who think that their libido is very low, but in most cases it is just the result of trying to have sex in a masculine way. Most of these women are trying to get into penetrative sex before they are fully aroused. Generally speaking, the male arousal is a yang type of arousal. And the female arousal is a yin type of arousal. It means that masculine sexual energy is like fire, it ignites in the center (the penis) and after that spreads out. And the feminine sexual energy is like water – it is collected from the edges, the limbs, from the heart and flows to the centre (the vagina). Men’s lingam can be touched without much foreplay. It is actually very nice to connect with the lingam first and then continue by spreading the pleasure and activating his chest, belly and limbs. In the case of women the yin energy proceeds from the edges, gradually moving inward and flowing downward towards the sex center. The yin energy needs to pass through the heart center before it descends lower. That’s why women find it generally harder to separate sex from love. Most women need to feel connected and safe, they need to feel their heart open before they can open up sexually. Which is not always the case for men. They can have sex with someone without much of an emotional or heart connection. Yoni and heart are similar — neither can be forced to open. You can’t force yourself to fall in love, and you can’t open your body by force. So naturally it means that women take longer than men to get aroused. But once you heat the water up it can stay hot for a long time. Also the more frequently you bring feminine erotic energy to the boil, the easier it will be to get activated the next day. If you touch the yoni too soon – she will contract, freeze and close up. But this is important to know not only to honour the feminine, this is equally important for the masculine. (Continued in comments) We need to understand that sex is not about his/her pleasure, it is about cultivating something that is beyond him or her, that is more than the sum of its parts… A field, that we can expand into together, and become infinitely vast. The erotic energy flows more naturally through someone who is deeply in touch with the feminine, which is often times women. And therefore when the woman is fully aroused, once her entire body is loved and worshipped, she will open her yoni, she will be fully orgasmic, and she will share the nectar of the depth of her being with her partner. When the entire system is activated women can access amazing arousal states and discover their deep erotic nature. Then the masculine partner will be able to ride her waves of pleasure and expand into the magnetic field of their union. So… the deeper he goes, the deeper she opens… it affects both. Dear men, please don’t rush your woman into penetration.� It does take presence and patience from you. If you offer her and her arousal plenty of time, it will come back to you tenfold. Dear women, please learn to listen to your body and communicate your needs. By only going half way, by not honoring the degree of your openness, you are stealing from both of you. Because if you go into penetration before you are actually ready, neither you nor he will have the opportunity to experience the real depth of what sexuality is.

    The man who walks with the healer~

    When a man chooses a woman who follows her calling, his only chance to maintain the connection is in following her… and above all in creating space for her to follow her own path. It may happen that he needs to abandon his own neediness, or that he finds a means of healing through their common path – but not in the gentlest manner. When a man chooses a woman who heals the collective wounds of the women by following her calling, his Yes for her equals a Yes to a bigger purpose far beyond building a house or raising children. Their connection goes beyond fulfilling the classical gender role models. For this man accepts the job of having the back of this woman, of catching her when she cannot transform the pain of the world anymore. It means for him to welcome a different form of sexuality, since healing on the level of sexuality is one of the most profound issues of the woman who needs to become a healer. For him this, again, is about welcoming slowness, softness and healing – about holding back or redirecting his own drive… about being present for the whole. Because when a man chooses a woman who aims for freedom, they can only achieve this together… and by him leaving his narcissistic aspects behind and recognizing the path of the woman as his own path towards freedom. When a man chooses a woman who is bigger, he cannot dwell in the places of energies of oppression or of playing small. He – if he chooses to take on this mission with her – accepts a task serving the well-being of all men, even though it happens in the background. Within this background he creates space of security, of keeping her safe from an ambush bred by his own old wounds, driving her into submission. When a man chooses a woman out of his fascination with her radiance and wisdom, it must be obvious to him that he cannot be stuck within his own deficits in a way that makes him want to diminish her radiance… purely out of fear of having to share her with others. When a man chooses a woman who follows her calling, he cannot fear these words: respect, humility and surrender. He will rather walk the path of divinity – alongside his woman, the healer – with gratitude and an overflowing heart. For such a woman will choose – if she ever needs to choose – in favour of the well-being of all women …and she will choose walking her path alone instead of leaving it for him. Nevertheless, she is aware of the power that lies in the presence of a man who is beating the drums… for her.

    Same sex partner

    I used to consider myself a very jealous person. I also had a lot of shame about it. Wherever I would show up with my partner I would check out all the women and mark some of them with a thought “danger”. I was constantly comparing myself to other women. And immediately finding all the ways in which they were better than me.

    Gosh, even remembering this is painful!

    It was my reality for many many years.

    Now I don’t consider myself a particularly jealous person. If I see a beautiful woman in a space, I have an appreciation for a sister who is not scared to shine.

    So what changed? How did I go from being totally insecure about pretty much all aspects of myself (appearance, intellect, social skills...) to feeling so cool around beautiful and powerful women.

    Well, a few things happened:

    1. I developed a deeper trust in the feminine (I have a post about it just a few posts earlier)

    2. I got very honest about my jealousy and insecurities and actually started openly sharing about them when they arise.

    3. My self worth increased dramatically through the inner work I’ve been doing.

    And perhaps the most powerful one: 4. I allowed myself to feel sexual attraction for women.

    Yep.

    The jealousy is usually rooted in a belief that we are excluded from a potential scenario. Like, if my guy falls for another woman and ends up getting intimate with her, there is no place for me.

    Which doesn’t have to be the case, unless I exclude myself from it.

    Once I allowed myself to feel my attraction for women and be comfortable in my bi-sexuality, women stopped being a threat. I started enjoying beautiful women as much as I’ve always enjoyed beautiful men. Also, I totally understand my man if he can’t take his eyes off of a beautiful woman. Usually neither do I. :) I have witnessed within myself and within many other people that once we’ve dealt with a major part of our sexual shame, deep down we all are bisexual. We might still have a preference, yet a thought of being erotic with a same sex person doesn’t feel shocking anymore.

    Have you ever had a connection with a same sex partner? What has changed after that? If not - would you ever be open to considering it?

    OH THOSE HAIR ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ I remember long time ago a lover made a comment about the prickly hair on my legs. It made me so freaking embarrassed. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Now I cannot imagine being intimate with someone who cannot accept me fully: with or without hair. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ If someone can’t cope with such a simple aspect of the humanness as hair, they sure can’t cope with rawness of untameable life. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ It wouldn’t be a problem if it didn’t mean they would never be able to cope with the greatest gift a woman can offer - the mesmerising wildness of the fullness of life that’s running through her. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ They will never be able to cope with her most raw unpolished emotional depth, with incredible orgasms where all stature, all decency is lost… ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ And it’s a tough task - to be with someone who only accepts the decent and boxable parts of you. I think it’s much better to be alone than with someone who cannot accept the totality of you. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ So if you want to participate fully in this incredible Ride called Life, and receive all her blessings, you better make peace with all aspects of it. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ And yes, including hair. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ We are people, we have hair in all sorts of different places. Hair doesn’t make you ugly. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Not loving yourself does. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Trying to fit into a polished image does. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Trying to look like a perfect barbie or ken does. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ In short: whether you should have hair or not - it’s up to you. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Also, it’s up to you whether you can make peace with humanness or not. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ Your own, and that of people around you. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀

    White Indian chick

    She is a tigress in bed. I myself have explored her when i was in Indian during 2015. After such a long time while checking my phone gallery i saw her pic. Decided, not to show her full pic and post it on my Tumblr. Her name is sonia, she is from Delhi. Very cooperative and supportive in Bed. She knows when and how to counter attack her male partner and that is her speciality.

    Riposte on behalf of all single male from a composed admirer of all beautiful girls (not yours) @ammysimone. Do read this post and decide who was wrong and who was deperate ?? For proof am attaching our conversation which he did not attached in his post.

    - NO, Not a dream bcz I’m living it. And we are not one of the daydreamers like you.

    ·         You are living it on cost of your wife, mind you am repeating again..ON COST OF YOUR WIFE. Without her you are just a fantasizer like other desolate, downcast and demoralize single (not all).

    - Rather then just copy pasting the same message to every couple, if you would have read our Description you would have understood we are not interested in Singles and certainly not a Submissive types. On the contrary, If you would have got an actual life you could have got a Women in your life and had an ACTUAL sex life rather then a VIRTUAL sex life where you have to beg and be dependent on someone to chat with you and make you cum.

    ·         Mate, am not complete idle like you, apart from this i have some other work also which i am sure you don't have. Furthermore, i believe in smart work rather than wasting my energy every time on drafting a new message for my would be friends.

    ·         I drafted this message and am using it, what is wrong in that. If you don't know this art..then please beat the bishop (your favorite time pass. :P). I sent you message after reading your elucidation on your account, as i was dead sure you are not straight...image which you already portrayed on your profile is totally different from real. When you had no intention to go further with me then why did you ask for my dick's pic.?? You wanted to check for you or for you wife ?? :P Lol.

    ·         See who is preaching me, lol. You are exposing yourself mate, i don't need to do anything. Really, i am seeking sex in virtual world...really ?? I mean, really. :D :). What are you doing mate ?? :P By posting your wife's semi nude and nude pics on your timeline. ?? Please don't forget to explain...:P

    ·         Seems, until now you have met with jerks only who got hard by mere chatting and talking on phone. Dude, i have a piece of advice for you..get rid of such premonition ideas about singles, would server you better in near future.

    ·         One more thing, submissive...lol. It does not suit you. I know you are submissive and you are consoling your self by saying others. It normally happens with people like you , dude. :P I won't mind. He hee heeh.

    - Talks a guy that’s more of an Online stalker wanting for sex. And what you crave for is called as Desperation and not Sensual excitement.

    ·         Oh my my, man what are you doing here..why don't you start a clinic ?? You can earn few bucks...that would help you to fulfill all your basic needs. :)

    ·         Whom you are calling stalkers they are admirers, followers and fans...don't forget. Without them their is no use of your profile and your wife's nudes on Tumblr. So, please stop cursing and bashing singles.

    ·         You already posted my message's screen shot on your TL..where did you see my desperation..don't forget to highlight.

    ·         I admit i yearn for class not for leeches like you.

    - Ladies in the couples on Tumblr here are living their life to the excitement bcz they are with a Guy who is Man enough to accept their Partners sexuality and convince her to explore it.

    ·         I am talking to you specifically so i would target you only..not rest. That is just an illusion dude, you have no option left apart from excepting her sexuality as you also wanted to explore other females. So please, kindly this MAN ENOUGH tag, don't use. You convinced her because you wanted to..without her..you know rest. :P :D

    - Says you … . . Who has zero self images and has just filled his Blog with other Tumblr post. And took a day to send a pic of his own penis that too completely holded in hand. WHY SO ??? IT SEEMS YOUR PENIS NEEDS YOUR HAND SUPPORT TO STAY ERECT.

    ·         What kind of image you want dude ?? :P :D. The way you put your wife's, naked videos and pics. What pinched you most in my profile ?? My zero image or there is no pic of my dick. lol. :P

    ·         Yes i took a day, because i am working and i need time to click my pic. I did not get time so i tried to sent you a GIF, which due to some technical error converted in an image. My phallus need what..please you don't bother. First you understand what is technical issue. :P

    - You need to take first step towards having an actual sex life other then Mastrubating bcz mastrubation isn’t a Sex life. People like you are mentally ill who are low in self confidence due to many rejections in their life and deprived of sex for a long time and end up online and social sites as pretending to be someone who they know they can’t be ever.

    ·         Enough of your lectures, are not you getting bored ???. How people bear you mate... i am feeling pity for people around you. :) See, who is calling me sick and mentally ill… get a life man, you need to visit a psychiatrist as you need it very badly. They will cure your disease and would help you to stop acting like a retard. You please don't talk about self confidence..it does not suit you. You are saying as if you have explored all singles. Man what a capacity you have, I must say. Did not you feel any pain in your ass. ?? 

    Regards

    Harddick21

    P.S:- I was expecting that you would not publish my reply on your timeline as you have no balls. I know you were not expecting such counter attack. I am gonna tear you apart which you would never expect in your life. You wait and watch. This time you messed with a wrong guy. 

    sexyshrutihot

    Diwali Cleaning 

    harddick21blog

    दिवाली के पटाखे 

    “इस दिवाली काश इस बम को जला पाता..” काफी प्रशंषकों के दिल की आवाज है ये. इस पटाखे को पटाके और फिर बेड पर पटक के इसे अपने राकेट से जलाने का मजा और इसे राकेट पर बिठा कर दूर कहीं ले जाकर क्लाइमेक्स पर जाने का मजा लोगो ने अपने सपने में उठा जरूर लिया होगा. इस पटाखे को जलाना आसान काम नहीं है, इसके लिए जिगर चाहिए क्यूंकि इस पटाखे की लौ और इस धमक बर्दाश्त कर पाना आसान नहीं मुश्किल है.